फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Border roads are too bad

बॉर्डर की सड़कें भी खस्ताहाल

Tue, 05 Dec 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो तिकुनियां खीरी। 
अमर उजाला ब्यूरो तिकुनियां खीरी।  Updated Tue, 05 Dec 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
Border roads are too bad
 खस्ताहाल - फोटो : अमर उजाला
50 गांवों को जोड़ने वाला तिकुनियां से सिंहौना तक का मार्ग कई वर्षों से ध्वस्त   
विज्ञापन

बार्डर डेवलपमेंट योजना भी नहीं चढ़ सकी परवान
व्यापारियों और किसानों हो रहे परेशान, निकासी न होने से सड़क पर भरता है पानी


तहसील निघासन के नेपाल सीमावर्ती इलाकों में भी सड़कें  खस्ताहाल हैं। प्रशासन ने सड़कें ठीक कराई लेकिन सड़कों की दशा नहीं सुधरी, जो सड़कें बनीं वह भी खराब गुणवत्ता के चलते एक दो साल में ही ध्वस्त हो गई। गड्ढायुक्त सड़कों के कारण व्यापारियों और किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कस्बा तिकुनियां एक व्यापारिक मंडी है, जो नेपाल सीमा पर स्थित हैं। यहां से नेपाल-भारत के बीच रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। बेलरायां-पनवारी मार्ग के कलेशरण तिराहा से कौड़ियाला बाबापुरवा तक दस किमी मार्ग अति महत्वपूर्ण है। यह मार्ग पूरा गड्ढों में तब्दील है। हालांकि यह मार्ग सांसद अजय मिश्र टेनी के प्रयासों से बन तो रहा है, लेकिन काम की गति बेहद धीमी है। एक साल में अभी तक करीब तीन किलोमीटर ही मार्ग बन सका है। 
विज्ञापन

बता दें मंडी तिकुनियां बाजार में करीब आठ सौ मीटर का मार्ग है, जिसके दोनों ओर दुकानें हैं। यह मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील है। बारिश में करीब दो फिट तक पानी सड़क पर भर जाता है, जो निकासी की व्यवस्था न होने से कई दिनों तक भरा रहता है। वहीं दुकानों के सामने बनाए गए चबूतरों से मार्ग भी काफी संकरा हो गया है। इससे राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती हैं। उधर, तिकुनियां से सेहनखेड़ा गांव होते हुए सिंहौना गांव तक करीब चार किलोमीटर मार्ग कई वर्षों से ध्वस्त पड़ा है। इस मार्ग से करीब 50 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन होता है। वहीं गन्ना किसानों को गन्ना ढोने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। तिकुनियां से व्यापारिक सामान कस्बे से मुंजहा-इंदरनगर मार्ग और बनवीरपुर होकर मरिया घाट के रास्ते नेपाल को आता-जाता है। कई दशक पहले यहां की सड़कें बनी थीं, लेकिन सीमा के मध्य बह रही मोहाना नदी में हर साल आने वाली बाढ़ के कारण यह सड़कें ध्वस्त हो गई। दोबारा इन सड़कों के निर्माण को मंजूरी तो मिली, लेकिन घटिया सामग्री से बनी यह सड़कें एक-दो सालों में ही ध्वस्त हो गयीं। हाल यह है कि इस क्षेत्र में बॉर्डर डेवलपमेंट योजना भी अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं सांसद
सांसद अजय मिश्र टेनी ने बताया कि बॉर्डर की सभी ध्वस्त सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिल गयी है। इस पर कार्य जल्दी ही शुरू होगा। बॉर्डर की सड़कों के साथ गांवों से कस्बे को जोड़ने वाली सभी सड़कों का निर्माण कराना पार्टी की प्राथमिकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed