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अघोषित कटौती से शहरवासी नाराज
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:35 PM IST
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लखीमपुर खीरी। गुरुवार को दिन में 11 बजे बिजली गायब हुई, जिसके बाद रात आठ बजे तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। इस अघोषित बिजली कटौती से दिन भर शहरवासी परेशान रहे। घरों के इनवर्टर भी जवाब दे गए, तो पानी की टंकियां भी खाली हो गईं। बिजली अधिकारियों ने फोन घनघनाते रहे, लेकिन अधिकारियों ने जवाब देना मुनासिब नहीं समझा, जिससे लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ा है।
छाउछ स्थित 132 केवी उपकेंद्र पर क्षतिग्रस्त 33 केवी बसबार और जंपर बदलने का काम गुरुवार से शुरू किया गया है, जो 17 दिसंबर 2017 तक चलेगा। अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने इस अवधि में 17 दिसंबर तक सुबह 11 बजे से अपरान्ह तीन बजे तक सप्लाई बाधित रहने का रोस्टर जारी किया है, लेकिन तीन बजे के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पा रही है, जिसके चलते शहर के उपकेंद्र नई बस्ती, गढ़ी उपकेंद्र, ईदगाह और कलक्ट्रेट स्थित उपकेंद्र पर अंधेरा पसरा रहा, जिससे पूरे शहर की सप्लाई बाधित रही। समाचार लिखे जाने तक बिजली सप्लाई चालू नहीं की जा सकी। अधिकारियों ने भी फोन बंद कर लिए हैं या फिर जवाब नहीं दे रहे हैं।
बांकेगंज। कस्बा सहित क्षेत्र में पिछले कई दिनों से चल रही अघोषित बिजली कटौती लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। इससे परेशान लोगों ने क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी से बृहस्पतिवार मुलाकात कर बदहाल बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
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कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र में अंधाधुंध बिजली कटौती की जा रही है। स्थिति यह है कि लोगो को 24 में मात्र पांच-छह घंटे ही बिजली मिल रही है। उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे हर कोई परेशान है। कटौती के कारण कस्बे के उद्योग-धंधे चौपट हो रहे है, जिससे लोगों में आक्रोश है। बिजली सप्लाई में अघोषित कटौती ने कस्बा सहित देहात के लोगों का गणित बिगाड़ दिया है। खासकर सुबह 4-5 घंटे की बिजली कटौती आम बात हो गई है। उपकेंद्र पर हालांकि 5-5 एवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर उपभोक्ताओं का लोड उठाने को पर्याप्त है, लेकिन सर्दी में गर्मी के मुकाबले लोड कम होने के बावजूद सप्लाई का शेड्यूल चरमरा गया है। इससे परेशान किसानों गुरदेव सिंह, सुक्खा सिंह, कौशल किशोर, विपिन शर्मा का कहना है कि बिजली न मिलने से उन्हें सिंचाई के लिए ट्यूबवेल की जगह इंजन या फिर पंपसेट का इस्तेमाल करने पर डीजल के रूप में उन्हें आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
इस बावत विधायक का कहना है कि सरकार की ओर से देहात को 18 व शहरी क्षेत्र को 22 घंटे बिजली सप्लाई का सर्कुलर जारी किया जा चुका है। यदि इसके बाद भी कटौती है तो साफ है कि अधिकारी कर्मचारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे बिजली अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बिजुआ। भीरा बिजली उपकेंद्र में कस्बे के फीडर की ट्राली में खराबी आने से बुधवार रात भर कस्बे की सप्लाई ठप रही। सुबह मुख्य चौराहे का ट्रांसफार्मर फुंकने से दिन में भी खराबी रही।
भीरा बिजली उपकेंद्र में ट्राली जल जाने से कस्बे की लाइन ठप रही। सुबह दस बजे के बाद दूसरी ट्राली से कस्बे की सप्लाई जोड़कर बिजली देने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। इसी बीच सदर चौराहे पर रखा मुख्य ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। जिसे दोपहर को ही जिला मुख्यालय भेज दिया गया। देर शाम को ट्रांसफार्मर बदलने का प्रयास चल रहा था।
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छाउछ स्थित 132 केवी उपकेंद्र पर क्षतिग्रस्त 33 केवी बसबार और जंपर बदलने का काम गुरुवार से शुरू किया गया है, जो 17 दिसंबर 2017 तक चलेगा। अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने इस अवधि में 17 दिसंबर तक सुबह 11 बजे से अपरान्ह तीन बजे तक सप्लाई बाधित रहने का रोस्टर जारी किया है, लेकिन तीन बजे के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पा रही है, जिसके चलते शहर के उपकेंद्र नई बस्ती, गढ़ी उपकेंद्र, ईदगाह और कलक्ट्रेट स्थित उपकेंद्र पर अंधेरा पसरा रहा, जिससे पूरे शहर की सप्लाई बाधित रही। समाचार लिखे जाने तक बिजली सप्लाई चालू नहीं की जा सकी। अधिकारियों ने भी फोन बंद कर लिए हैं या फिर जवाब नहीं दे रहे हैं।
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बांकेगंज। कस्बा सहित क्षेत्र में पिछले कई दिनों से चल रही अघोषित बिजली कटौती लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। इससे परेशान लोगों ने क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी से बृहस्पतिवार मुलाकात कर बदहाल बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
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कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र में अंधाधुंध बिजली कटौती की जा रही है। स्थिति यह है कि लोगो को 24 में मात्र पांच-छह घंटे ही बिजली मिल रही है। उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे हर कोई परेशान है। कटौती के कारण कस्बे के उद्योग-धंधे चौपट हो रहे है, जिससे लोगों में आक्रोश है। बिजली सप्लाई में अघोषित कटौती ने कस्बा सहित देहात के लोगों का गणित बिगाड़ दिया है। खासकर सुबह 4-5 घंटे की बिजली कटौती आम बात हो गई है। उपकेंद्र पर हालांकि 5-5 एवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर उपभोक्ताओं का लोड उठाने को पर्याप्त है, लेकिन सर्दी में गर्मी के मुकाबले लोड कम होने के बावजूद सप्लाई का शेड्यूल चरमरा गया है। इससे परेशान किसानों गुरदेव सिंह, सुक्खा सिंह, कौशल किशोर, विपिन शर्मा का कहना है कि बिजली न मिलने से उन्हें सिंचाई के लिए ट्यूबवेल की जगह इंजन या फिर पंपसेट का इस्तेमाल करने पर डीजल के रूप में उन्हें आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
इस बावत विधायक का कहना है कि सरकार की ओर से देहात को 18 व शहरी क्षेत्र को 22 घंटे बिजली सप्लाई का सर्कुलर जारी किया जा चुका है। यदि इसके बाद भी कटौती है तो साफ है कि अधिकारी कर्मचारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे बिजली अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बिजुआ। भीरा बिजली उपकेंद्र में कस्बे के फीडर की ट्राली में खराबी आने से बुधवार रात भर कस्बे की सप्लाई ठप रही। सुबह मुख्य चौराहे का ट्रांसफार्मर फुंकने से दिन में भी खराबी रही।
भीरा बिजली उपकेंद्र में ट्राली जल जाने से कस्बे की लाइन ठप रही। सुबह दस बजे के बाद दूसरी ट्राली से कस्बे की सप्लाई जोड़कर बिजली देने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। इसी बीच सदर चौराहे पर रखा मुख्य ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। जिसे दोपहर को ही जिला मुख्यालय भेज दिया गया। देर शाम को ट्रांसफार्मर बदलने का प्रयास चल रहा था।