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विकास के दावे और ध्रुवीकरण की रणनीति के सहारे भाजपा की इतिहास दोहराने की कोशिश
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सभा में मौजूद प्रधानमंत्री का मुखौटा लगाए बैठा बच्चा
- फोटो : LAKHIMPUR
आशीष कुमार
लखीमपुर खीरी। जिले के चुनावी समर में जहां सिर्फ नौ दिन शेष रह गए हैं, वहीं सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने क्षेत्र में किसी भी दल की तरफ से पहली जनसभा करके माहौल को सियासी आंच दे दी है। सोमवार को कस्ता और धौरहरा विधान सभा में जन सभा कर नड्डा ने साफ संदेश दे दिया कि भाजपा विकास के दावे और ध्रुवीकरण की रणनीति पर काम कर रही है। नड्डा ने जिस तरह से दोनों जगहों पर आधे-आधे घंटे के भाषण में सपा को एक विशेष वर्ग के लिए काम करने का जिम्मेदार ठहराते हुए, पूर्व में हुए दंगों का जिक्र कर एक खास समुदाय का होने का आरोप लगाया, उससे उनकी रणनीति बहुत साफ हो गई है, कि भाजपा के लिए इस बार भी ध्रुवीकरण एक मजबूत मुद्दा है।
जिले में 23 फरवरी को चौथे चरण में होने वाले सत्ता के संग्राम की चुनावी रणभेरी बज चुकी है। इसके लिए राजनीतिक दलों के दिग्गज अब हवाई मार्ग से पर जमीनी दौरा करने लगे हैं। सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जिले में अपनी दो जनसभाओं के जरिए सियासी चिंगारी छेड़ दी है, जिससे विपक्ष के खेमे में खलबली है। जबकि, भाजपा नेताओं और उम्मीदवारों को नड्डा के भाषण से एक लाइन लेंथ मिली है, जिससे वह अपनी सियासी गुणा गणित की पिच तैयार कर रहे हैं। नड्डा ने अपने चुनावी भाषण में कांग्रेस और बसपा को छोड़कर सपा पर ताबड़तोड़ हमले किए, जिससे साफ है कि लड़ाई भाजपा और सपा के बीच में ही है। इसके अलावा विकास के मुद्दे पर जहां उनमें नरमी दिखी तो, वहीं हिंदुत्व के मुद्दे पर उनका मिजाज गरम दिखा।
करीब आधे घंटे के नड्डा के भाषण में माफिया मुख्तार अंसारी, अतीक अंसारी, आजम खान के अलावा मुजफ्फरनगर दंगो, तीन तलाक, धारा 370 हटाने का जिक्र दिखा। नड्डा ने अखिलेश यादव पर एक विशेष वर्ग के लिए ही काम करने और गुंडो माफिया को संरक्षण देने की बात कही। यही नहीं, नड्डा ने यह भी कहा कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले अब मंदिर-मंदिर घंटिया बजा रहे हैं। इससे साफ है कि एक वर्ग विशेष के लिये भाजपा जहां ध्रुवीकरण की रणनीति खेल रही है, वहीं हिंदुत्व और राम मंदिर के नाम पर एक बड़े वर्ग को अपने पाले में करने के लिए जुटी है। उधर, कोरोना काल में महिलाओं को 500-50 रुपये, गरीबों को मुफ्त राशन, पीएम आावास, शौचालय आदि योजनाओं के जरिये भी इससे लाभांवित मतदाताओं को अपने पाले में करने में जुटी है।
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इस बार के चुनाव में पहले के चुनाव की तरह प्रत्यक्ष किसी दल या व्यक्ति की लहर नहीं देखी जा रही है, इसलिए भाजपा के लिए यह भी जरूरी है कि विकास के मुद्दे पर वह सॉफ्ट तो हिंदुत्व के मुद्दे पर मिजाज गरम रखे। लेकिन, नड्डा के भाषण से विपक्ष में खलबली जरूर है कि वह अब किस पिच पर खेलें। क्योंकि, नड्डा के बाद भाजपा की तरफ से अगले एक हफ्ते में यहां बड़े बड़े दिग्गज भी हवाई मार्ग से अपनी सियासी जमीन तलाशेंगे। 17 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोहम्मदी तो गोला के मूडासवारान में तो डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा जनसभा करेंगे। उधर, अ खिलेश यादव की भी सभा के कार्यक्रम की ख़बर है। लेकिन,अभी इस पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। (संवाद)
