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निघासन की 66 ग्राम पंचायतों के खाते अगस्त से बंद, परेशान प्रधानों ने सांसद से लगाई गुहार
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लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) व्यवस्था लागू हुए छह माह बीत गए, लेकिन 1167 ग्राम पंचायतों में से 167 ग्राम पंचायतों के खाते अब तक बंद हैं। सबसे बुरा हाल निघासन ब्लॉक का हैं, जहां की सभी 66 ग्राम पंचायतों के खाते पीएफएमएस व्यवस्था से जुड़ नहीं पाए हैं। इससे ग्राम पंचायतों में छह माह से कामकाज ठप है, जिससे परेशान प्रधानों ने सोमवार को सांसद अजय मिश्र टेनी से मुलाकात कर खाते जल्द चालू कराने के लिए गुहार लगाई है। सांसद ने तुरंत डीएम से फोन पर वार्ता करके खाते शीघ्र चालू कराने के लिए कहा जिस पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने एक हफ्ते में खाते चालू कराने का आश्वासन दिया है।
निघासन ब्लॉक प्रधान संघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह केडी की अगुआई में प्रधानों के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद को ज्ञापन देकर कहा है कि ग्राम निधि प्रथम के खाते पांच अगस्त 2019 से पीएफएमएस व्यवस्था लागू होने के बाद से बंद हैं। अन्य ब्लॉकों में 70 से 80 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के खाते चालू हो गए हैं, लेकिन निघासन की सभी 66 ग्राम पंचायतों में खाते चालू न होने से विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। इसी वर्ष त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं, जिससे सभी प्रधान खुद को बैकफुट पर महसूस कर रहे हैं। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में ज्वाला प्रसाद, ध्रुव वर्मा, रामपाल, प्रमोद वर्मा, रामकुमार, नूरूल हसन, बलभद्र गुप्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद बैंक के ग्राम निधि खाते जिला मऊ से जुड़े
डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि निघासन की 66 ग्राम पंचायतों समेत अन्य ब्लॉकों की कुल 167 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस लागू नहीं होने से खाता संचालन बंद है। उन्होंने बताया है कि इलाहाबाद बैंक शाखा में खुले ग्राम निधि के खाते मऊ जिले में प्रदर्शित होने से तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। दोबारा खाते खुलवाने पर भी यही समस्या बनी हुई है। लखनऊ निदेशालय की टीम को तकनीकी समस्या को दूर कराने के लिए दिल्ली एनआईसी भेजा गया है, जल्द ही खाते चालू होंगे। उन्होंने बताया कि निघासन ब्लॉक की 66, लखीमपुर ब्लॉक की 22 ग्राम पंचायतों और गोला की नौ ग्राम पंचायतों समेत कुल 167 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस लागू होना शेष है। जबकि रमियाबेहड़ ब्लॉक की सभी 48 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस व्यवस्था लागू कराई जा चुकी है।
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निघासन ब्लॉक प्रधान संघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह केडी की अगुआई में प्रधानों के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद को ज्ञापन देकर कहा है कि ग्राम निधि प्रथम के खाते पांच अगस्त 2019 से पीएफएमएस व्यवस्था लागू होने के बाद से बंद हैं। अन्य ब्लॉकों में 70 से 80 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के खाते चालू हो गए हैं, लेकिन निघासन की सभी 66 ग्राम पंचायतों में खाते चालू न होने से विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। इसी वर्ष त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं, जिससे सभी प्रधान खुद को बैकफुट पर महसूस कर रहे हैं। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में ज्वाला प्रसाद, ध्रुव वर्मा, रामपाल, प्रमोद वर्मा, रामकुमार, नूरूल हसन, बलभद्र गुप्ता मौजूद रहे।
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इलाहाबाद बैंक के ग्राम निधि खाते जिला मऊ से जुड़े
डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि निघासन की 66 ग्राम पंचायतों समेत अन्य ब्लॉकों की कुल 167 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस लागू नहीं होने से खाता संचालन बंद है। उन्होंने बताया है कि इलाहाबाद बैंक शाखा में खुले ग्राम निधि के खाते मऊ जिले में प्रदर्शित होने से तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। दोबारा खाते खुलवाने पर भी यही समस्या बनी हुई है। लखनऊ निदेशालय की टीम को तकनीकी समस्या को दूर कराने के लिए दिल्ली एनआईसी भेजा गया है, जल्द ही खाते चालू होंगे। उन्होंने बताया कि निघासन ब्लॉक की 66, लखीमपुर ब्लॉक की 22 ग्राम पंचायतों और गोला की नौ ग्राम पंचायतों समेत कुल 167 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस लागू होना शेष है। जबकि रमियाबेहड़ ब्लॉक की सभी 48 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस व्यवस्था लागू कराई जा चुकी है।
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