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पौराणिक महत्व की झील पर लगा पक्षी प्रेमियों का मेला
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बांकेगंज। महाभारत कालीन पौराणिक धार्मिक स्थल अंतर्वेद में बर्ड वाचिंग कार्यक्रम के चलते सैकड़ों बच्चों ने वेटलैंड आने वाले रंग-बिरंगे परिंदों का न केवल दीदार किया बल्कि पैडल बोट से जल विहार भी किया। इस दौरान वन विभाग के बड़े अधिकारी और पक्षी विशेषज्ञ मौजूद रहे।
बर्ड फेस्टिवल पर बर्ड वाचिंग के लिए इस बार पौराणिक महत्व के महाभारत कालीन सुरम्य वन अंतर्वेद के वेटलैंड का चयन किया गया था। जिसमें आसपास के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को आमंत्रित किया गया। बच्चों ने स्थानीय और प्रवासी परिंदों के बारे में उपयोगी जानकारी हासिल की। पक्षी विशेषज्ञों और वनाधिकारियों ने पर्यावरण में पक्षियों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी बताया कि पक्षी किस तरह धरती पर हरियाली को बनाए रखने में उपयोगी हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डाइरेक्टर संजय पाठक ने कहा कि पक्षी कुदरत की अनमोल कृति हैं इसलिए उनकी सुरक्षा करना हमारा दायित्व है। डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने कहा कि पक्षियों से ही धरती की खूबसूरती है। इस मौके पर बच्चों समेत एफडी और डीडी ने पैडल बोट से जल विहार का भी आनंद लिया।
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बर्ड फेस्टिवल पर बर्ड वाचिंग के लिए इस बार पौराणिक महत्व के महाभारत कालीन सुरम्य वन अंतर्वेद के वेटलैंड का चयन किया गया था। जिसमें आसपास के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को आमंत्रित किया गया। बच्चों ने स्थानीय और प्रवासी परिंदों के बारे में उपयोगी जानकारी हासिल की। पक्षी विशेषज्ञों और वनाधिकारियों ने पर्यावरण में पक्षियों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी बताया कि पक्षी किस तरह धरती पर हरियाली को बनाए रखने में उपयोगी हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डाइरेक्टर संजय पाठक ने कहा कि पक्षी कुदरत की अनमोल कृति हैं इसलिए उनकी सुरक्षा करना हमारा दायित्व है। डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने कहा कि पक्षियों से ही धरती की खूबसूरती है। इस मौके पर बच्चों समेत एफडी और डीडी ने पैडल बोट से जल विहार का भी आनंद लिया।
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