जिगर के टुकड़े का सौदा: मां-बाप ने 30 हजार में बेच दिया बच्चा, नशेड़ी पिता और आशा बहू की घिनौनी करतूत आई सामने
पुलिस ने बताया कि नवजात बच्चे को बेचने के मामले में पुलिस ने दो दंपतियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। दो माह के बच्चे को बरामद कर उसे चाइल्ड लाइन की सुपुर्दगी में दिया गया है। बच्चे का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण चाइल्ड लाइन ने इलाज के लिए लखनऊ भेजा है।
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मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र की पुलिस चौकी रेहरिया के दुल्हापुर गांव निवासी एक व्यक्ति द्वारा बच्चा बेचे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से नाराज सिख समुदाय के लोग रविवार की शाम को रेहरिया चौकी पर एकत्र हो गए। मामले में एक आशा की भूमिका सामने आई है, जिसे पकड़ने के लिए दबिश दी गई। बच्चे को सोमवार को बरामद कर लिया गया है।
गांव दुल्हापुर निवासी जगतार सिंह ने अपने दो माह के बच्चे को ग्राम मूडागलिब निवासी आशा निर्मला देवी को करीब 30,000 रुपये में बेच दिया था। यह जानकारी सिख समुदाय को हुई, तो लोगों ने सामूहिक रूप से रेहरिया पुलिस चौकी इंचार्ज को प्रार्थना पत्र दिया।
भीड़ बढ़ने पर मोहम्मदी एसओ अंबर सिंह व सीओ अरविंद कुमार वर्मा आनन-फानन मौके पर पहुंचे और सिख समुदाय से बातचीत की। सिख समुदाय के लोगों का कहना है कि सिख समुदाय के बच्चे को मुस्लिम समुदाय को भेज दिया गया है। यह धर्म परिवर्तन होने का संकेत है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को बेचने और खरीदने वाले दोनों दंपतियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, आशा अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस ने मुस्लिम दंपति से बच्चा बरामद करने के बाद चाइल्ड लाइन की सुपुर्दगी में दिया है। चाइल्ड लाइन ने बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जिसके बाद उसे लखनऊ रेफर किया गया है। चाइल्ड लाइन सदस्य सुनील सोनी ने बताया कि बच्चे की स्थिति ठीक होते ही उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा।