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गिर सकती है 26 कोटेदारों पर गाज
अमर उजाला ब्यूरो-पलियाकलां।
Updated Wed, 29 Jun 2016 10:34 PM IST
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- समय से राशन न उठाने पर वसूला जाएगा जुर्माना
- शहर के आठ और ग्रामीण क्षेत्र के 18 कोटेदार हैं शामिल
नगर और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 26 कोटेदारों पर समय से राशन उठान न करने के कारण गाज गिर सकती है। इसमें शहरी क्षेत्र के आठ और ग्रामीण क्षेत्र के 18 कोटेदार शामिल हैं। बताया गया है कि पहले उनको डिफाल्टर घोषित किया जाएगा और फिर उनसे जुर्माना वसूला जाएगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और कैरोसिन वितरण से पहले उसका शुल्क बैंक में जमा करने के बाद तय रोस्टर के अनुसार कोटेदार मंडी समिति के गोदाम से खाद्यान्न का उठान करते हैं। बताया गया है कि एनएफएसए लागू होने के बाद राशन कार्ड धारकों की यूनिट तय होने पर कोटेदारों के सामने कमाई घटने की स्थिति पैदा हो गई। इसी वजह से वह किसी तरह अपनी कमाई बरकरार रखने की तैयारी में है। आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम प्रभारी बीबी सिंह द्वारा एसडीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। जिसमें शहरी क्षेत्र के आठ कोटेदारों के अलावा मलिनियां, बसंतापुर, गजरौरा, सिंगाही खुर्द, मझरा पश्चिम प्रथम और द्वितीय, कृष्णानगर, परसिया, पचपेड़ा, धुसकिया, पिपरौला, सिंगहिया, कजरिया, बनकटी, धुसकिया, पचपेड़ा, परसिया, त्रिकौलिया, गदनिया, घोला, मकनपुर समेत कुल 26 उचित दर विक्रेता शामिल हैं। बताया गया है कि प्रशासन इनको डिफाल्टर घोषित कर इनसे जुर्माना वसूलेगा। उसके बाद ही यह कार्य कर पाएंगे।
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- शहर के आठ और ग्रामीण क्षेत्र के 18 कोटेदार हैं शामिल
नगर और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 26 कोटेदारों पर समय से राशन उठान न करने के कारण गाज गिर सकती है। इसमें शहरी क्षेत्र के आठ और ग्रामीण क्षेत्र के 18 कोटेदार शामिल हैं। बताया गया है कि पहले उनको डिफाल्टर घोषित किया जाएगा और फिर उनसे जुर्माना वसूला जाएगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और कैरोसिन वितरण से पहले उसका शुल्क बैंक में जमा करने के बाद तय रोस्टर के अनुसार कोटेदार मंडी समिति के गोदाम से खाद्यान्न का उठान करते हैं। बताया गया है कि एनएफएसए लागू होने के बाद राशन कार्ड धारकों की यूनिट तय होने पर कोटेदारों के सामने कमाई घटने की स्थिति पैदा हो गई। इसी वजह से वह किसी तरह अपनी कमाई बरकरार रखने की तैयारी में है। आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम प्रभारी बीबी सिंह द्वारा एसडीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। जिसमें शहरी क्षेत्र के आठ कोटेदारों के अलावा मलिनियां, बसंतापुर, गजरौरा, सिंगाही खुर्द, मझरा पश्चिम प्रथम और द्वितीय, कृष्णानगर, परसिया, पचपेड़ा, धुसकिया, पिपरौला, सिंगहिया, कजरिया, बनकटी, धुसकिया, पचपेड़ा, परसिया, त्रिकौलिया, गदनिया, घोला, मकनपुर समेत कुल 26 उचित दर विक्रेता शामिल हैं। बताया गया है कि प्रशासन इनको डिफाल्टर घोषित कर इनसे जुर्माना वसूलेगा। उसके बाद ही यह कार्य कर पाएंगे।
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