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समय से ऑपरेशन न होने से नवजात की मौत, महिला की हालत बिगड़ी
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 05 Mar 2015 07:40 PM IST
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जिला महिला अस्पताल में प्रसूता का समय पर ऑपरेशन न हो पाने के कारण नवजात की मौत हो गई। इसका खुलासा तब हुआ, जब डीएम किंजल सिंह अचानक अस्पताल पहुंच गईं और उन्होंने रो रहे परिवार वालों की व्यथा सुनीं।
डीएम के आने की सूचना पर पहुंचीं सीएमएस डॉ. मीरा वर्मा ने बताया कि एनैस्थैसिस्ट डॉ. अखिलेश खरे के बिना अप्रूवल छुट्टी पर चले जाने के कारण महिला का ऑपरेशन नहीं हो सका। उन्होंने एकमात्र एनैस्थैसिस्ट के न होने के कारण ऑपरेशन लटकने की बात कही। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को घटना की रिपोर्ट भेज दी है। डीएम ने बताया कि लखनऊ से आकर टीम जांच करेगी, जिसके बाद ही कार्रवाई होगी।
कसबा ओयल क्षेत्र के गांव पहाड़खां पुरवा निवासी नफीस अहमद ने बताया उसने पत्नी को प्रसव पीड़ा के कारण दो दिन पहले जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार और बुधवार को मरीज के परीक्षण में काफी लापरवाही हुई। गुरुवार की सुबह महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन बताया, लेकिन एनैस्थैसिस्ट के न होने से आपरेशन नहीं हो सका। महिला की हालत भी गंभीर हो गई। इस बीच उसने पुत्र को जन्म दिया, जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार वाले रोने बिलखने लगे, तभी करीब दिन में 01.15 बजे डीएम किंजल सिंह अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने जब यह सुना कि ऑपरेशन न होने पाने की वजह से नवजात की मौत हो गई है तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने मौके पर पहुंचीं सीएमएस के बयान लिए। इसी बीच एसपी अरविंद सेन, एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह और एडीएम हरिकेश चौरसिया समेत पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीएम ने मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं और लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को घटना की जानकारी दी है।
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कहीं होली की छुट्टी और स्टाफ का अभाव तो नहीं रही वजह
लखीमपुर। जिला महिला अस्पताल में एकमात्र सर्जन डॉ सुषमा सिंह और एनैस्थैसिस्ट अखिलेश खरे हैं, जिनकी 24 घंटे ड्यूटी होती है। व्यावहारिक पहलू पर नजर डालें तो एक व्यक्ति हर दिन काम कैसे कर सकता है। प्रांतीय मेडिकल चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने भी मामले की सभी पहलुओं पर जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की है। कुल मिलाकर होली की छुट्टी और स्टाफ का अभाव भी इसके पीछे एक कारण माना जा रहा है।
डीएम किंजल सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में इस घटना से यह बात साफ हो गई है कि यहां अत्यंत लापरवाही बरती जा रही है, जो उचित नहीं है। मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए है। लापरवाही मिली तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम के आने की सूचना पर पहुंचीं सीएमएस डॉ. मीरा वर्मा ने बताया कि एनैस्थैसिस्ट डॉ. अखिलेश खरे के बिना अप्रूवल छुट्टी पर चले जाने के कारण महिला का ऑपरेशन नहीं हो सका। उन्होंने एकमात्र एनैस्थैसिस्ट के न होने के कारण ऑपरेशन लटकने की बात कही। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को घटना की रिपोर्ट भेज दी है। डीएम ने बताया कि लखनऊ से आकर टीम जांच करेगी, जिसके बाद ही कार्रवाई होगी।
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कसबा ओयल क्षेत्र के गांव पहाड़खां पुरवा निवासी नफीस अहमद ने बताया उसने पत्नी को प्रसव पीड़ा के कारण दो दिन पहले जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार और बुधवार को मरीज के परीक्षण में काफी लापरवाही हुई। गुरुवार की सुबह महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन बताया, लेकिन एनैस्थैसिस्ट के न होने से आपरेशन नहीं हो सका। महिला की हालत भी गंभीर हो गई। इस बीच उसने पुत्र को जन्म दिया, जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार वाले रोने बिलखने लगे, तभी करीब दिन में 01.15 बजे डीएम किंजल सिंह अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने जब यह सुना कि ऑपरेशन न होने पाने की वजह से नवजात की मौत हो गई है तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने मौके पर पहुंचीं सीएमएस के बयान लिए। इसी बीच एसपी अरविंद सेन, एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह और एडीएम हरिकेश चौरसिया समेत पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीएम ने मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं और लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को घटना की जानकारी दी है।
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कहीं होली की छुट्टी और स्टाफ का अभाव तो नहीं रही वजह
लखीमपुर। जिला महिला अस्पताल में एकमात्र सर्जन डॉ सुषमा सिंह और एनैस्थैसिस्ट अखिलेश खरे हैं, जिनकी 24 घंटे ड्यूटी होती है। व्यावहारिक पहलू पर नजर डालें तो एक व्यक्ति हर दिन काम कैसे कर सकता है। प्रांतीय मेडिकल चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने भी मामले की सभी पहलुओं पर जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की है। कुल मिलाकर होली की छुट्टी और स्टाफ का अभाव भी इसके पीछे एक कारण माना जा रहा है।
डीएम किंजल सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में इस घटना से यह बात साफ हो गई है कि यहां अत्यंत लापरवाही बरती जा रही है, जो उचित नहीं है। मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए है। लापरवाही मिली तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।