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Lakhimpur Kheri News: परिवार नियोजन में साल दर साल बढ़ रहेे लाभार्थी
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लखीमपुर खीरी। परिवार नियोजन काे अपनाने में जिले की महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं। पहला बच्चा अभी नहीं और दूसरा बच्चा जल्दी नहीं। इन मूलमंत्रों को जिले के दंपती आत्मसात कर रहे हैं। परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों में चाहे गर्भ निरोधक गोलियां हो, इंजेक्शन हो या फिर अन्य साधन। बीते तीन सालों में हर एक साधन के उपयोगकर्ताओं की संख्या में इजाफा देखने को मिला है, जबकि जिले की महिलाएं स्थायी साधन में नसबंदी कराने से भी पीछे नहीं हैं।
विभागीय अफसरों के मुताबिक, नवदंपती को परिवार नियोजन के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। कभी कैंप लगाकर तो कभी टीमों को घर-घर भेजकर लोगों को परिवार नियोजन का पाठ पढ़ाया जाता है। इतना ही नहीं हर माह 21 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों होने वाले खुशहाल परिवार दिवस पर गांव के लोगों को अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन, छाया गर्भ निरोधक गोली, गर्भ निरोधक आपातकालीन गोली आदि के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके अलावा प्रत्येक गुरुवार को मनाए जाने वाले अंतराल दिवस पर अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं को परिवार नियोजन की जागरूकता के साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान भी किया जाता है। शादी के दाे साल बाद ही गर्भधारण के लिए प्रेरित किए जाने के साथ ही काउंसलिंग की जाती है।
वर्ष आईयूसीडी पीपी आईयूसीडी अंतरा महिला नसबंदी
2022 10392
20955 6770 6,662
2021 13878
12896 5065 6,125
2020 3596
7932
3963 5861
क्या है आईयूसीडी और पीपी आईयूसीडी
परिवार नियोजन के लिए आईयूडी यानी अंतर्गर्भाशयी उपकरणों, जो टी आकार का जन्म नियंत्रण उपकरण होता है, जिसे गर्भावस्था रोकने के लिए गर्भाशय में डाला जाता है। वहीं पीपी आईयूसीडी जो प्रसव के 48 घंटे के अंदर लगता है। जब दूसरे बच्चे का विचार बने तो महिलाएं इसको आसानी से निकलवा सकती हैं।
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परिवार नियोजन के लिए जिले के दपंती जागरूक हो रहे हैं। परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों का लोग इस्तेमाल कर रहें हैं। परिवार नियोजन से संबंधित हर वर्ष लाभार्थियों का आंकड़ा बढ़ रहा है। -डॉ. प्रमोद वर्मा, नोडल अधिकारी, परिवार नियोजन कार्यक्रम
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विभागीय अफसरों के मुताबिक, नवदंपती को परिवार नियोजन के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। कभी कैंप लगाकर तो कभी टीमों को घर-घर भेजकर लोगों को परिवार नियोजन का पाठ पढ़ाया जाता है। इतना ही नहीं हर माह 21 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों होने वाले खुशहाल परिवार दिवस पर गांव के लोगों को अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन, छाया गर्भ निरोधक गोली, गर्भ निरोधक आपातकालीन गोली आदि के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके अलावा प्रत्येक गुरुवार को मनाए जाने वाले अंतराल दिवस पर अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं को परिवार नियोजन की जागरूकता के साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान भी किया जाता है। शादी के दाे साल बाद ही गर्भधारण के लिए प्रेरित किए जाने के साथ ही काउंसलिंग की जाती है।
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वर्ष आईयूसीडी पीपी आईयूसीडी अंतरा महिला नसबंदी
2022 10392
20955 6770 6,662
2021 13878
12896 5065 6,125
2020 3596
7932
3963 5861
क्या है आईयूसीडी और पीपी आईयूसीडी
परिवार नियोजन के लिए आईयूडी यानी अंतर्गर्भाशयी उपकरणों, जो टी आकार का जन्म नियंत्रण उपकरण होता है, जिसे गर्भावस्था रोकने के लिए गर्भाशय में डाला जाता है। वहीं पीपी आईयूसीडी जो प्रसव के 48 घंटे के अंदर लगता है। जब दूसरे बच्चे का विचार बने तो महिलाएं इसको आसानी से निकलवा सकती हैं।
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परिवार नियोजन के लिए जिले के दपंती जागरूक हो रहे हैं। परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों का लोग इस्तेमाल कर रहें हैं। परिवार नियोजन से संबंधित हर वर्ष लाभार्थियों का आंकड़ा बढ़ रहा है। -डॉ. प्रमोद वर्मा, नोडल अधिकारी, परिवार नियोजन कार्यक्रम