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मुख्य वन संरक्षक पौधरोपण की धीमी गति पर नाराज
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 06 Jul 2015 07:26 PM IST
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मुख्य वनसंरक्षक डॉ. इवा शर्मा ने वन महोत्सव के तहत जिले में हुए पौधरोपण का जायजा लिया। उन्होंने मैगलगंज, महेशपुर और मैलानी रेंज में वन महोत्सव के तहत हुए पौधरोपण को देखा। मैलानी में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पौधरोपण की धीमी गति पर नाराजगी जताई और इसमें तेजी लाने को कहा।
मैगलगंज रेंज में खीरी नहर ब्रांच के किलोमीटर 110 से 122 के बीच 5000 पौधे लगाए गए हैं। यह पौधे तेज हवा और बरसात से झुक गए हैं। मुख्य वन सचिव डॉ. इवा शर्मा ने पौधारोपण का निरीक्षण करने के बाद पौधों को सपोर्ट देने के लिए डंडे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पौधरोपण की जगह पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए।
महेशपुर रेंज के कंपार्टमेंट नंबर छह विशोखर में नौ हेक्टेयर क्षेत्र में 9900 पौधे लगाए जाने हैं। यहां जो पौधे लगने से बच गए हैं, उन्हें जल्दी रोपने के के निर्देश दिए गए हैं। मैलानी रेंज के मध्य मैलानी भाग-1 में हरित पट्टी विकास योजना के तहत 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 6250 पौधे लगाए जाने हैं। इसी कंपार्टमेंट में सामाजिक वानिकी योजना के तहत 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 6250 पौधे लगाए जाने हैं। लेकिन दोनों में 12550 के सापेक्ष सिर्फ 7000 पौधे लगाए जा सके हैं।
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मैलानी में पौधारोपण की गति धीमी रहने पर मुख्य वन सरंक्षक डॉ. इवा शर्मा ने नाराजगी जताते हुए रेंज अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने हरित पट्टी और सामाजिक वानिकी के तहत इसी सप्ताह में पौधारोपण का काम पूरा करने को कहा। उन्होंने चेताया कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएफओ नीरज कुमार ने बताया कि दक्षिण खीरी वन प्रभाग में 524 हेक्टेयर क्षेत्र में तीन लाख 40 हजार पौधे रोपे जाने हैं। जबकि उत्तर खीरी वन प्रभाग में 791 हेक्टेयर क्षेत्र में 696000 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया गया है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि पूरे प्रदेश में जुलाई के पहले सप्ताह में ही दो करोड़ पौधे रोपित किए जाएं। इसमें जिला खीरी को 64000 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। यह लक्ष्य इसी सप्ताह पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
नहर पटरी पर लगाए 115 पौधे
बेहजम। वन महोत्सव के तहत खीरी ब्रांच नहर किनारे लीलाकुआं में 115 पेड़ लगाए गए। फारेस्टर रविकांत वर्मा ने बताया कि 40 कंजी, 40 शीशम, 25 जामुन, दो पाकड़, पांच नीम, एक कदंब, एक बहेड़ा और एक पीपल का पेड़ लगाया गया। इस मौके पर रेंजर एसएन यादव, डिप्टी रेंजर एसबी सिंह, प्रभात श्रीवास्तव, फारेस्ट गार्ड अभिषेक, प्रेम नरायन, रामजस गिरि और ग्राम प्रधान राजेश वर्मा समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
वन महोत्सव के तहत हुआ पौधरोपण
संपूर्णानगर। आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल मुरारखेड़ा में वन महोत्सव मनाया गया। जिसकी मुख्य अतिथि प्रदेश की मुख्य वन संरक्षक डॉ. इवा शर्मा रहीं। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा कि पौधरोपण कर सेवा करें और इसको अभियान के रूप में लें तभी सप्ताह सार्थक होगा। उन्होंने बताया कि वनों का इस्तेमाल प्राचीन काल से होता आया है। इससे ईंधन समेत कई आवश्यकताएं पूरी होती हैं। वहीं इलाज के लिए जड़ी-बूटियां भी मिलती हैं। ब्लाक प्रमुख गुरप्रीत सिंह जार्जी ने कहा कि आक्सीजन हमें वृक्षों से मिलती हैं। जितनी आक्सीजन उनसे मिलती है उतनी अन्य किसी साधन से नही मिलती है। उन्होंने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इससे पूर्व छात्र-छात्राओं ने वृक्षों पर आधारित नृत्य पेश किया और वन महोत्सव के बारे मेें बताया कि 1950 में केंद्रीय मंत्री कन्हैया लाल ने महोत्सव की शुरूआत की थी। मुख्य वन संरक्षक ने विद्यालय के बच्चों के संग स्कूल में विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष लगाए। इस मौके पर डीएफओ उत्तर खीरी जीपी सिंह, एसडीओ पलिया अशोक कुमार, एसडीओ निघासन एनएन पांडेय, वन क्षेत्राधिकारी आरके चतुर्वेदी, उड़नदस्ता प्रभारी वीके गुप्ता, चीनी मिल उपाध्यक्ष इंद्रदीप सिंह बटन, गन्ना समिति चेयर मैन दिलाकर जीत सिंह, एम फुरकान अंसारी, इश्तियाक खान, विद्यालय प्रबंधक गुरुकृपाल सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. नीलिमा रथ, दीपक सक्सेना समेत विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।
डीएफओ ने देखा पौधरोपण
