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Lakhimpur Kheri News: तुर्किये, अजरबैजान के सामान का बहिष्कार करेंगे कारोबारी
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लखीमपुर खीरी। भारत के ऑपरेशन सिंदूर चलाए जाने के बाद पाकिस्तान के समर्थन में उतरे तुर्किये और अजरबैजान के इस कदम से लोगों में रोष है। भारत ने इन दोनों देशों से आयात-निर्यात बंद करने का फैसला किया है। इसका असर जिला खीरी में भी दिखाई दे रहा है। आयात-निर्यात न होने पर जिला खीरी से ही तुर्किये व अजरबैजान का करीब 10 करोड़ रुपये हर माह होने वाला व्यापार बंद हो गया है।
पाकिस्तान के समर्थन में उतरे तुर्किये व अजरबैजान के खिलाफ जिले के व्यापारी भी लामबंद हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि ये दोनों देश भारत का विरोध कर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए इन देशों से कोई भी सामान आयात नहीं किया जाएगा। तुर्किये व अजरबैजान से सेब, ड्राईफूड, मार्बल, लिनेन कपड़ा, चाय-कॉफी जैसे कई अन्य सामानों का आयात होता है।
व्यापारियों का कहना है कि इन दोनों देशों से जिला खीरी प्रतिमाह तकरीबन 10 करोड़ रुपये की खरीदारी करता था, लेकिन दुश्मन मुल्क पाकिस्तान का साथ देने की वजह से अब इन देशों से आयात नहीं किया जाएगा। कपड़े के थोक विक्रेताओं का कहना है कि पहले वह तुर्किये से आने वाले लिनेन की बिक्री करते थे, लेकिन अब इसकी जगह पर भारतीय या अन्य देशों में बने उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर बेचेंगे। इससे इन देशों की अर्थव्यवस्था पर कड़ा प्रहार होगा।
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पाकिस्तान के समर्थन में उतरे तुर्किये व अजरबैजान के खिलाफ जिले के व्यापारी भी लामबंद हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि ये दोनों देश भारत का विरोध कर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए इन देशों से कोई भी सामान आयात नहीं किया जाएगा। तुर्किये व अजरबैजान से सेब, ड्राईफूड, मार्बल, लिनेन कपड़ा, चाय-कॉफी जैसे कई अन्य सामानों का आयात होता है।
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व्यापारियों का कहना है कि इन दोनों देशों से जिला खीरी प्रतिमाह तकरीबन 10 करोड़ रुपये की खरीदारी करता था, लेकिन दुश्मन मुल्क पाकिस्तान का साथ देने की वजह से अब इन देशों से आयात नहीं किया जाएगा। कपड़े के थोक विक्रेताओं का कहना है कि पहले वह तुर्किये से आने वाले लिनेन की बिक्री करते थे, लेकिन अब इसकी जगह पर भारतीय या अन्य देशों में बने उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर बेचेंगे। इससे इन देशों की अर्थव्यवस्था पर कड़ा प्रहार होगा।
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