{"_id":"4b612b093e353bd6c97fca0023a21541","slug":"between-chaos-head-office-757-nominations-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अव्यवस्थाओं के बीच हुए प्रधान पद पर 757 नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अव्यवस्थाओं के बीच हुए प्रधान पद पर 757 नामांकन
पलियाकलां
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलिया ब्लाक में अव्यवस्थाओं के बीच प्रधान पद के लिए 757 लोगों ने नामांकन कराया। जबकि ग्राम पंचायत सदस्य के लिए करीब 14 सौ लोगों ने नामांकन कराया। अव्यवस्थाओं के चलते लोग बुरी तरह परेशान हुए और ब्लाक के अधिकारी चुप्पी साधे रहे। दो दिवसीय नामांकन प्रक्रिया में कई बार बवाल होते होते रहा। शनिवार को नामांकन का आखिरी दिन था। अब यहां जांच प्रक्रिया शुरू होगी।
यहां अंतिम चरण में नौ दिसबंर को प्रधान पद की 76 और ग्राम पंचायत सदस्य पद की 994 सीटों पर मतदान होना है। इसके लिए 27 नंवबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें पहले ही दिन से ब्लाक अधिकारियों की उदासीनता के चलते अव्यवस्थाएं हावी हो गईं थीं। पहले दिन से भी ब्लाक के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया और दूसरे दिन भी वही अव्यवस्थाएं हावी रहीं। जिसके चलते नामांकन कराने आए लोग बुरी तरह परेशान हुए। नामांकन पत्र जमा करने में लगे कर्मियों की सुस्ती तो आम बात दिखाई दी।
लोगों की शिकायतों को भी अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। जिला पंचायत और बीडीसी सदस्यों चुनाव और नामांकन प्रक्रिया में भी व्यवस्था ब्लाक के अधिकारियों के हवाले थी उसमें भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं थीं। मतगणना में भी ब्लाक के अधिकारी उदासीन रहे जिसके चलते कर्मियों, उम्मीदवारों को परेशानियां उठानी पड़ीं थीं। इस बार भी चुनाव और मतगणना में अव्यवस्थाओं के हावी रहने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां अंतिम चरण में नौ दिसबंर को प्रधान पद की 76 और ग्राम पंचायत सदस्य पद की 994 सीटों पर मतदान होना है। इसके लिए 27 नंवबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें पहले ही दिन से ब्लाक अधिकारियों की उदासीनता के चलते अव्यवस्थाएं हावी हो गईं थीं। पहले दिन से भी ब्लाक के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया और दूसरे दिन भी वही अव्यवस्थाएं हावी रहीं। जिसके चलते नामांकन कराने आए लोग बुरी तरह परेशान हुए। नामांकन पत्र जमा करने में लगे कर्मियों की सुस्ती तो आम बात दिखाई दी।
विज्ञापन
लोगों की शिकायतों को भी अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। जिला पंचायत और बीडीसी सदस्यों चुनाव और नामांकन प्रक्रिया में भी व्यवस्था ब्लाक के अधिकारियों के हवाले थी उसमें भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं थीं। मतगणना में भी ब्लाक के अधिकारी उदासीन रहे जिसके चलते कर्मियों, उम्मीदवारों को परेशानियां उठानी पड़ीं थीं। इस बार भी चुनाव और मतगणना में अव्यवस्थाओं के हावी रहने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन