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मूल्यांकन के पहले दिन की ज्वाइनिंग, नहीं चेक हुईं कॉपी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:35 PM IST
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मूल्यांकन
- फोटो : अमर उजाला
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बृहस्पतिवार से शुरू होना था मूल्यांकन कार्य
डीआईओएस ने बैठक कर दिए जरूरी दिशा निर्देश
बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य बृहस्पतिवार से जीआईसी और डीएस कॉलेज में शुरू होना था, लेकिन पहले दिन परीक्षकों की ज्वाइनिंग का ही सिलसिला चलता रहा। जीआईसी में 205 परीक्षक और 40 डीएचई सहित डीएस कॉलेज में 35 डीएचई और 225 परीक्षकों ने ज्वाइनिंग की। वहीं डीआईओएस ने परीक्षक और डीएचई को इलाहाबाद से मूल्याकंन कार्य के लिए आए दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। पहले दिन एक भी कॉपी नहीं जांची जा सकी।
मूल्यांकन कार्य को लेेकर जीआईसी और डीएस कॉलेज में बृहस्पतिवार को परीक्षकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले भर से आए शिक्षकों ने ने मूल्यांकन केंद्र जाकर ज्वाइनिंग की। इंटर के लिए बने जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 68 डीएचई के सापेक्ष 40 और 515 परीक्षकों के सापेक्ष 205 परीक्षकों ने और डीएस कॉलेज में 35 डीएचई और 225 परीक्षकों ने ज्वाइन किया। डीएस कॉलेज के प्रधानाचार्य उदय चंद्र ने बताया कि परीक्षकों की टोली बना दी गई हैं और किस विषय की कॉपियां किस रूम में चेक होंगी, इसकी सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई है, जिससे परीक्षकों को कोई असुविधा न हो। डीआईओएस ने जीआईसी और डीएस कॉलेज के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि परीक्षकों को किसी भी प्रकार असुविधा ना होने पाए। परीक्षकों के लिए पानी और चाय नाश्ता का भी ध्यान रखें।
परीक्षकों को मिलेगा मटके का ठंडा पानी
लखीमपुर खीरी। कॉपी जांचने के लिए आने वाले परीक्षकों को इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी मुहैया कराने के लिए जीआईसी में मटकों का प्रबंध किया गया है, जिससे इस भयंकर गर्मी में परीक्षक मटके के पाने से अपना गला तर सकें।
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डीआईओएस ने मूल्यांकन संबंधी दिए दिशा निर्देश
डीआईओएस डॉ.ओपी गुप्ता ने बृहस्पतिवार को परीक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें मूल्यांकन संबंधी इलाहाबाद बोर्ड से आए दिशा निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कॉपी जांचने में जल्दबाजी ना करें, क्योंकि इससे बच्चों को भविष्य जुड़ा है। कॉपी जांचने के बाद उसकी एक बार पुन: जांच अवश्य कर लें। उन्होंने बताया कि 15 प्रतिशत कॉपियां दुुबारा जांची जाएंगी। कॉपी जांचने में गलती मिलने की जिम्मेदारी परीक्षक की होगी।
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डीआईओएस ने बैठक कर दिए जरूरी दिशा निर्देश
बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य बृहस्पतिवार से जीआईसी और डीएस कॉलेज में शुरू होना था, लेकिन पहले दिन परीक्षकों की ज्वाइनिंग का ही सिलसिला चलता रहा। जीआईसी में 205 परीक्षक और 40 डीएचई सहित डीएस कॉलेज में 35 डीएचई और 225 परीक्षकों ने ज्वाइनिंग की। वहीं डीआईओएस ने परीक्षक और डीएचई को इलाहाबाद से मूल्याकंन कार्य के लिए आए दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। पहले दिन एक भी कॉपी नहीं जांची जा सकी।
मूल्यांकन कार्य को लेेकर जीआईसी और डीएस कॉलेज में बृहस्पतिवार को परीक्षकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले भर से आए शिक्षकों ने ने मूल्यांकन केंद्र जाकर ज्वाइनिंग की। इंटर के लिए बने जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 68 डीएचई के सापेक्ष 40 और 515 परीक्षकों के सापेक्ष 205 परीक्षकों ने और डीएस कॉलेज में 35 डीएचई और 225 परीक्षकों ने ज्वाइन किया। डीएस कॉलेज के प्रधानाचार्य उदय चंद्र ने बताया कि परीक्षकों की टोली बना दी गई हैं और किस विषय की कॉपियां किस रूम में चेक होंगी, इसकी सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई है, जिससे परीक्षकों को कोई असुविधा न हो। डीआईओएस ने जीआईसी और डीएस कॉलेज के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि परीक्षकों को किसी भी प्रकार असुविधा ना होने पाए। परीक्षकों के लिए पानी और चाय नाश्ता का भी ध्यान रखें।
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परीक्षकों को मिलेगा मटके का ठंडा पानी
लखीमपुर खीरी। कॉपी जांचने के लिए आने वाले परीक्षकों को इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी मुहैया कराने के लिए जीआईसी में मटकों का प्रबंध किया गया है, जिससे इस भयंकर गर्मी में परीक्षक मटके के पाने से अपना गला तर सकें।
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डीआईओएस ने मूल्यांकन संबंधी दिए दिशा निर्देश
डीआईओएस डॉ.ओपी गुप्ता ने बृहस्पतिवार को परीक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें मूल्यांकन संबंधी इलाहाबाद बोर्ड से आए दिशा निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कॉपी जांचने में जल्दबाजी ना करें, क्योंकि इससे बच्चों को भविष्य जुड़ा है। कॉपी जांचने के बाद उसकी एक बार पुन: जांच अवश्य कर लें। उन्होंने बताया कि 15 प्रतिशत कॉपियां दुुबारा जांची जाएंगी। कॉपी जांचने में गलती मिलने की जिम्मेदारी परीक्षक की होगी।