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लखीमपुर खीरी। जिले के चुनावी समर में जहां सिर्फ नौ दिन शेष रह गए हैं, वहीं सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने क्षेत्र में किसी भी दल की तरफ से पहली जनसभा करके माहौल को सियासी आंच दे दी है। सोमवार को कस्ता और धौरहरा विधान सभा में जन सभा कर नड्डा ने साफ संदेश दे दिया कि भाजपा विकास के दावे और ध्रुवीकरण की रणनीति पर काम कर रही है। नड्डा ने जिस तरह से दोनों जगहों पर आधे-आधे घंटे के भाषण में सपा को एक विशेष वर्ग के लिए काम करने का जिम्मेदार ठहराते हुए, पूर्व में हुए दंगों का जिक्र कर एक खास समुदाय का होने का आरोप लगाया, उससे उनकी रणनीति बहुत साफ हो गई है, कि भाजपा के लिए इस बार भी ध्रुवीकरण एक मजबूत मुद्दा है।
जिले में 23 फरवरी को चौथे चरण में होने वाले सत्ता के संग्राम की चुनावी रणभेरी बज चुकी है। इसके लिए राजनीतिक दलों के दिग्गज अब हवाई मार्ग से पर जमीनी दौरा करने लगे हैं। सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जिले में अपनी दो जनसभाओं के जरिए सियासी चिंगारी छेड़ दी है, जिससे विपक्ष के खेमे में खलबली है। जबकि, भाजपा नेताओं और उम्मीदवारों को नड्डा के भाषण से एक लाइन लेंथ मिली है, जिससे वह अपनी सियासी गुणा गणित की पिच तैयार कर रहे हैं। नड्डा ने अपने चुनावी भाषण में कांग्रेस और बसपा को छोड़कर सपा पर ताबड़तोड़ हमले किए, जिससे साफ है कि लड़ाई भाजपा और सपा के बीच में ही है। इसके अलावा विकास के मुद्दे पर जहां उनमें नरमी दिखी तो, वहीं हिंदुत्व के मुद्दे पर उनका मिजाज गरम दिखा।
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करीब आधे घंटे के नड्डा के भाषण में माफिया मुख्तार अंसारी, अतीक अंसारी, आजम खान के अलावा मुजफ्फरनगर दंगो, तीन तलाक, धारा 370 हटाने का जिक्र दिखा। नड्डा ने अखिलेश यादव पर एक विशेष वर्ग के लिए ही काम करने और गुंडो माफिया को संरक्षण देने की बात कही। यही नहीं, नड्डा ने यह भी कहा कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले अब मंदिर-मंदिर घंटिया बजा रहे हैं। इससे साफ है कि एक वर्ग विशेष के लिये भाजपा जहां ध्रुवीकरण की रणनीति खेल रही है, वहीं हिंदुत्व और राम मंदिर के नाम पर एक बड़े वर्ग को अपने पाले में करने के लिए जुटी है। उधर, कोरोना काल में महिलाओं को 500-50 रुपये, गरीबों को मुफ्त राशन, पीएम आावास, शौचालय आदि योजनाओं के जरिये भी इससे लाभांवित मतदाताओं को अपने पाले में करने में जुटी है।
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इस बार के चुनाव में पहले के चुनाव की तरह प्रत्यक्ष किसी दल या व्यक्ति की लहर नहीं देखी जा रही है, इसलिए भाजपा के लिए यह भी जरूरी है कि विकास के मुद्दे पर वह सॉफ्ट तो हिंदुत्व के मुद्दे पर मिजाज गरम रखे। लेकिन, नड्डा के भाषण से विपक्ष में खलबली जरूर है कि वह अब किस पिच पर खेलें। क्योंकि, नड्डा के बाद भाजपा की तरफ से अगले एक हफ्ते में यहां बड़े बड़े दिग्गज भी हवाई मार्ग से अपनी सियासी जमीन तलाशेंगे। 17 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोहम्मदी तो गोला के मूडासवारान में तो डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा जनसभा करेंगे। उधर, अ खिलेश यादव की भी सभा के कार्यक्रम की ख़बर है। लेकिन,अभी इस पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। (संवाद)