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बदला मौसम का मिजाज, बर्फीली हवाओं से कांपी तराई
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:26 PM IST
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fogg
- फोटो : amar ujala
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जिले में शीतलहर का कहर जारी, जनजीवन अस्तव्यस्त
कोहरे की चादर से लिपटी रही शहर की सुबह
मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया है। पूरे जिले में शीतलहर का कहर जारी है। बुधवार को सुबह से छाए घने कोहरे के साथ बर्फीली हवा के थपेड़ों से लोग कांप उठे। दोपहर बाद कुछ देर के लिए घूप निकली लेकिन धूप में गर्मी न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पाई। सर्द हवाओं से गलन एकाएक बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है।
बुधवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरा इतना घना था कि लोगों को दिन में भी वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। बर्फीली हवाएं चलने से गलन अचानक बढ़ गई है। दोपहर करीब दो बजे हल्की धूप निकली लेकिन धूप में तपिश न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पाई। परेशान हाल लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या हीटर और अलाव से चिपके रहे।
कड़ाके की ठंड बीमारों और बुजुर्गों पर भारी पड़ रही हैं। बच्चों को ठंड से बचाना मुश्किल हो रहा है। बच्चे ही नहीं वयस्क भी सर्दी जनित बीमारियों जैसे विंटर डायरिया, न्यूमोनिया, सर्दी जुकाम बुखार आदि से पीड़ित हो रहे हैं। दिल और श्वांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर यह कड़ाके की ठंड भारी पड़ रही है।
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पलियाकलां। एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और इसके चलते ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं सूर्य के दीदार न होने से इसमें और भी इजाफा हो गया है। ठंड का प्रकोप बढ़ने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। मजदूरी पेशा लोगों को ठंड के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मझगईं। शीतलहर चलने के साथ और सूर्यदेवता के दर्शन न होने से इलाके में ठंड का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। भीषण पड़ रही ठंड के बाद भी प्रशासन ने अब तक नौगवां कस्बे में अलाव जलवाना मुनासिब नहीं समझा है। लोग ठंड से बचने के लिए कूड़ा करकट जलाकर आग तापने को विवश हैं। वहीं ठंड के चलते व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। ठंड होने के कारण के लोग बाजार नहीं आ रहे हैं। इससे बाजार में सन्नाटा है।
मैलानी। बर्फीली हवाएं चलने से यहां सर्दी और बढ़ गई है। सुबह से ही बारिश की फुहारों की मानिंद घना कोहरा पड़ना शुरू हो गया और पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। साथ ही शीतलहर का भी प्रकोप रहा। इससे लोग हांड़ कंपाने वाली सर्दी झेलने को मजबूर रहे। स्कूली बच्चे कंपकंपाते हुए स्कूल जाते दिखाई दिए। बाजार में भी ग्राहकों का अभाव रहा।
गोला गोकर्णनाथ। शीतलहर के कारण दो दिन से पारा काफी नीचे आ गया है जिससे मौसम सर्द होने से लोगों को परेशानी हुई है। सर्द मौसम में बच्चों, बूढ़ों ने गर्म कपड़ों में लिपटकर आग तापकर दिन गुजारा। कामकाजी लोगों को काम पर और स्कूली बच्चे को घने कोहरे के बीच विद्यालय ठिठुरते हुए जाना पड़ा। सुबह घने कोहरे में वाहनों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा।
मोहम्मदी। मंगलवार से बढ़ी शीतलहर से दूसरे दिन भी जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बुधवार को थोड़ी देर के लिए सूर्य देव के दर्शन हुए लेकिन चल रही बर्फीली हवाओं से कोई राहत नहीं मिल पाई। बुधवार पूरे दिन कोहरा छाए रहने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों को संख्या भी काफी प्रभावित रही। कंपकंपी छुड़ा देने वाली सर्दी से राहत के लिए पालिका प्रशासन द्वारा कई जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं।
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कोहरे की चादर से लिपटी रही शहर की सुबह
मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया है। पूरे जिले में शीतलहर का कहर जारी है। बुधवार को सुबह से छाए घने कोहरे के साथ बर्फीली हवा के थपेड़ों से लोग कांप उठे। दोपहर बाद कुछ देर के लिए घूप निकली लेकिन धूप में गर्मी न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पाई। सर्द हवाओं से गलन एकाएक बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है।
बुधवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरा इतना घना था कि लोगों को दिन में भी वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। बर्फीली हवाएं चलने से गलन अचानक बढ़ गई है। दोपहर करीब दो बजे हल्की धूप निकली लेकिन धूप में तपिश न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पाई। परेशान हाल लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या हीटर और अलाव से चिपके रहे।
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कड़ाके की ठंड बीमारों और बुजुर्गों पर भारी पड़ रही हैं। बच्चों को ठंड से बचाना मुश्किल हो रहा है। बच्चे ही नहीं वयस्क भी सर्दी जनित बीमारियों जैसे विंटर डायरिया, न्यूमोनिया, सर्दी जुकाम बुखार आदि से पीड़ित हो रहे हैं। दिल और श्वांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर यह कड़ाके की ठंड भारी पड़ रही है।
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पलियाकलां। एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और इसके चलते ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं सूर्य के दीदार न होने से इसमें और भी इजाफा हो गया है। ठंड का प्रकोप बढ़ने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। मजदूरी पेशा लोगों को ठंड के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मझगईं। शीतलहर चलने के साथ और सूर्यदेवता के दर्शन न होने से इलाके में ठंड का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। भीषण पड़ रही ठंड के बाद भी प्रशासन ने अब तक नौगवां कस्बे में अलाव जलवाना मुनासिब नहीं समझा है। लोग ठंड से बचने के लिए कूड़ा करकट जलाकर आग तापने को विवश हैं। वहीं ठंड के चलते व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। ठंड होने के कारण के लोग बाजार नहीं आ रहे हैं। इससे बाजार में सन्नाटा है।
मैलानी। बर्फीली हवाएं चलने से यहां सर्दी और बढ़ गई है। सुबह से ही बारिश की फुहारों की मानिंद घना कोहरा पड़ना शुरू हो गया और पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। साथ ही शीतलहर का भी प्रकोप रहा। इससे लोग हांड़ कंपाने वाली सर्दी झेलने को मजबूर रहे। स्कूली बच्चे कंपकंपाते हुए स्कूल जाते दिखाई दिए। बाजार में भी ग्राहकों का अभाव रहा।
गोला गोकर्णनाथ। शीतलहर के कारण दो दिन से पारा काफी नीचे आ गया है जिससे मौसम सर्द होने से लोगों को परेशानी हुई है। सर्द मौसम में बच्चों, बूढ़ों ने गर्म कपड़ों में लिपटकर आग तापकर दिन गुजारा। कामकाजी लोगों को काम पर और स्कूली बच्चे को घने कोहरे के बीच विद्यालय ठिठुरते हुए जाना पड़ा। सुबह घने कोहरे में वाहनों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा।
मोहम्मदी। मंगलवार से बढ़ी शीतलहर से दूसरे दिन भी जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बुधवार को थोड़ी देर के लिए सूर्य देव के दर्शन हुए लेकिन चल रही बर्फीली हवाओं से कोई राहत नहीं मिल पाई। बुधवार पूरे दिन कोहरा छाए रहने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों को संख्या भी काफी प्रभावित रही। कंपकंपी छुड़ा देने वाली सर्दी से राहत के लिए पालिका प्रशासन द्वारा कई जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं।