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जोड़ियां बनाने में अपना खीरी सूबे में दूसरे नंबर पर
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लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 15 नवंबर से पहले शादियां कराने के मामले खीरी प्रथम स्थान पाने से चूक गया। शासन ने जो रैंक जारी की उसके मुताबिक 670 शादियां कराकर लखीमपुर खीरी दूसरे स्थान पर है। जबकि, 703 जोड़ों की शादी कराकर सहारनपुर प्रथम और बरेली जिला 632 जोड़ों की शादी कराकर तीसरे स्थान पर है।
अधिकारियों की माने तो सामूहिक विवाह को लेकर लोगों में धारणाएं बदलने के साथ ही इनकी संख्या में भी इजाफा हुआ है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराए जाने वाले वैवाहिक समारोह में जोड़ों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। खीरी जिले की बात करें तो सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई शादी में सबसे अधिक अनुसूचित जाति के जोड़े हैं जबकि सबसे कम सामान्य वर्ग के जोड़ों की शादी हुई है।
प्रति जोड़े पर शादी में खर्च हुए 51 हजार रुपये
सरकार प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च कर रही है। जिनमें से 45 हजार रुपये युवतियों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं और 10 हजार रुपये से जेवर और कपड़े खरीदने के लिए दिए जाते हैं। बाकी शेष छह हजार रुपये से विभाग द्वारा टेंट-खाना आदि की व्यवस्था की जाती है।
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अधिकारियों की माने तो सामूहिक विवाह को लेकर लोगों में धारणाएं बदलने के साथ ही इनकी संख्या में भी इजाफा हुआ है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराए जाने वाले वैवाहिक समारोह में जोड़ों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। खीरी जिले की बात करें तो सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई शादी में सबसे अधिक अनुसूचित जाति के जोड़े हैं जबकि सबसे कम सामान्य वर्ग के जोड़ों की शादी हुई है।
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प्रति जोड़े पर शादी में खर्च हुए 51 हजार रुपये
सरकार प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च कर रही है। जिनमें से 45 हजार रुपये युवतियों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं और 10 हजार रुपये से जेवर और कपड़े खरीदने के लिए दिए जाते हैं। बाकी शेष छह हजार रुपये से विभाग द्वारा टेंट-खाना आदि की व्यवस्था की जाती है।
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