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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में आएगी सी-आर्म मशीन
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं, लेकिन सी-आर्म मशीन नहीं है। इस वजह से हड्डी के गंभीर मरीजों का इलाज यहां नहीं हो पाता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर करना पड़ता है या फिर मरीज खुद अपनी सुविधा के अनुसार प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर होते हैं। अब यह समस्या दूर होने जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने सी-आर्म मशीन की डिमांड शासन से की है।
सरकारी अस्पतालों में गरीब एवं असहाय लोग ही इलाज के लिए आते हैं। ओयल में स्थित जिला अस्पताल में रोजाना 1000 मरीज आते हैं, इसमें हड्डी से संबंधित 40 से 50 मरीज होते हैं। जिले में आए दिन हादसे होते हैं, जिसमें कई लोगों की गंभीररूप से हड्डी टूट जाती है। उनको अस्पताल लाया जाता है। सामान्य हड्डी टूटने पर डॉक्टर उनको प्लास्टर कर देते हैं, लेकिन अत्याधिक गंभीर मरीजों को रेफर करने के सिवाय डॉक्टरों के पास कोई विकल्प नहीं होता। अब सी-आर्म मशीन से बारीक से बारीक इलाज संभव हो सकेगा।
ऐसे काम करती हैं यह मशीन
सी-आर्म एक छोटी एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है। मशीन के सहयोग से डॉक्टर ऑपरेशन करते समय अंगों के थ्री-डी चित्र देख सकते हैं और टूटी हड्डी को जोड़ते समय प्लेट, रॉड लगाने की सही स्थिति का पता लगाते हैं। इस कारण ऑपरेशन में सहयोगी रहती है। मशीन हड्डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देख पाते हैं। इसके जरिए माइनर से लेकर बड़ा ऑपरेशन किया जा सकता है।
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हड्डी ऑपरेशन से संबंधित सी-आर्म मशीन को लेकर शासन से डिमांड की जा चुकी है। उम्मीद है जल्द ही यह मशीन उपलब्ध हो जाएगी। - डॉ. आईके राम चंदानी, सीएमएस
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सरकारी अस्पतालों में गरीब एवं असहाय लोग ही इलाज के लिए आते हैं। ओयल में स्थित जिला अस्पताल में रोजाना 1000 मरीज आते हैं, इसमें हड्डी से संबंधित 40 से 50 मरीज होते हैं। जिले में आए दिन हादसे होते हैं, जिसमें कई लोगों की गंभीररूप से हड्डी टूट जाती है। उनको अस्पताल लाया जाता है। सामान्य हड्डी टूटने पर डॉक्टर उनको प्लास्टर कर देते हैं, लेकिन अत्याधिक गंभीर मरीजों को रेफर करने के सिवाय डॉक्टरों के पास कोई विकल्प नहीं होता। अब सी-आर्म मशीन से बारीक से बारीक इलाज संभव हो सकेगा।
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ऐसे काम करती हैं यह मशीन
सी-आर्म एक छोटी एक्स-रे मशीन की तरह काम करती है। मशीन के सहयोग से डॉक्टर ऑपरेशन करते समय अंगों के थ्री-डी चित्र देख सकते हैं और टूटी हड्डी को जोड़ते समय प्लेट, रॉड लगाने की सही स्थिति का पता लगाते हैं। इस कारण ऑपरेशन में सहयोगी रहती है। मशीन हड्डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देख पाते हैं। इसके जरिए माइनर से लेकर बड़ा ऑपरेशन किया जा सकता है।
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हड्डी ऑपरेशन से संबंधित सी-आर्म मशीन को लेकर शासन से डिमांड की जा चुकी है। उम्मीद है जल्द ही यह मशीन उपलब्ध हो जाएगी। - डॉ. आईके राम चंदानी, सीएमएस