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व्यापारियों ने किया वाणिज्य कर अधिकारियों का घेराव
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 15 Feb 2018 06:28 PM IST
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
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जीएसटी में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए व्यापार मंडल कंछल गुट के सैकड़ों व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों उपायुक्त राम सरोज, केके वर्मा और सहायक आयुक्त श्रीधर त्रिपाठी, अनिल कुमार आदि का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही वित्तमंत्री अरुण जेटली को संबोधित ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि जब से जीएसटी लागू हुआ है तब से व्यापारी अनेक समस्याओं से पीड़ित हैं। जीएसटी के नए तौर तरीकों से व्यापारियों का उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है। जिससे व्यापारी बेहद दुखी है। जीएसटी पोर्टल सात महीने बाद भी सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा है। जुलाई 2017 के आर-2 और जीएसटी आर-3 रिटर्न आज तक जमा नहीं हो पाए हैं। जीएसटी आर-3 का भार व्यापारियों पर अनावश्यक डाला जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में जीएसटी विभाग का सचल दल और एसआईबी विभाग भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। एक देश, एक टैक्स, एक बाजार के नारे को सार्थक करने के लिए जरूरी है कि ई-वे बिल जैसी व्यवस्था को समाप्त किया जाए। जीएसटी में टैक्स की दर केवल दो या अधिकतम तीन रखी जाएं। टैक्स की दर अन्य देशों की तरह 18 प्रतिशत से अधिक न रखी जाए। धरना प्रदर्शन में उमेश मिश्र, अजय गोयल, संजय अग्रवाल, अशोक गुप्ता, अवधेश गुप्ता, प्रतीक खन्ना आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया कि जब से जीएसटी लागू हुआ है तब से व्यापारी अनेक समस्याओं से पीड़ित हैं। जीएसटी के नए तौर तरीकों से व्यापारियों का उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है। जिससे व्यापारी बेहद दुखी है। जीएसटी पोर्टल सात महीने बाद भी सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा है। जुलाई 2017 के आर-2 और जीएसटी आर-3 रिटर्न आज तक जमा नहीं हो पाए हैं। जीएसटी आर-3 का भार व्यापारियों पर अनावश्यक डाला जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश में जीएसटी विभाग का सचल दल और एसआईबी विभाग भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। एक देश, एक टैक्स, एक बाजार के नारे को सार्थक करने के लिए जरूरी है कि ई-वे बिल जैसी व्यवस्था को समाप्त किया जाए। जीएसटी में टैक्स की दर केवल दो या अधिकतम तीन रखी जाएं। टैक्स की दर अन्य देशों की तरह 18 प्रतिशत से अधिक न रखी जाए। धरना प्रदर्शन में उमेश मिश्र, अजय गोयल, संजय अग्रवाल, अशोक गुप्ता, अवधेश गुप्ता, प्रतीक खन्ना आदि मौजूद रहे।
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