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चैत माह में जेठ जैसी तपन से बिलबिला उठे जिले के लोग

Sat, 09 Apr 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Sat, 09 Apr 2016 10:41 PM IST
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Brother- like district heat rose in the month of Chait Bilbila people
गर्मी - फोटो : अमर उजाला

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कड़ी धूप और भीषण गर्मी से जनजीवन अस्तव्यस्त, सड़कों पर पसरा सन्नाटा
चैत माह की दुपहरी, जेठ माह की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी को भी मात दे रही है। कड़ी धूप के साथ ही तेज हवाओं ने जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया है। शनिवार को सुबह से इतनी तेज धूप थी कि दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आने लगा। उस पर दोपहर बाद दो बजे से चार बजे के बीच बिजली कटौती होने से लोग गर्मी से बिलबिला उठे।
शनिवार को अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गर्म और तेज हवाओं के थपेड़े अभी से लोगों को झुलसाने लगे हैं। इन दिनों पतझड़ का मौसम चल रहा है। इससे सड़कों पर सूखी पत्तियां बिखरी नजर आ रही हैं। हवा के साथ उड़ती धूल के कारण लोगों का सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। 
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तेज धूप से आंखों के बचाव के लिए लोगों को सन ग्लास का सहारा लेना पड़ रहा है। सिर और शरीर को झुलसने से बचाने के लिए लोगों को सिर पर कैप लगानी या सिर को गमछे से ढकना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अप्रैल माह में इससे पहले न तो कभी इतनी गर्मी पड़ी और न ही कभी इतनी कड़ी धूप हुई। जबकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा ग्लोबल वार्मिंग और ओजोन पर्त के क्षतिग्रस्त होने के कारण हो रहा है। उनका अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी में और ज्यादा इजाफा हो सकता है। 
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 सूखी पत्तियों से पटा जंगल, आग का खतरा बढ़ा
तेजी से हो रहा पतझड़, बारिश होते ही जंगलों में लौटेगी हरियाली

तराई के जंगलों में इन दिनों पतझड़ तेजी से हो रहा है। इसके चलते पूरा जंगल सूखी पत्तियों से पट गया है। जंगल के पेड़ पत्तियों के बिना सूने-सूने नजर आने लगे हैं। वैसे तो यह प्राकृतिक क्रिया है, लेकिन पतझड़ शुरू होते ही वन विभाग की मुसीबतें बढ़ जाती हैं। जंगल में सूखी पत्तियों के ढेर लगने पर आग का खतरा बढ़ जाता है। आग से बचाव के लिए बनाई जाने वाली फायर लाइन में भी सूखी पत्तियां जमा हो गईं हैं। ऐसे में छोटी सी चिंगारी से आग भड़क सकती है।

जंगल में बढ़ते आग के खतरे को देखते हुए डीएफओ साउथ नीरज कुमार के निर्देश पर डिवीजन की सभी रेजों क्रमश: मैलानी, भीरा, गोला गोकर्णनाथ, शारदा नगर, मोहम्मदी और मैगलगंज के अधिकारियों और वन कर्मियों ने फायर सेफ्टी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव के लोगों को आग से बचाव के तरीके बता रहे हैं। चरवाहों को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है कि वे जंगल के आसपास आग न जलाए। इसके अलावा कहीं भी जलती बीड़ी न फेंके। यदि कहीं पर भी आग लगने की सूचना मिलती है तो तत्काल इसकी सूचना दे। सूखी पत्तियों और तेज हवा के कारण छोटी से चिंगारी विकराल आग का रूप धारण कर सकती है। इससे करोड़ों की वन संपदा बरबाद होने के साथ ही दुर्लभ वन्यजीवों की जान जा सकती है। इसी कड़ी में मैलानी रेंज की जटपुरा, महुरैना, सलेमपुर, भरिगवां बीट आदि में रेंजर मैलानी डीएस यादव, फारेस्टर ब्रजेश कुमार, जयपाल सिंह वर्मा, फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह, अवतार सिंह राना, राजेश कुमार, राम नरेश वर्मा, आदि ग्रामीणों को पूरी सावधानी बरतने के लिए गांव-गांव जाकर प्रेरित कर रहे हैं।
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