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पलिया तहसील प्रशासन के खिलाफ भड़के किसान
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पराली जलाने पर जुर्माने और किसानों से राजस्व वसूली को लेकर सख्ती को परेशान करने वाली कार्रवाई बताया
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नारेबाजी के साथ पहुंचे तहसील, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पलियाकलां। तहसील प्रशासन पराली जलाने और बकाया राजस्व वसूली को लेकर सख्त हो गया है। इससे गुस्साए किसानों ने प्रशासन पर कार्रवाई के नाम पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में शनिवार को किसानों ने बैठक की और इसके बाद जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे, यहां एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें बेवजह किसानों को परेशान न करने और बकाया गन्ना भुगतान किए जाने की मांग की।
तहसील में एसडीएम पूजा यादव को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि अगर किसान खेतों में पराली नहीं जलाए तो भारी मात्रा में निकलने वाली पराली को कहां रखे। किसानों का कहना है कि जुर्माने के नाम पर किसानों को थाने में बैठा दिया जाता है तो बकाया राजस्व वसूली के नाम पर उन्हें हड़काया जाता है। अगर ऐसा ही है तो गन्ना भुगतान कराएं जिसके बाद बैंकों का बकाया रुपया दिया जा सके। गन्ना भुगतान न होने के बाद भी बैंक मनमाने ढंग से आरसी काटकर तहसील प्रशासन को दे रहे हैं और तहसील प्रशासन बेवजह किसानों को परेशान कर रहा है। एसडीएम से किसानों ने पराली जलाने पर जुर्माने के नाम पर किसानों को बेवजह परेशान न करने के साथ ही बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने की मांग की।
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पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी हो रही क्षीण
मितौली-सिंकद्राबाद। ग्राम कोरैया तालुकेदारी में शनिवार को उप जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने ग्रामीणों को पराली जलाये जाने से होने वाले नुकसान और कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से प्रदूषण तो फैलता ही है साथ में मृदा की उर्वरा भी कम हो जाती, फसलों के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। पराली को इकट्ठा कर सड़ा कर खाद बनाने से दुगुना लाभ मिलता है। पराली जलाने पर अर्थदंड एवं एफआईआर से बचने के लिए पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अगर पराली अधिक हो तो उसे पड़ोस के निराश्रित गो आश्रय में दान कर सकते हैं। इस अवसर पर राजस्व निरीक्षक शैलेश अवस्थी, लेखपाल रिचा शुक्ला एवम सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे। संवाद
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तीन एकड़ गन्ना जला, एसडीएम से शिकायत
जंगबहादुरगंज। एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कोटा मुगल निवासी शमशाद पुत्र सरताज ने बताया कि 20 नवंबर को दिन में लगभग 12 बजे गांव के ही पड़ोसी खेत मालिक ने अपने खेत में धान की पराली जलाई। पड़ोसी खेत मालिक की लापरवाही से उसके खेत का तीन एकड़ में लगी गन्ने की पौध जल गई। भुक्तभोगी शमशाद की शिकायती पत्र पर तहसीलदार विकासधर दुबे ने पसगवां कोतवाली पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संवाद
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नारेबाजी के साथ पहुंचे तहसील, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पलियाकलां। तहसील प्रशासन पराली जलाने और बकाया राजस्व वसूली को लेकर सख्त हो गया है। इससे गुस्साए किसानों ने प्रशासन पर कार्रवाई के नाम पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में शनिवार को किसानों ने बैठक की और इसके बाद जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे, यहां एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें बेवजह किसानों को परेशान न करने और बकाया गन्ना भुगतान किए जाने की मांग की।
तहसील में एसडीएम पूजा यादव को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि अगर किसान खेतों में पराली नहीं जलाए तो भारी मात्रा में निकलने वाली पराली को कहां रखे। किसानों का कहना है कि जुर्माने के नाम पर किसानों को थाने में बैठा दिया जाता है तो बकाया राजस्व वसूली के नाम पर उन्हें हड़काया जाता है। अगर ऐसा ही है तो गन्ना भुगतान कराएं जिसके बाद बैंकों का बकाया रुपया दिया जा सके। गन्ना भुगतान न होने के बाद भी बैंक मनमाने ढंग से आरसी काटकर तहसील प्रशासन को दे रहे हैं और तहसील प्रशासन बेवजह किसानों को परेशान कर रहा है। एसडीएम से किसानों ने पराली जलाने पर जुर्माने के नाम पर किसानों को बेवजह परेशान न करने के साथ ही बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने की मांग की।
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पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी हो रही क्षीण
मितौली-सिंकद्राबाद। ग्राम कोरैया तालुकेदारी में शनिवार को उप जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने ग्रामीणों को पराली जलाये जाने से होने वाले नुकसान और कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से प्रदूषण तो फैलता ही है साथ में मृदा की उर्वरा भी कम हो जाती, फसलों के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। पराली को इकट्ठा कर सड़ा कर खाद बनाने से दुगुना लाभ मिलता है। पराली जलाने पर अर्थदंड एवं एफआईआर से बचने के लिए पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अगर पराली अधिक हो तो उसे पड़ोस के निराश्रित गो आश्रय में दान कर सकते हैं। इस अवसर पर राजस्व निरीक्षक शैलेश अवस्थी, लेखपाल रिचा शुक्ला एवम सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे। संवाद
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तीन एकड़ गन्ना जला, एसडीएम से शिकायत
जंगबहादुरगंज। एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कोटा मुगल निवासी शमशाद पुत्र सरताज ने बताया कि 20 नवंबर को दिन में लगभग 12 बजे गांव के ही पड़ोसी खेत मालिक ने अपने खेत में धान की पराली जलाई। पड़ोसी खेत मालिक की लापरवाही से उसके खेत का तीन एकड़ में लगी गन्ने की पौध जल गई। भुक्तभोगी शमशाद की शिकायती पत्र पर तहसीलदार विकासधर दुबे ने पसगवां कोतवाली पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संवाद