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सीबीएसई : अंग्रेजी विषय का आसान पेपर देख खिले चेहरे
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लखीमपुर खीरी। सीबीएसई बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं के दूसरे टर्म की परीक्षाएं बुधवार से जिले में प्रारंभ हो गई। पहले दिन हाईस्कूल के अंग्रेजी विषय की परीक्षा 10 केंद्रों पर संपन्न हुई। कोविड गाइड लाइन का पालन कराते हुए सभी केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई।
दो साल बाद शुरू हुई बोर्ड परीक्षा को लेकर उत्साहित छात्र बोर्ड की ओर से निर्धारित समय सुबह नौ बजे केंद्रों पर पहुंच गए। शिक्षकों ने छात्रों की तलाशी लेकर परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति दी। आसान पेपर देखकर छात्रों के चेहरे खिल गए मगर समय की कम पड़ने से कुछ छात्र निराश हुए।
शांति पूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। इसके लिए शहर के चार और जिले भर में 10 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा कक्ष में भी छात्रों को कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए बैठाया गया।
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दो घंटे के समय ने छात्रों को किया निराश
परीक्षा देकर निकले मोहल्ला संकटा देवी निवासी छात्र प्रथम गुप्ता ने बताया कि पेपर आसान था। अधिकतर पढ़ा हुआ ही आया मगर दो घंटे का समय कम था। प्रश्न ज्यादा होने के कारण राइटिंग नहीं बन सकी।
नई बस्ती निवासी कविश सलूजा दो साल बाद शुरू हो रहे पेपर को लेकर बेहद खुशी थी। पेपर में पढ़ा हुआ मिलने पर यह दोगुनी हो गई लेकिन समय कम होने के कारण पेपर हल करने में दिक्कत भी हुई।
गांव सकेथू निवासी हर्षित वर्मा ने बताया कि पेपर को लेकर अच्छी तैयारी की थी। इसमें सफलता भी मिली मगर प्रश्नों की संख्या को देखते हुए समय बेहद कम था। कम से कम ढाई घंटे का समय मिलना चाहिए था।
मिहीपुरवा निवासी समीर खान बताते हैं पेपर अच्छा हुआ और आगे के पपेर भी अच्छे ही होंगे। अधिकतर पढ़ा हुआ ही पेपर में आया लेकिन बोर्ड ने समय काफी कम दिया है। ऐसे में जल्दबाजी में पेपर हल करना मजबूरी बन गया।
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दो साल बाद शुरू हुई बोर्ड परीक्षा को लेकर उत्साहित छात्र बोर्ड की ओर से निर्धारित समय सुबह नौ बजे केंद्रों पर पहुंच गए। शिक्षकों ने छात्रों की तलाशी लेकर परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति दी। आसान पेपर देखकर छात्रों के चेहरे खिल गए मगर समय की कम पड़ने से कुछ छात्र निराश हुए।
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शांति पूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। इसके लिए शहर के चार और जिले भर में 10 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा कक्ष में भी छात्रों को कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए बैठाया गया।
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दो घंटे के समय ने छात्रों को किया निराश
परीक्षा देकर निकले मोहल्ला संकटा देवी निवासी छात्र प्रथम गुप्ता ने बताया कि पेपर आसान था। अधिकतर पढ़ा हुआ ही आया मगर दो घंटे का समय कम था। प्रश्न ज्यादा होने के कारण राइटिंग नहीं बन सकी।
नई बस्ती निवासी कविश सलूजा दो साल बाद शुरू हो रहे पेपर को लेकर बेहद खुशी थी। पेपर में पढ़ा हुआ मिलने पर यह दोगुनी हो गई लेकिन समय कम होने के कारण पेपर हल करने में दिक्कत भी हुई।
गांव सकेथू निवासी हर्षित वर्मा ने बताया कि पेपर को लेकर अच्छी तैयारी की थी। इसमें सफलता भी मिली मगर प्रश्नों की संख्या को देखते हुए समय बेहद कम था। कम से कम ढाई घंटे का समय मिलना चाहिए था।
मिहीपुरवा निवासी समीर खान बताते हैं पेपर अच्छा हुआ और आगे के पपेर भी अच्छे ही होंगे। अधिकतर पढ़ा हुआ ही पेपर में आया लेकिन बोर्ड ने समय काफी कम दिया है। ऐसे में जल्दबाजी में पेपर हल करना मजबूरी बन गया।