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267 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान की प्रक्रिया अटकी
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लखीमपुर खीरी। जिले की ग्राम पंचायतों में भुगतान की व्यवस्था पीएफएमएस से अगस्त में लागू की गई थी, जिसके बाद से अब तक 900 ग्राम पंचायतों में प्रक्रिया पूर्ण कराई जा सकी है। इनमें से अभी 300 ग्राम पंचायतें ही पीएफएमएस से भुगतान कर सकी हैं। जबकि 267 ग्राम पंचायतें अब तक पीएफएमएस से भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हो पाई हैं। तकनीकी दिक्कत को वजह बताया जा रहा है।
वर्ष 2019-20 में अगस्त में ग्राम पंचायतों के खातों पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद प्रिया साफ्ट की फीडिंग पूर्ण कराने और पीएफएमएस पर डीएससी पंजीकरण कराने वाली ग्राम पंचायतों में खाते खोले गए। धीरे-धीरे चार माह बीतने को हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 300 ग्राम पंचायतों में कामकाज पटरी पर आ सका है, जबकि 867 ग्राम पंचायतों में अब तक लेन-देन शुरू नहीं हो पाया है। अगले वर्ष ही पंचायत चुनाव कराए जाने हैं, जिससे प्रधानों की धड़कने बढ़ी हुई हैं। इस वर्ष कार्य न करा पाने से प्रधानों की किरकिरी हो रही है। आठ नवंबर से प्रिया साफ्ट पोर्टल में तकनीकी दिक्कत से फीडिंग का काम प्रभवित हुआ था। अब तक 900 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन 267 ग्राम पंचायतों में अभी भुगतान की प्रक्रिया अधर में लटकी है।
900 ग्राम पंचायतें पीएफएमएस से भुगतान करने में सक्षम हो गई हैं। 267 ग्राम पंचायतों में तकनीकी खामियों के चलते पीएफएमएस पर डीएससी का पंजीकरण नहीं हो पाया है। इसमें कुछ दिन और वक्त लग सकता है।
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-अजय कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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वर्ष 2019-20 में अगस्त में ग्राम पंचायतों के खातों पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद प्रिया साफ्ट की फीडिंग पूर्ण कराने और पीएफएमएस पर डीएससी पंजीकरण कराने वाली ग्राम पंचायतों में खाते खोले गए। धीरे-धीरे चार माह बीतने को हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 300 ग्राम पंचायतों में कामकाज पटरी पर आ सका है, जबकि 867 ग्राम पंचायतों में अब तक लेन-देन शुरू नहीं हो पाया है। अगले वर्ष ही पंचायत चुनाव कराए जाने हैं, जिससे प्रधानों की धड़कने बढ़ी हुई हैं। इस वर्ष कार्य न करा पाने से प्रधानों की किरकिरी हो रही है। आठ नवंबर से प्रिया साफ्ट पोर्टल में तकनीकी दिक्कत से फीडिंग का काम प्रभवित हुआ था। अब तक 900 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन 267 ग्राम पंचायतों में अभी भुगतान की प्रक्रिया अधर में लटकी है।
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900 ग्राम पंचायतें पीएफएमएस से भुगतान करने में सक्षम हो गई हैं। 267 ग्राम पंचायतों में तकनीकी खामियों के चलते पीएफएमएस पर डीएससी का पंजीकरण नहीं हो पाया है। इसमें कुछ दिन और वक्त लग सकता है।
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-अजय कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