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Lakhimpur Kheri News: पूरी रात हुआ भोलेनाथ का शृंगार, भक्तों ने खेली अबीर-गुलाल से होली
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गोला गोकर्णनाथ। भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का पावन पर्व महाशिवरात्रि छोटी काशी में हर्षोल्लास से मनाया गया। पूरी रात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ का शृंगार देखा और अबीर गुलाल से होली खेली।
भगवान भोलेनाथ की बरात आने के बाद शृंगार पूजा प्रारंभ हुई। विधायक अमन गिरि, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि, आकाश लाला सहित बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने पूरी रात जागरण कर सुख-समृद्धि की कामना की। रात नौ बजे से ही पौराणिक शिव मंदिर के गर्भ गृह में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। बरात आने के बाद रात्रि 11:35 पर पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने गर्भ गृह में प्रवेश किया और पीतल का जाल हटाकर भगवान शिव को जल स्नान कराया।
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इस तरह चली शृंगार पूजा
1. पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करवाकर फिर जल स्नान कराया। इत्र लगाकर गन्ने का रस, जल, पुष्प, बेलपत्र, भांग आदि से अभिषेक कर 251 वस्त्र पहनाकर भोग लगाया। रत्न जड़ित चांदी का मुकुट पहनाकर भगवान शिव की आरती की।
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2. भगवान शिव का दूसरा शृंगार रात 1:15 से 2:30 तक चला। भक्त पुष्प, बेलपत्र से भगवान का अभिषेक करते रहे।
3. तीसरा शृंगार 2:45 से 3:45 तक चला। जिसमें पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने शिव तांडव स्त्रोत सुनाया और आरती की।
4. चौथा शृंगार भोर में प्रथम पहर में शुरू हुआ। पुजारी ने भगवान का अभिषेक कर शिवपुराण में वर्णित मृग-मृगी की कथा सुनाई। महा आरती के बाद पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने भक्तों के मस्तक पर चंदन लगाया। इस मौके पर शिव भक्तों श्रद्धालुओं ने जमकर अबीर गुलाल की होली खेली। पूजन के उपरांत शिव मंदिर भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया।
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भगवान भोलेनाथ की बरात आने के बाद शृंगार पूजा प्रारंभ हुई। विधायक अमन गिरि, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि, आकाश लाला सहित बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने पूरी रात जागरण कर सुख-समृद्धि की कामना की। रात नौ बजे से ही पौराणिक शिव मंदिर के गर्भ गृह में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। बरात आने के बाद रात्रि 11:35 पर पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने गर्भ गृह में प्रवेश किया और पीतल का जाल हटाकर भगवान शिव को जल स्नान कराया।
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इस तरह चली शृंगार पूजा
1. पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करवाकर फिर जल स्नान कराया। इत्र लगाकर गन्ने का रस, जल, पुष्प, बेलपत्र, भांग आदि से अभिषेक कर 251 वस्त्र पहनाकर भोग लगाया। रत्न जड़ित चांदी का मुकुट पहनाकर भगवान शिव की आरती की।
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2. भगवान शिव का दूसरा शृंगार रात 1:15 से 2:30 तक चला। भक्त पुष्प, बेलपत्र से भगवान का अभिषेक करते रहे।
3. तीसरा शृंगार 2:45 से 3:45 तक चला। जिसमें पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने शिव तांडव स्त्रोत सुनाया और आरती की।
4. चौथा शृंगार भोर में प्रथम पहर में शुरू हुआ। पुजारी ने भगवान का अभिषेक कर शिवपुराण में वर्णित मृग-मृगी की कथा सुनाई। महा आरती के बाद पुजारी दिनेश चंद्र मिश्र ने भक्तों के मस्तक पर चंदन लगाया। इस मौके पर शिव भक्तों श्रद्धालुओं ने जमकर अबीर गुलाल की होली खेली। पूजन के उपरांत शिव मंदिर भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया।