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बसपा को सोशल इंजीनियरिंग और जातीय गणित का सहारा, आठों विधान सभा सीट पर उतारे नए प्रत्याशी
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लखीमपुर खीरी। हर चुनाव में अपने उम्मीदवार बदल-बदल कर नए प्रयोग करने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जिले के चुनावी रण में सभी नए उम्मीदवार उतारने के साथ ही जातीय गणित और सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लिया है। मुस्लिम और ब्राह्मण वोटों को साधने के लिए बसपा ने जिले की आठ सीटों में तीन पर मुस्लिम और दो सीटों पर ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं मौर्य बिरादरी की बहुलता वाले निघासन में मौर्य बिरादरी से और गोला में कुर्मी उम्मीदवार बनाया है। जिले में कुल तीन महिलाओं को भी टिकट दिया है।
खीरी जिले की मुस्लिम बहुल सीट मोहम्मदी से पूर्व सांसद इलियास आजमी के पुत्र शकील अहमद सिद्दीकी को टिकट दिया है। मोहम्मदी से बसपा उम्मीदवार के रूप में शकील अहमद सिद्दीकी के चयन के पीछे मुसिलम वोटों को साधने के साथ साथ एक साल पहले बसपा छोड़ कर सपा में शामिल हुए दाउद अहमद को चोट पहुंचाने की रणनीति मानी जा रही है। दूसरी तरफ दलित बहुल पलिया क्षेत्र में बसपा ने डॉ. जाकिर हुसैन को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसमें दलित और मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कर चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत झलकती है।
कुर्मी बहुल विधानसभा क्षेत्र सदर में ब्राह्मण और दलित वोटों को एक बैनर तले लाने की रणनीति के तहत ब्राह्मण प्रत्याशी के रूप में मोहन वाजपेयी पर बसपा ने अपना दांव लगाया है। धौरहरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के सपा में शामिल होने और उन्हें सपा का टिकट न मिलने से ब्राह्मण वोटों की नाराजगी को भुनाने के लिए बसपा ने ब्राह्मण आनंद मोहन त्रिवेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
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यही नहीं, मौर्य बिरादरी की बहुलता वाले निघासन विधानसभा क्षेत्र में बसपा ने मनमोहन मौर्य को टिकट देकर मौर्य बिरादरी के वोट हासिल करने की रणनीति बनाई है। निघासन से सपा प्रत्याशी आरएस कुशवाहा भी कुछ महीने पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। लिहाजा निघासन में उन्हीं की बिरादरी का उम्मदीवार उतार कर आरएस कुशवाहा को नुकसान पहुंचाने का मकसद भी बसपा की रणनीति मानी जा रही है।
बसपा ने सबसे ज्यादा तीन महिलाओं को टिकट दिया
बसपा ने जिले की आठ विधानसभा सीटों में से तीन पर महिलाओं को टिकट दिया है। श्रीनगर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं मीरा बानो को टिकट दिया है। इसमें मीरा बानो दूसरे स्थान पर रहीं थीं। कुर्मी बहुल गोला विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने कुर्मी बिरादरी की शिखा वर्मा को उम्मीदवार बनाया है तो कस्ता (सुरक्षित) सीट से सरिता वर्मा पर दांव लगाया है। शिखा वर्मा और सरिता वर्मा दोनों ही युवा हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जिले में सिर्फ एक महिला को टिकट दिया है। जबकि समाजवादी पार्टी ने जिले में किसी भी महिला को टिकट नहीं दिया है।
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खीरी जिले की मुस्लिम बहुल सीट मोहम्मदी से पूर्व सांसद इलियास आजमी के पुत्र शकील अहमद सिद्दीकी को टिकट दिया है। मोहम्मदी से बसपा उम्मीदवार के रूप में शकील अहमद सिद्दीकी के चयन के पीछे मुसिलम वोटों को साधने के साथ साथ एक साल पहले बसपा छोड़ कर सपा में शामिल हुए दाउद अहमद को चोट पहुंचाने की रणनीति मानी जा रही है। दूसरी तरफ दलित बहुल पलिया क्षेत्र में बसपा ने डॉ. जाकिर हुसैन को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसमें दलित और मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कर चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत झलकती है।
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कुर्मी बहुल विधानसभा क्षेत्र सदर में ब्राह्मण और दलित वोटों को एक बैनर तले लाने की रणनीति के तहत ब्राह्मण प्रत्याशी के रूप में मोहन वाजपेयी पर बसपा ने अपना दांव लगाया है। धौरहरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के सपा में शामिल होने और उन्हें सपा का टिकट न मिलने से ब्राह्मण वोटों की नाराजगी को भुनाने के लिए बसपा ने ब्राह्मण आनंद मोहन त्रिवेदी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
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यही नहीं, मौर्य बिरादरी की बहुलता वाले निघासन विधानसभा क्षेत्र में बसपा ने मनमोहन मौर्य को टिकट देकर मौर्य बिरादरी के वोट हासिल करने की रणनीति बनाई है। निघासन से सपा प्रत्याशी आरएस कुशवाहा भी कुछ महीने पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। लिहाजा निघासन में उन्हीं की बिरादरी का उम्मदीवार उतार कर आरएस कुशवाहा को नुकसान पहुंचाने का मकसद भी बसपा की रणनीति मानी जा रही है।
बसपा ने सबसे ज्यादा तीन महिलाओं को टिकट दिया
बसपा ने जिले की आठ विधानसभा सीटों में से तीन पर महिलाओं को टिकट दिया है। श्रीनगर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं मीरा बानो को टिकट दिया है। इसमें मीरा बानो दूसरे स्थान पर रहीं थीं। कुर्मी बहुल गोला विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने कुर्मी बिरादरी की शिखा वर्मा को उम्मीदवार बनाया है तो कस्ता (सुरक्षित) सीट से सरिता वर्मा पर दांव लगाया है। शिखा वर्मा और सरिता वर्मा दोनों ही युवा हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जिले में सिर्फ एक महिला को टिकट दिया है। जबकि समाजवादी पार्टी ने जिले में किसी भी महिला को टिकट नहीं दिया है।