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यहां मिलता काम तो बाहर मजदूरी करने की नहीं आती नौबत

Tue, 09 Feb 2021 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2021 12:44 AM IST
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chamoli jal pralay
निघासन में एक मजदूर के घर के बाहर मौजूद लोग। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
निघासन। चमोली हादसे में इलाके के 34 लोगों के लापता होने और दो की मौत होने के बाद भूलनपुर, इच्छानगर, भैरमपुरस बाबूपुरवा समेत कई गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार समेत सभी के रिश्तेदार लापता लोगों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। परिवार वालों का कहना है कि अगर यहां काम मिलता तो बाहर करने की नौबत नहीं आती।
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परिवार के लोगों की आंखों में आंसुओं का सैलाब है, जो बस कातर दृष्टि से ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं, कि उनके अपने उस जानलेवा सैलाब से किसी तरह बच गए हों। हर किसी की जुबान पर यही शब्द हैं कि हे ईश्वर रक्षा करना। वहीं, साल भर पहले ब्याह कर गांव आई बाबूपुरवा की किरन अपने एक माह के बच्चे की ओर देखकर ईश्वर को धन्यवाद दे रही है कि शुक्र है उसका पति सुरक्षित है। वहीं, लापता मजदूरों के गांवों में लेखपालों की तैनाती की गई है। सिंगाही व तिकुनियां समेत कई जगह पुलिस लगाई गई है।
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एक साल बाद भी नहीं मिला भुगतान
निघासन। ब्लाक में 66 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें एक ग्राम पंचायत नगर पंचायत बनने के कारण नवंबर माह में कम हो गई है। मनरेगा के तहत ब्लाक कर्मचारियों का दावा है कि सभी को बराबर से काम दिया जाता है, जबकि समय से मजदूरी न मिलने और कम पैसा न होने के कारण लोगों को अपने परिवार का पेट पालने के लिए बाहर जाना पड़ता है। मनरेगा मजदूर भोली, मनीषा, श्रवण आदि ने बताया कि करीब एक साल पहले उन्होंने काम किया था, लेकिन उसका भुगतान अभी तक नहीं मिल पाया है।
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चहेते लोगों को ही दिया जाता है काम
मनरेगा में प्रधान, सचिव और ग्राम रोजगार सेवकों के चहेतों को ही काम दिया जाता है। वहीं, कुछ ऐसे लोग भी हैं जो काम करने के लिए नहीं जाते, लेकिन उनके खाते में बराबर पैसा आता रहता है। बताते हैं कि कुछ पैसा संबंधित व्यक्ति को देकर सारा पैसा निकाल कर ग्राम रोजगार सेवक खुद रख लेते हैं। इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए तो सच सामने आ जाएगा।
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नाबालिग भी कर रहे थे काम, उठे सवाल
उत्तराखंड के चमोली जिले में काम करने वाले राशिद, मुकेश, उमेश, अवधेश, हीरालाल, सूरज, अर्जुन आदि मजदूर नाबालिग हैं। उनको वहां पर काम करने के लिए अनुमति किसने दी यह जांच का विषय है।
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बेरोजगारी के कारण आधार कार्ड में करवाते हैं संशोधन
बेरोजगारी और खेती लायक जमीन न होने के कारण लोगों की बाहर काम करने की मजबूरी बनी हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि, आधार कार्ड में उम्र कम होने पर कस्बे की साइबर कैफे की दुकानों पर वह आधार कार्ड में अवैध तरीके से संशोधन कर, उसके जरिये काम पा लेते हैं।
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तीन गाड़ियों से करीब 14 लोग चमोली रवाना
भैरमपुर के निवर्तमान प्रधान संतोष, अशोक राठौर, मखबूल, शाहिद, कमल बहादुर, कुर्बान, मुल्लूराम, रामासरे, शब्बीर, सरताज समेत 14 लोग अपनों की पड़ताल में चमोली की ओर रवाना हो गए हैं।
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एक परिवार के छह लोग लापता
लालता ने बताया कि भाई-भतीजा समेत छह लोग उसके घर के लापता हैं, जिनमें कृष्ण, भतीजा राजू, उमेश, मुकेश का पुत्र अजय, भाई जगदीश का कहीं कोई पता नही चल सका है। वहीं, त्रासदी की ख़बर के बाद से पूरे के पूरे गांव में लोगों के घर चूल्हा तक नहीं जला है।

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कई गांवों में पहुंचे सपा नेता, बंधाया ढांढस
सपा नेता हिमांशु पटेल भूलनपुर, बाबूपुरवा, इच्छानगर आदि गांवों को पहुंचे और उन्होंने परिवार वालों को ढांढस बंधाते हुए उनके सुरक्षित घर वापस आने की कामना की। उन्होंने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि मनरेगा के तहत मजदूरों को काम मिलता तो वह बाहर काम करने के लिए नहीं जाते। सरकार ने लोगों से रोजगार छीनने का काम किया है। इस दौरान भंडारी यादव, ध्रुव मौर्य, रामकैलाश आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
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