{"_id":"5dfcd3e38ebc3e881a4755ad","slug":"civcamenities-lakhimpur-news-bly3888052183","type":"story","status":"publish","title_hn":"न टूटने वाले हैं और न डरने वाले हैं लेखपाल: जिलाध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न टूटने वाले हैं और न डरने वाले हैं लेखपाल: जिलाध्यक्ष
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेशीय लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों का धरना प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी रहा। जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बावजूद लेखपालों का जोश कम नहीं हुआ है, बल्कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद समेत विभिन्न विभागों के पांच संगठनों का समर्थन मिल गया है। जिलाध्यक्ष उदयभानु सिंह ने कहा कि लेखपाल अनुशासित ढंग से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन शासन हमारी बात नहीं सुन रहा है। लेखपालों पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। लेखपाल न टूटने वाले हैं और न डरने वाले हैं।
विलोबी मेमोरियल हॉल परिसर में धरने का संचालन दीपक वर्मा ने किया, जिसमें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष महंत सिंह, एजूकेशनल ऑफीसर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनुज शुक्ला, राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार पुष्कर, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष आकाश अवस्थी शामिल हुए। महंत सिंह ने कहा कि लेखपालों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस न ली गई, तो सभी आकस्मिक सेवाएं बाधित कर दी जाएंगी। लेखपालों की आठ सूत्री मांगों को सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपना-अपना समर्थन देने की घोषणा की। तहसील अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक धरना ऐसे ही चलता रहेगा। प्रदर्शन में दाताराम वर्मा, शिवबालक सिंह तोमर, अमित भारती, भूपेंद्र वर्मा, अतुल कुमार वाजपेयी, जगदीश प्रसाद ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
विलोबी मेमोरियल हॉल परिसर में धरने का संचालन दीपक वर्मा ने किया, जिसमें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष महंत सिंह, एजूकेशनल ऑफीसर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनुज शुक्ला, राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार पुष्कर, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष आकाश अवस्थी शामिल हुए। महंत सिंह ने कहा कि लेखपालों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस न ली गई, तो सभी आकस्मिक सेवाएं बाधित कर दी जाएंगी। लेखपालों की आठ सूत्री मांगों को सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपना-अपना समर्थन देने की घोषणा की। तहसील अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक धरना ऐसे ही चलता रहेगा। प्रदर्शन में दाताराम वर्मा, शिवबालक सिंह तोमर, अमित भारती, भूपेंद्र वर्मा, अतुल कुमार वाजपेयी, जगदीश प्रसाद ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन