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धू-धू कर जल उठा अहंकार और बुराई का प्रतीक रावण
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:34 PM IST
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रावण्ा दहन
- फोटो : अमर उजाला
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रावण का वध होते गूंज उठे राम के जयकारे
रावण वध के पहले हनुमान जी ने किया लंका दहन
अहंकार, अनाचार, अत्याचार और बुराई का प्रतीक रावण सोमवार को धू-धू कर जलाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत, अनाचार पर सदाचार की विजय और असत्य पर सत्य की जीत हुई। शहर की ऐतिहासिक रामलीला में सोमवार को मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण वध का मंचन किया गया। रावण का वध होते ही पूरा मेला मैदान भगवान राम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला में सोमवार को राम और लक्ष्मण वानर सेना के साथ समुद्र तट पर पहुंचे। राम ने हनुमान को सीता की खोज में लंका भेजा। हनुमान ने लंका में जाकर सीता से भेंट कर राम का संदेश दिया, विभीषण से भेंट की, अशोक बाटिका उजाड़ी, अक्षय का वध और लंका दहन करने के बाद राम के पास पहुंचे, तो पूरी वानर सेना उत्साह से भर गई। राम ने नल और नील की सहायता से सेतु बंध का निर्माण किया।
रामलीला के दौरान युद्ध शुरू होने पर मेघनाद और लक्ष्मण के बीच युद्ध में शक्तिबाण लगने से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान संजीवनी लेकर आते हैं। लक्ष्मण के स्वस्थ होने पर अगले दिन फिर युद्ध होता है उसमें लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं। बाद में राम के साथ युद्ध में कुंभकर्ण और रावण भी मारा जाता है।
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राम द्वारा एक साथ इक्कीस बाण छोड़े जाने से रावण के नाभि का अमृत सूख जाता है। उसके दसों सिर और दसों भुजाएं कट जाती हैं। इसी के साथ रावण का अंत हो जाता है। रावण का वध होते ही पूरा रामलीला मैदान भगवान राम के जयकारों से गूंज उठता है। बाद में रावण का पुतला जलाया जाता है।
रामलीला का संचालन सेठ गयाप्रसाद सेठ ट्रस्ट के सरवराकार विपुल सेठ ने किया। इसमें किशनजी सेठ, कैलाश नाथ सेठ आदि ने सहयोग किया। रामलीला देखने को शहर ही नहीं पूरे जिले से भारी भीड़ जुटी।
धौरहरा। नगर में चल रहे दशहरा मेले में सोमवार को रावण वध का सजीव मंचन किया गया। लखनऊ के रामलीला कलाकारों ने अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का मन मोह लिया।
रामलीला कलाकारों ने सोमवार को लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद, कुंभकर्ण वध के बाद रावणवध की लीला का कलाकारों ने सजीव मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि रावण भगवान राम से मायावी युद्ध करता है। मेघनाद कुंभकर्ण सहित धीरे धीरे सभी राक्षस राम के हाथों मारे जाते है अंत में भीषण युद्ध के बाद श्रीराम के हाथों रावण का वध होता है।
पलिया में सीताहरण, सुग्रीव मित्रता और सीता खोज का हुआ मंचन
पलियाकलां। श्रीरामलीला दशहरा मेला में सीतहरण, सुग्रीव मित्रता के साथ ही सीता खोज का मंचन किया गया। जिसका तमाम श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया।
श्रीरामलीला दशहरा मेला में रावण ने सीता का हरण कर लिया। इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता का मंचन किया गया। सुग्रीव मित्रता के बाद सीता की खोज शुरू की गई। रामलीला देखने वालों की भारी भीड़ मेला मैदान पर लगी रही। रामलीला में 11 अक्तूबर को लंका दहन का मंचन होगा। जबकि इसी दिन विभीषण शरणागति, रावण अंगद संवाद के साथ ही लक्ष्मण शक्ति का भी मंचन होगा। 12 अक्तूबर को कुंभकरण, मेघनाथ, रावण के पुतला का दहन किया जाएगा। जबकि इसी दिन भरत मिलाप और श्रीराम का राजतिलक भी होगा।
गोला में राम केवट संवाद देख दर्शक भाव विभोर
गोला गोकर्णनाथ। मेला ग्राउंड के रामलीला मंच पर दाऊ दयाल आदर्श एकता मंच वृंदावन के कलाकारों ने राम केवट संवाद का मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
इस मौके पर राम मोहन सोनी, रामरक्षपाल, रामगुलाम पांडे आदि मौजूद रहे।
संसारपुर। बांकेगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत ग्रंट डाटपुर से ग्रामीणों ने शिव बारात निकाली। ट्रॉली पर शिव पार्वती का स्वरूप रखकर कलाकारों ने भ्रमण किया। शिव बारात में श्रद्धालु रंग गुलाल उड़ाते हुए भजन गाते हुए चल रहे थे। शिव बारात का कई स्थानों पर स्वागत किया गया। शिव बारात डाटपुर से भीखमपुर, बोझिया,संसारपुर होते हुए पुन: डाटपुर पहुंची।
संघ का विजयादशमी उत्सव आज
गोला गोकर्णनाथ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव सरस्वती शिशु मंदिर में 11 अक्तूबर को प्रात: आठ बजे से मनाया जाएगा। संघ के स्वयंसेवक महेशचंद गुप्ता ने बताया कि संघ के स्थापना दिवस पर होने वाले उत्सव में काफी संख्या में लोग भाग लेंगे।
मोहम्मदी में सीताहरण का मंचन देखने को उमड़ी भीड़
मोहम्मदी। रामलीला मेले में सोमवार को लक्ष्मण द्वारा सूपर्णखा के नाक, कान काटने, खरदूषण का वध तथा सीता हरण का मंचन किया गया। जिसे देखने के लिए मेले में तमाम दर्शक मौजूद रहे। लीला मंचन में इसके बाद सीता द्वारा राम से स्वर्ण मृग का वध करने का मंचन भी हुआ। इसके बाद रावण द्वारा सीता हरण का मंचन किया गया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष दुर्गा मेहरोत्रा, पूर्व पालिकाध्यक्ष संदीप मेहरोत्रा कन्हैया, सुशीला वर्मा, राम सिंह, शिवम राठौर, सुशील रस्तोगी, के एल कुशवाहा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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रावण वध के पहले हनुमान जी ने किया लंका दहन
अहंकार, अनाचार, अत्याचार और बुराई का प्रतीक रावण सोमवार को धू-धू कर जलाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत, अनाचार पर सदाचार की विजय और असत्य पर सत्य की जीत हुई। शहर की ऐतिहासिक रामलीला में सोमवार को मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण वध का मंचन किया गया। रावण का वध होते ही पूरा मेला मैदान भगवान राम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला में सोमवार को राम और लक्ष्मण वानर सेना के साथ समुद्र तट पर पहुंचे। राम ने हनुमान को सीता की खोज में लंका भेजा। हनुमान ने लंका में जाकर सीता से भेंट कर राम का संदेश दिया, विभीषण से भेंट की, अशोक बाटिका उजाड़ी, अक्षय का वध और लंका दहन करने के बाद राम के पास पहुंचे, तो पूरी वानर सेना उत्साह से भर गई। राम ने नल और नील की सहायता से सेतु बंध का निर्माण किया।
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रामलीला के दौरान युद्ध शुरू होने पर मेघनाद और लक्ष्मण के बीच युद्ध में शक्तिबाण लगने से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान संजीवनी लेकर आते हैं। लक्ष्मण के स्वस्थ होने पर अगले दिन फिर युद्ध होता है उसमें लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं। बाद में राम के साथ युद्ध में कुंभकर्ण और रावण भी मारा जाता है।
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राम द्वारा एक साथ इक्कीस बाण छोड़े जाने से रावण के नाभि का अमृत सूख जाता है। उसके दसों सिर और दसों भुजाएं कट जाती हैं। इसी के साथ रावण का अंत हो जाता है। रावण का वध होते ही पूरा रामलीला मैदान भगवान राम के जयकारों से गूंज उठता है। बाद में रावण का पुतला जलाया जाता है।
