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Lakhimpur Kheri News: बांकेगंज ब्लॉक कार्यालय 10 बजे नहीं, 12 बजे खुलता है
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बांकेगंज। प्रदेश सरकार की आकांक्षात्मक योजना में 100 ब्लॉकों के सापेक्ष चयनित बांकेगंज ब्लॉक मुख्यालय का अपना नियम है। यही कारण है कि जहां सभी कार्यालय सुबह दस बजे से खुलने का नियम है, वहीं बांकेगंज ब्लॉक कार्यालय 12 बजे खुलता है। इसकी वजह यह है कि सभी कर्मी और अधिकारी जिला मुख्यालय या फिर गोला में रहते हैं। जो 11 बजे के बाद आने वाली ट्रेनों या निजी साधनों से पहुंचते हैं। इस बीच काम कराने वाले लोग भटकते हैं।
परिसर में ठहरने लिए कर्मचारियों के नाम आवासों का आवंटन तो है लेकिन कोई कर्मी यहां रुकता नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों में तैनात वीडीओ इन आवासों में अपना दफ्तर चलाते हैं। जिला मुख्यालय या गोला में रहने की वजह से अधिकारी हों या कर्मचारी 12 बजे के बाद ही ब्लॉक में पहुंचते हैं। इसके बाद कार्यालय में काम शुरू होता है। दोपहर बाद कर्मी फिर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं। इस कार्य अवधि के दौरान आधा घंटे का लंच भी होता है। इस कारण आठ के बजाये कार्यालय में सिर्फ दो घंटे ही काम चलता है। इस बीच यहां विभिन्न कार्यों से दूर-दराज की पंचायतों आने वाले ग्रामीणों को अपने कार्य का लंबा इंतजार करना पड़ता है। यह बात अलग है कि किसी अफसर के दौरे के दौरान पूरा कार्यालय चाक-चौबंद नजर आता है। अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। ब्लॉक मुख्यालय पर न रुकने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - दिवाकर विद्यार्थी, जिला विकास अधिकारी,खीरी
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परिसर में ठहरने लिए कर्मचारियों के नाम आवासों का आवंटन तो है लेकिन कोई कर्मी यहां रुकता नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों में तैनात वीडीओ इन आवासों में अपना दफ्तर चलाते हैं। जिला मुख्यालय या गोला में रहने की वजह से अधिकारी हों या कर्मचारी 12 बजे के बाद ही ब्लॉक में पहुंचते हैं। इसके बाद कार्यालय में काम शुरू होता है। दोपहर बाद कर्मी फिर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं। इस कार्य अवधि के दौरान आधा घंटे का लंच भी होता है। इस कारण आठ के बजाये कार्यालय में सिर्फ दो घंटे ही काम चलता है। इस बीच यहां विभिन्न कार्यों से दूर-दराज की पंचायतों आने वाले ग्रामीणों को अपने कार्य का लंबा इंतजार करना पड़ता है। यह बात अलग है कि किसी अफसर के दौरे के दौरान पूरा कार्यालय चाक-चौबंद नजर आता है। अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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मामला संज्ञान में आया है। ब्लॉक मुख्यालय पर न रुकने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - दिवाकर विद्यार्थी, जिला विकास अधिकारी,खीरी
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