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जुगुल के समर्थकों संग भाजपा में जाने की अटकलें
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 05 Jan 2015 12:36 AM IST
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राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर को बसपा के महत्वपूर्ण पदों से हटाने के
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साथ ही जिले में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राजनीतिक हल्कों में आने
वाले दिनों में उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी लगने लगी हैं।
जुगुल किशोर की प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद बसपा के सदर विधानसभा प्रभारी और नगर पालिका परिषद लखीमपुर के पूर्व चेयरमैन ज्ञान प्रकाश वाजपेयी और बसपा ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के संयोजक विनोद अवस्थी उर्फ बेबी समेत तमाम समर्थक जुगुल के साथ आ गए हैं। बेबी ने भाजपा में जाने का संकेत देते हुए कहा कि जिस पार्टी में ब्राह्मणों का सम्मान है, वह उसी दल में जाएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी ने इन्हें भी डुबोया
जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने वालों के राजनीतिक भविष्य चौपट होने का एक अजब संयोग है। सांसद जुगुल किशोर ने बसपा की सरकार में पत्नी दमयंती किशोर को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाकर लाल बत्ती पर कब्जा जमाया था। सपा सरकार आने पर वह छिन गई थी। इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद अपने परिवार के लिए हासिल करने वाले नेताओं का राजनीतिक करियर डगमगा चुका है। इस कड़ी में पूर्व विधायक बंशीधर राज, अरविंद गिरि और पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा नजीर बन चुके हैं।
कुछ साल में फर्श से अर्श पर पहुंचे
राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर मितौली क्षेत्र के गांव चुरईपुरवा में एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पत्नी दमयंती किशोर मितौली क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता थीं।
1984: बसपा से सक्रिय राजनीति में आए।
1988: ग्राम पंचायत चुरईपुरवा के प्रधान बने।
2002: विधानसभा मोहम्मदी से चुनाव लड़े और हार गए।
2002: बसपा से एमएलसी बनाए गए।
2010: बसपा से राज्यसभा सदस्य बनाए गए।
जुगुल किशोर की प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद बसपा के सदर विधानसभा प्रभारी और नगर पालिका परिषद लखीमपुर के पूर्व चेयरमैन ज्ञान प्रकाश वाजपेयी और बसपा ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के संयोजक विनोद अवस्थी उर्फ बेबी समेत तमाम समर्थक जुगुल के साथ आ गए हैं। बेबी ने भाजपा में जाने का संकेत देते हुए कहा कि जिस पार्टी में ब्राह्मणों का सम्मान है, वह उसी दल में जाएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी ने इन्हें भी डुबोया
जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने वालों के राजनीतिक भविष्य चौपट होने का एक अजब संयोग है। सांसद जुगुल किशोर ने बसपा की सरकार में पत्नी दमयंती किशोर को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाकर लाल बत्ती पर कब्जा जमाया था। सपा सरकार आने पर वह छिन गई थी। इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद अपने परिवार के लिए हासिल करने वाले नेताओं का राजनीतिक करियर डगमगा चुका है। इस कड़ी में पूर्व विधायक बंशीधर राज, अरविंद गिरि और पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा नजीर बन चुके हैं।
कुछ साल में फर्श से अर्श पर पहुंचे
राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर मितौली क्षेत्र के गांव चुरईपुरवा में एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पत्नी दमयंती किशोर मितौली क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता थीं।
1984: बसपा से सक्रिय राजनीति में आए।
1988: ग्राम पंचायत चुरईपुरवा के प्रधान बने।
2002: विधानसभा मोहम्मदी से चुनाव लड़े और हार गए।
2002: बसपा से एमएलसी बनाए गए।
2010: बसपा से राज्यसभा सदस्य बनाए गए।