बरवर। डीएफओ नीरज कुमार ने क्षेत्र में हो रहे पौधरोपण का औचक निरीक्षण कर वनकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मीरानपुर और दिलावर नगर वन क्षेत्र का भ्रमण किया। इस मौके पर रेंजर एच.एस.यादव, वन दरोगा, अखलाक खां, बीट प्रभारी शिव कुमार कश्यप, रामनरेश आदि वनकर्मी मौजूद रहे।
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मैगलगंज रेंज में खीरी नहर ब्रांच के किलोमीटर 110 से 122 के बीच 5000 पौधे लगाए गए हैं। यह पौधे तेज हवा और बरसात से झुक गए हैं। मुख्य वन सचिव डॉ. इवा शर्मा ने पौधारोपण का निरीक्षण करने के बाद पौधों को सपोर्ट देने के लिए डंडे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पौधरोपण की जगह पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए।
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महेशपुर रेंज के कंपार्टमेंट नंबर छह विशोखर में नौ हेक्टेयर क्षेत्र में 9900 पौधे लगाए जाने हैं। यहां जो पौधे लगने से बच गए हैं, उन्हें जल्दी रोपने के के निर्देश दिए गए हैं। मैलानी रेंज के मध्य मैलानी भाग-1 में हरित पट्टी विकास योजना के तहत 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 6250 पौधे लगाए जाने हैं। इसी कंपार्टमेंट में सामाजिक वानिकी योजना के तहत 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 6250 पौधे लगाए जाने हैं। लेकिन दोनों में 12550 के सापेक्ष सिर्फ 7000 पौधे लगाए जा सके हैं।
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मैलानी में पौधारोपण की गति धीमी रहने पर मुख्य वन सरंक्षक डॉ. इवा शर्मा ने नाराजगी जताते हुए रेंज अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने हरित पट्टी और सामाजिक वानिकी के तहत इसी सप्ताह में पौधारोपण का काम पूरा करने को कहा। उन्होंने चेताया कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएफओ नीरज कुमार ने बताया कि दक्षिण खीरी वन प्रभाग में 524 हेक्टेयर क्षेत्र में तीन लाख 40 हजार पौधे रोपे जाने हैं। जबकि उत्तर खीरी वन प्रभाग में 791 हेक्टेयर क्षेत्र में 696000 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया गया है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि पूरे प्रदेश में जुलाई के पहले सप्ताह में ही दो करोड़ पौधे रोपित किए जाएं। इसमें जिला खीरी को 64000 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। यह लक्ष्य इसी सप्ताह पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
नहर पटरी पर लगाए 115 पौधे
बेहजम। वन महोत्सव के तहत खीरी ब्रांच नहर किनारे लीलाकुआं में 115 पेड़ लगाए गए। फारेस्टर रविकांत वर्मा ने बताया कि 40 कंजी, 40 शीशम, 25 जामुन, दो पाकड़, पांच नीम, एक कदंब, एक बहेड़ा और एक पीपल का पेड़ लगाया गया। इस मौके पर रेंजर एसएन यादव, डिप्टी रेंजर एसबी सिंह, प्रभात श्रीवास्तव, फारेस्ट गार्ड अभिषेक, प्रेम नरायन, रामजस गिरि और ग्राम प्रधान राजेश वर्मा समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
वन महोत्सव के तहत हुआ पौधरोपण
संपूर्णानगर। आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल मुरारखेड़ा में वन महोत्सव मनाया गया। जिसकी मुख्य अतिथि प्रदेश की मुख्य वन संरक्षक डॉ. इवा शर्मा रहीं। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा कि पौधरोपण कर सेवा करें और इसको अभियान के रूप में लें तभी सप्ताह सार्थक होगा। उन्होंने बताया कि वनों का इस्तेमाल प्राचीन काल से होता आया है। इससे ईंधन समेत कई आवश्यकताएं पूरी होती हैं। वहीं इलाज के लिए जड़ी-बूटियां भी मिलती हैं। ब्लाक प्रमुख गुरप्रीत सिंह जार्जी ने कहा कि आक्सीजन हमें वृक्षों से मिलती हैं। जितनी आक्सीजन उनसे मिलती है उतनी अन्य किसी साधन से नही मिलती है। उन्होंने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इससे पूर्व छात्र-छात्राओं ने वृक्षों पर आधारित नृत्य पेश किया और वन महोत्सव के बारे मेें बताया कि 1950 में केंद्रीय मंत्री कन्हैया लाल ने महोत्सव की शुरूआत की थी। मुख्य वन संरक्षक ने विद्यालय के बच्चों के संग स्कूल में विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष लगाए। इस मौके पर डीएफओ उत्तर खीरी जीपी सिंह, एसडीओ पलिया अशोक कुमार, एसडीओ निघासन एनएन पांडेय, वन क्षेत्राधिकारी आरके चतुर्वेदी, उड़नदस्ता प्रभारी वीके गुप्ता, चीनी मिल उपाध्यक्ष इंद्रदीप सिंह बटन, गन्ना समिति चेयर मैन दिलाकर जीत सिंह, एम फुरकान अंसारी, इश्तियाक खान, विद्यालय प्रबंधक गुरुकृपाल सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. नीलिमा रथ, दीपक सक्सेना समेत विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।
डीएफओ ने देखा पौधरोपण
बरवर। डीएफओ नीरज कुमार ने क्षेत्र में हो रहे पौधरोपण का औचक निरीक्षण कर वनकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मीरानपुर और दिलावर नगर वन क्षेत्र का भ्रमण किया। इस मौके पर रेंजर एच.एस.यादव, वन दरोगा, अखलाक खां, बीट प्रभारी शिव कुमार कश्यप, रामनरेश आदि वनकर्मी मौजूद रहे।