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स्वस्थ्य जीवन के लिए योग मूलमंत्र एवं आयुर्वेद अमृत
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 09 Nov 2015 11:24 PM IST
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धनतेरस के अवसर पर जिले के आयुर्वेदिक प्रतिष्ठानों में भगवान धनवंतरि जयंती मनाई गई। इस मौके पर पूजा अर्चना के अलावा विचार गोष्ठियों के आयोजन किए गए तथा आयुर्वेद के महत्व को बताया गया। वक्ताओं ने योग को स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र और आयुर्वेद को अमृत बताया।
शहर के सीताराम हरिमोहन एंड कंपनी में भगवान धनवंतरि की पूजा अर्चना के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वाईडी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.एससी मिश्रा ने कहा कि जिस विद्या को हम जानते हैं उसका प्रयोग विदेशों में प्रमुखता से किया जा रहा है। अमेरिका में रिसर्च के दौरान गिलोय को कैंसर के लिए बहुत उपयोगी पाया गया है। भारत में आयुर्वेद के प्रसार की जरूरत है। यहां कार्यक्रम के संचालक संजय अग्रवाल ने योग को जीवन का मूलमंत्र और आयुर्वेद को अमृत बताया। यहां डॉ.राकेश माथुर ने कहा भगवान धनवंतरि ने हम कैसे स्वस्थ रहें इसके लिए अमृत रूपी आयुर्वेद दिया है। यहां डॉ.पुष्करनाथ त्रिपाठी ने बताया कि आयुर्वेद में कोई साइड इफेक्ट नहीं है। डॉ.मनोज अवस्थी ने कहा कि पुरानी जड़ी-बूटियों के संरक्षण की आवश्यकता है। वैद्य ओमीचंद मिश्रा ने कहा कि आयुर्वेद के प्रयोग से मनुष्य दीर्घायु होता है। इनके अलावा वैद्य बाबू कृष्ण मोहन अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद में मनुष्य की सभी बीमारियों का पूर्ण इलाज है। यह विश्व की सर्वोत्तम चिकित्सा पद्धति है। यहां हरिमोहन अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया। इसके अलावा न्यू भारत औषधि भंडार सहित विभिन्न आयुर्वेदिक संस्थानों में धनवंतरि पूजा हुई।
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शहर के सीताराम हरिमोहन एंड कंपनी में भगवान धनवंतरि की पूजा अर्चना के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वाईडी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.एससी मिश्रा ने कहा कि जिस विद्या को हम जानते हैं उसका प्रयोग विदेशों में प्रमुखता से किया जा रहा है। अमेरिका में रिसर्च के दौरान गिलोय को कैंसर के लिए बहुत उपयोगी पाया गया है। भारत में आयुर्वेद के प्रसार की जरूरत है। यहां कार्यक्रम के संचालक संजय अग्रवाल ने योग को जीवन का मूलमंत्र और आयुर्वेद को अमृत बताया। यहां डॉ.राकेश माथुर ने कहा भगवान धनवंतरि ने हम कैसे स्वस्थ रहें इसके लिए अमृत रूपी आयुर्वेद दिया है। यहां डॉ.पुष्करनाथ त्रिपाठी ने बताया कि आयुर्वेद में कोई साइड इफेक्ट नहीं है। डॉ.मनोज अवस्थी ने कहा कि पुरानी जड़ी-बूटियों के संरक्षण की आवश्यकता है। वैद्य ओमीचंद मिश्रा ने कहा कि आयुर्वेद के प्रयोग से मनुष्य दीर्घायु होता है। इनके अलावा वैद्य बाबू कृष्ण मोहन अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद में मनुष्य की सभी बीमारियों का पूर्ण इलाज है। यह विश्व की सर्वोत्तम चिकित्सा पद्धति है। यहां हरिमोहन अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया। इसके अलावा न्यू भारत औषधि भंडार सहित विभिन्न आयुर्वेदिक संस्थानों में धनवंतरि पूजा हुई।
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