रामलीला का संचालन सेठ गयाप्रसाद सेठ ट्रस्ट के सरवराकार विपुल सेठ ने किया। इसमें किशनजी सेठ, कैलाश नाथ सेठ आदि ने सहयोग किया। रामलीला देखने को शहर ही नहीं पूरे जिले से भारी भीड़ जुटी।
धौरहरा। नगर में चल रहे दशहरा मेले में सोमवार को रावण वध का सजीव मंचन किया गया। लखनऊ के रामलीला कलाकारों ने अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का मन मोह लिया।
रामलीला कलाकारों ने सोमवार को लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद, कुंभकर्ण वध के बाद रावणवध की लीला का कलाकारों ने सजीव मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि रावण भगवान राम से मायावी युद्ध करता है। मेघनाद कुंभकर्ण सहित धीरे धीरे सभी राक्षस राम के हाथों मारे जाते है अंत में भीषण युद्ध के बाद श्रीराम के हाथों रावण का वध होता है।
पलिया में सीताहरण, सुग्रीव मित्रता और सीता खोज का हुआ मंचन
पलियाकलां। श्रीरामलीला दशहरा मेला में सीतहरण, सुग्रीव मित्रता के साथ ही सीता खोज का मंचन किया गया। जिसका तमाम श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया।
श्रीरामलीला दशहरा मेला में रावण ने सीता का हरण कर लिया। इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता का मंचन किया गया। सुग्रीव मित्रता के बाद सीता की खोज शुरू की गई। रामलीला देखने वालों की भारी भीड़ मेला मैदान पर लगी रही। रामलीला में 11 अक्तूबर को लंका दहन का मंचन होगा। जबकि इसी दिन विभीषण शरणागति, रावण अंगद संवाद के साथ ही लक्ष्मण शक्ति का भी मंचन होगा। 12 अक्तूबर को कुंभकरण, मेघनाथ, रावण के पुतला का दहन किया जाएगा। जबकि इसी दिन भरत मिलाप और श्रीराम का राजतिलक भी होगा।
गोला में राम केवट संवाद देख दर्शक भाव विभोर
गोला गोकर्णनाथ। मेला ग्राउंड के रामलीला मंच पर दाऊ दयाल आदर्श एकता मंच वृंदावन के कलाकारों ने राम केवट संवाद का मंचन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
इस मौके पर राम मोहन सोनी, रामरक्षपाल, रामगुलाम पांडे आदि मौजूद रहे।
संसारपुर। बांकेगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत ग्रंट डाटपुर से ग्रामीणों ने शिव बारात निकाली। ट्रॉली पर शिव पार्वती का स्वरूप रखकर कलाकारों ने भ्रमण किया। शिव बारात में श्रद्धालु रंग गुलाल उड़ाते हुए भजन गाते हुए चल रहे थे। शिव बारात का कई स्थानों पर स्वागत किया गया। शिव बारात डाटपुर से भीखमपुर, बोझिया,संसारपुर होते हुए पुन: डाटपुर पहुंची।
संघ का विजयादशमी उत्सव आज
गोला गोकर्णनाथ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव सरस्वती शिशु मंदिर में 11 अक्तूबर को प्रात: आठ बजे से मनाया जाएगा। संघ के स्वयंसेवक महेशचंद गुप्ता ने बताया कि संघ के स्थापना दिवस पर होने वाले उत्सव में काफी संख्या में लोग भाग लेंगे।
मोहम्मदी में सीताहरण का मंचन देखने को उमड़ी भीड़
मोहम्मदी। रामलीला मेले में सोमवार को लक्ष्मण द्वारा सूपर्णखा के नाक, कान काटने, खरदूषण का वध तथा सीता हरण का मंचन किया गया। जिसे देखने के लिए मेले में तमाम दर्शक मौजूद रहे। लीला मंचन में इसके बाद सीता द्वारा राम से स्वर्ण मृग का वध करने का मंचन भी हुआ। इसके बाद रावण द्वारा सीता हरण का मंचन किया गया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष दुर्गा मेहरोत्रा, पूर्व पालिकाध्यक्ष संदीप मेहरोत्रा कन्हैया, सुशीला वर्मा, राम सिंह, शिवम राठौर, सुशील रस्तोगी, के एल कुशवाहा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।