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लोकोमोटिव में पड़ेगा अब बायोडीजल
अमर उजाला ब्यूरो-मैलानी।
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:53 PM IST
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कार्बन उत्सर्जन होगा कम, पर्यावरण के लिए भी लाभदायक
मैलानी में अधिकतर ट्रेनों में लगते हैं गोंडा के डीजल पॉवर
एनई रेलवे लखनऊ मंडल के डीजल शेड गोंडा में लोकोमोटिव्स (ट्रेन का इंजन) में अब बायोडीजल की फ्यूलिंग शुरू कर दी गई है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। यह जानकारी देते हुए मंडल जनसंपर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि डीजल शेड गोंडा को मार्च 2016 तक बायोडीजल फ्यूलिंग का लक्ष्य दिया गया था, जिसके तहत बायोडीजल की फ्यूलिंग शुरू की दी गई है। इस प्रकार बायोडीजल की फ्यूलिंग करने वाला गोंडा लखनऊ मंडल का पहला डीजल शेड बन गया है। उन्होंने बताया कि डीजल शेड गोंडा से निकलने वाले सभी लोकोमोटिव्स में पांच प्रतिशत बायोडीजल को डीजल के साथ ब्लैंड कर फ्यूलिंग कराई जा रही है। बायोडीजल को प्राकृतिक रूप से पेड़-पौधों के बीज से प्राप्त किया जाता है। बायोडीजल के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जोकि पर्यावरण के लिए लाभदायक होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और अतिरिक्त रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। बता दें कि मैलानी में अधिकतर ट्रेनों का संचालन डीजल शेड गोंडा के इंजनों से ही होता है।
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मैलानी में अधिकतर ट्रेनों में लगते हैं गोंडा के डीजल पॉवर
एनई रेलवे लखनऊ मंडल के डीजल शेड गोंडा में लोकोमोटिव्स (ट्रेन का इंजन) में अब बायोडीजल की फ्यूलिंग शुरू कर दी गई है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। यह जानकारी देते हुए मंडल जनसंपर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि डीजल शेड गोंडा को मार्च 2016 तक बायोडीजल फ्यूलिंग का लक्ष्य दिया गया था, जिसके तहत बायोडीजल की फ्यूलिंग शुरू की दी गई है। इस प्रकार बायोडीजल की फ्यूलिंग करने वाला गोंडा लखनऊ मंडल का पहला डीजल शेड बन गया है। उन्होंने बताया कि डीजल शेड गोंडा से निकलने वाले सभी लोकोमोटिव्स में पांच प्रतिशत बायोडीजल को डीजल के साथ ब्लैंड कर फ्यूलिंग कराई जा रही है। बायोडीजल को प्राकृतिक रूप से पेड़-पौधों के बीज से प्राप्त किया जाता है। बायोडीजल के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जोकि पर्यावरण के लिए लाभदायक होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और अतिरिक्त रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। बता दें कि मैलानी में अधिकतर ट्रेनों का संचालन डीजल शेड गोंडा के इंजनों से ही होता है।