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मास्टर माइंड समेत तीन नामों का पता तलाशना पुलिस की होगी चुनौती
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लखीमपुर खीरी। क्राइस्ट चर्च पर बम धमाके के मामले में एटीएस की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोबारा विवेचना शुरू करते हुए सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को उन हमलावरों की तलाश में छापे मारे, जिनके पते पुलिस को मिल चुके हैं। वहीं मास्टरमाइंड कमरु समेत तीन अन्य अभियुक्तों का पता लगाकर उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती भरा है।
पुराने एसपी बंगला के निकट मोहल्ला कपूरथला स्थित क्राइस्ट चर्च पर 17 सितंबर 2016 को दो बम धमाके हुए थे। सदर कोतवाली पुलिस ने चर्च प्रापर्टी इंचार्ज पादरी सीएल लायल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक मोहम्मद रफी आलम ने अभियुक्तों की पहचान न होने का कारण दिखाते हुए 12 अगस्त 17 को प्रकरण में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। वह भी तब जब विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजे गए अवशेषों की जांच में पोटेशियम क्लोरेट, क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फर पाया गया था। एंटी टेररिस्ट स्कवॉड (एटीएस) ने धमाकों को लेकर गंभीरता से जांच की तो सच्चाई सामने आ गई। एटीएस ने अपनी जांच में धौरहरा के जामिन व रामलाल भार्गव और निघासन के सज्जन अली के पते भी खोले थे, जबकि बहराइच के मास्टरमाइंड कमरू के अलावा गुड्डू व एक अन्य लखीमपुर के अफजल का पूरा पता वह नहीं जुटा पाई।
पुलिस एटीएस की जांच को दबाकर बैठी हुई थी। अमर उजाला ने तीन अक्तूूबर को ‘दो लाख के लालच में क्राइस्ट चर्च पर किए थे बम हमले’ शीर्षक से छापा था। इस पर एसपी पूनम ने गुरुवार को मामले की पुन: विवेचना करने के आदेश दिए। इस पर जांच जेल गेट चौकी इंचार्ज को सौंपी गई है। खासबात यह है कि एटीएस की मेहनत पुलिस अब खुद भुनाने में जुट गई। सदर कोतवाली पुलिस फिलहाल उन अभियुक्तों को पकड़ने में जुट गई हैं, जिनके पते एटीएस ने पता लगा लिये थे। इनके ठिकानों पर पुलिस ने छापे मारे हैं।
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पादरी बोले- पुलिस धमाके के उद्देश्य का करे खुलासा
पादरी सीएल लायल का कहना है कि चर्च में नान क्रिश्चियन भी आते हैं। हम शराब आदि बुराइयों से दूर रहने के लिए उन्हें शांत तरीके से प्रार्थना कराते हैं। कुछ लोग इसे धर्मांतरण बताकर मारपीट करते हैं। असांविधानिक तरीके से रिपोर्ट दर्ज कर प्रताड़ित करते हैं। पादरी ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह हमला इसी को लेकर किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करे। साथ ही यह साफ करे कि आखिर धमाका करने वालों का क्या उद्देश्य था। उसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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पुराने एसपी बंगला के निकट मोहल्ला कपूरथला स्थित क्राइस्ट चर्च पर 17 सितंबर 2016 को दो बम धमाके हुए थे। सदर कोतवाली पुलिस ने चर्च प्रापर्टी इंचार्ज पादरी सीएल लायल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक मोहम्मद रफी आलम ने अभियुक्तों की पहचान न होने का कारण दिखाते हुए 12 अगस्त 17 को प्रकरण में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। वह भी तब जब विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजे गए अवशेषों की जांच में पोटेशियम क्लोरेट, क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फर पाया गया था। एंटी टेररिस्ट स्कवॉड (एटीएस) ने धमाकों को लेकर गंभीरता से जांच की तो सच्चाई सामने आ गई। एटीएस ने अपनी जांच में धौरहरा के जामिन व रामलाल भार्गव और निघासन के सज्जन अली के पते भी खोले थे, जबकि बहराइच के मास्टरमाइंड कमरू के अलावा गुड्डू व एक अन्य लखीमपुर के अफजल का पूरा पता वह नहीं जुटा पाई।
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पुलिस एटीएस की जांच को दबाकर बैठी हुई थी। अमर उजाला ने तीन अक्तूूबर को ‘दो लाख के लालच में क्राइस्ट चर्च पर किए थे बम हमले’ शीर्षक से छापा था। इस पर एसपी पूनम ने गुरुवार को मामले की पुन: विवेचना करने के आदेश दिए। इस पर जांच जेल गेट चौकी इंचार्ज को सौंपी गई है। खासबात यह है कि एटीएस की मेहनत पुलिस अब खुद भुनाने में जुट गई। सदर कोतवाली पुलिस फिलहाल उन अभियुक्तों को पकड़ने में जुट गई हैं, जिनके पते एटीएस ने पता लगा लिये थे। इनके ठिकानों पर पुलिस ने छापे मारे हैं।
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पादरी बोले- पुलिस धमाके के उद्देश्य का करे खुलासा
पादरी सीएल लायल का कहना है कि चर्च में नान क्रिश्चियन भी आते हैं। हम शराब आदि बुराइयों से दूर रहने के लिए उन्हें शांत तरीके से प्रार्थना कराते हैं। कुछ लोग इसे धर्मांतरण बताकर मारपीट करते हैं। असांविधानिक तरीके से रिपोर्ट दर्ज कर प्रताड़ित करते हैं। पादरी ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह हमला इसी को लेकर किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करे। साथ ही यह साफ करे कि आखिर धमाका करने वालों का क्या उद्देश्य था। उसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।