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तेज धूप और लू से झुलसी तराई
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 08 Jun 2015 05:54 PM IST
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आग उगलते सूरज की तपिश से तराई झुलस रही है। सोमवार को भीषण गर्मी और लू के से लोग पूरे दिन बेहाल रहे। बाजार ही नहीं सड़कों, गलियों और सरकारी दफ्तरों में भी पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
सोमवार को अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उदय होते ही सूरज ने शोले बरसाने शुरू कर दिए। सूरज की तपिश से सड़कें और पक्की इमारतें तक गर्म हो उठीं। इसके चलते लोगों को घरों और दफ्तरों में बैठना तक मुश्किल हो गया। छतों पर रखी टंकियों में भरा पानी गर्म हो गया। हवाएं गर्म हो गईं, तेज गर्म हवाओं ने लोगों की त्वचा को झुलसा कर रख दिया।
सोमवार को दिन भर लू का प्रकोप जारी रहा। कड़ी और चमकीली धूप ने गर्मी और ज्यादा बढ़ा दी। दिन में तो हालत यह थी कि गर्मी से बिलबिलाए लोग इधर-उधर पेड़ों की छाया तलाश रहे थे। अधिकांश दफ्तरों में दोपहर में सन्नाटा पसर गया। दफ्तर के बाबू कमरों से निकलकर छायादार पेड़ों के नीचे जमा हो गए। भीषण गर्मी के कारण इन दिनों पानी की खपत बढ़ गई है। दिन में कई घंटे बिजली न रहने पर लोगों को ठंडा पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों ने घरों में घड़े रख लिए हैं।
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भूगर्भ जलस्तर गिरा, सूख गए जलाशय
कड़ी धूप और भीषण गर्मी से जिले के तालाब और पोखर सूख गए हैं। इससे पशु पक्षी भी बेहाल हैं। इंसानों की प्यास बुझाने के लिए लोग जगह-जगह प्याऊ लगा रहे हैं तो मवेशियों के लिए भी लोग नांद और टब बनाकर पानी भर रहे हैं। महिलाएं पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए छतों, बराम्दों और आंगन में मिट्टी के प्यालों में पानी भर कर रख रही हैं। जलनिगम के सहायक अभियंता संगम लाल का कहना है पिछले एक माह के अंदर भगर्भ जलस्तर करीब दो मीटर नीचे चला गया है।
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सोमवार को अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उदय होते ही सूरज ने शोले बरसाने शुरू कर दिए। सूरज की तपिश से सड़कें और पक्की इमारतें तक गर्म हो उठीं। इसके चलते लोगों को घरों और दफ्तरों में बैठना तक मुश्किल हो गया। छतों पर रखी टंकियों में भरा पानी गर्म हो गया। हवाएं गर्म हो गईं, तेज गर्म हवाओं ने लोगों की त्वचा को झुलसा कर रख दिया।
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सोमवार को दिन भर लू का प्रकोप जारी रहा। कड़ी और चमकीली धूप ने गर्मी और ज्यादा बढ़ा दी। दिन में तो हालत यह थी कि गर्मी से बिलबिलाए लोग इधर-उधर पेड़ों की छाया तलाश रहे थे। अधिकांश दफ्तरों में दोपहर में सन्नाटा पसर गया। दफ्तर के बाबू कमरों से निकलकर छायादार पेड़ों के नीचे जमा हो गए। भीषण गर्मी के कारण इन दिनों पानी की खपत बढ़ गई है। दिन में कई घंटे बिजली न रहने पर लोगों को ठंडा पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों ने घरों में घड़े रख लिए हैं।
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भूगर्भ जलस्तर गिरा, सूख गए जलाशय
कड़ी धूप और भीषण गर्मी से जिले के तालाब और पोखर सूख गए हैं। इससे पशु पक्षी भी बेहाल हैं। इंसानों की प्यास बुझाने के लिए लोग जगह-जगह प्याऊ लगा रहे हैं तो मवेशियों के लिए भी लोग नांद और टब बनाकर पानी भर रहे हैं। महिलाएं पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए छतों, बराम्दों और आंगन में मिट्टी के प्यालों में पानी भर कर रख रही हैं। जलनिगम के सहायक अभियंता संगम लाल का कहना है पिछले एक माह के अंदर भगर्भ जलस्तर करीब दो मीटर नीचे चला गया है।