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अयोध्या के महंत रामदास पहुंचे शहीद दरोगा के घर
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 20 Sep 2015 11:32 PM IST
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अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत रामदास ने शनिवार को गांव हरदासपुर जाकर शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के परिवार वालों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और साध्वी प्राची से परिवार वालों की फोन से बात कराई। उन्होंने घटना की सीबीआई जांच की मांग की।
महंत ने कहा कि पूरे प्रदेश में गोवध व्यापार बन गया है। इसमें प्रदेश के तमाम अधिकारी और नेता शामिल हैं जो भी अधिकारी और आम नागरिक पशु तस्करी रोकने के लिए प्रयास करता है उसको या तो किसी न किसी फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाता है या फिर उसकी हत्या करवा दी जाती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मुठभेड़ वास्तवित थी तो अन्य कोई पुलिस कर्मी क्यों घायल नहीं हुआ। मनोज मिश्रा के पिता ने महंत रामदास को बताया कि मनोज मिश्रा को कई बार धमकी दी गई लेकिन एसपी बरेली ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। यहां महंत रामदास ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने साध्वी प्राची से भी मनोज मिश्रा के परिवार वालों से बात कराई। साध्वी प्राची ने गांव आकर मनोज मिश्रा के परिवार वालों से मिलने की इच्छा व्यक्त की। महंत रामदास के साथ विहिप के जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, आचार्य संजय मिश्र और बृजेश पांडे आदि लोग थे।
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महंत ने कहा कि पूरे प्रदेश में गोवध व्यापार बन गया है। इसमें प्रदेश के तमाम अधिकारी और नेता शामिल हैं जो भी अधिकारी और आम नागरिक पशु तस्करी रोकने के लिए प्रयास करता है उसको या तो किसी न किसी फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाता है या फिर उसकी हत्या करवा दी जाती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मुठभेड़ वास्तवित थी तो अन्य कोई पुलिस कर्मी क्यों घायल नहीं हुआ। मनोज मिश्रा के पिता ने महंत रामदास को बताया कि मनोज मिश्रा को कई बार धमकी दी गई लेकिन एसपी बरेली ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। यहां महंत रामदास ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने साध्वी प्राची से भी मनोज मिश्रा के परिवार वालों से बात कराई। साध्वी प्राची ने गांव आकर मनोज मिश्रा के परिवार वालों से मिलने की इच्छा व्यक्त की। महंत रामदास के साथ विहिप के जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, आचार्य संजय मिश्र और बृजेश पांडे आदि लोग थे।
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