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सीएचसी पसगवां : एक बेड पर भर्ती किए जा रहे दो मरीज
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पसगवां। सीएचसी क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप नहीं थम रहा है। इसके अलावा मलेरिया के मरीज भी मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि मरीजों की बढ़ती संख्या से सीएचसी पर बेड कम पड़ने लगे हैं। ऐसे में एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
कहने के लिए सीएचसी 30 बेड की है, लेकिन मौजूदा समय में सिर्फ 17 बेड हैं। अधीक्षक का दावा है कि सीएचसी पर पूरे 30 बेड हैं। इसमें सात बेड लेबर रूम में, दस बेड जनरल वार्ड एवं पांच बेड का इमरजेंसी वार्ड में हैं। आठ बेड बुखार रोगियों के लिए रिजर्व हैं। क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्थित यह बन गई है कि एक बेड पर दो दो मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। सीएचसी के सूत्र बताते हैं कि अस्पताल में दवाओं तक का अभाव है। इसलिए मरीजों को पूरी दवा भी नहीं मिल पा रही है।
दवाओं की है कमी, इसलिए नहीं लगा पा रहे शिविर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा बताते हैं कि मरीजों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक तीस हजार की ओपीडी हुई थी, लेकिन इस बार 38 हजार मरीज देखे गए। गांवों में संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है, लेकिन दवाओं की कमी के चलते शिविर नहीं लग पा रहे हैं।
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कहने के लिए सीएचसी 30 बेड की है, लेकिन मौजूदा समय में सिर्फ 17 बेड हैं। अधीक्षक का दावा है कि सीएचसी पर पूरे 30 बेड हैं। इसमें सात बेड लेबर रूम में, दस बेड जनरल वार्ड एवं पांच बेड का इमरजेंसी वार्ड में हैं। आठ बेड बुखार रोगियों के लिए रिजर्व हैं। क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्थित यह बन गई है कि एक बेड पर दो दो मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। सीएचसी के सूत्र बताते हैं कि अस्पताल में दवाओं तक का अभाव है। इसलिए मरीजों को पूरी दवा भी नहीं मिल पा रही है।
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दवाओं की है कमी, इसलिए नहीं लगा पा रहे शिविर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी वर्मा बताते हैं कि मरीजों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक तीस हजार की ओपीडी हुई थी, लेकिन इस बार 38 हजार मरीज देखे गए। गांवों में संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है, लेकिन दवाओं की कमी के चलते शिविर नहीं लग पा रहे हैं।
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