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Lakhimpur Kheri News: काम नहीं आई जागरूकता... धरा रह गया ओटीएस का लक्ष्य
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लखीमपुर खीरी। लाख कोशिश के बाद भी जनपद में ओटीएस का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। ओटीएस योजना के तहत लखीमपुर सर्किल में दो अरब 68 करोड़ रुपये बकाया था। जिसमें मात्र 33.97 करोड़ रुपये ही जमा हो सके, जो लक्ष्य से काफी पीछे है।
लखीमपुर डिविजन की बात करें तो करीब 35 हजार उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ रुपये बकाया था। योजना के अंतिम दिन तक नौ हजार 228 उपभोक्ताओं ने मात्र 6.76 करोड़ रुपये ही जमा किए। मितौली डिविजन के 19828 उपभोक्ताओं ने 16.70 करोड़ रुपये जमा किया है, जबकि यहां एक अरब 43 करोड़ रुपये बकाया है। इसी तरह निघासन डिविजन में भी एक अरब से ज्यादा का बकाया है। यहां भी अंतिम दिन तक 15016 उपभोक्ताओं ने 10.50 करोड़ रुपये जमा किया।
ओटीएस योजना के तहत बकाया भुगतान जमा कराने के लिए विभाग ने खूब प्रचार-प्रसार किया। टीमों को घर-घर भेजा। योजना की तिथि बढ़ाई गई, लेकिन उसका कोई खास फायदा नहीं देखने को मिला।
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तीन चरणों में चली ओटीएस योजना
एकमुश्त समाधान योजना तीन चरणों में चलाई गई। पहला चरण आठ से 30 नवंबर और दूसरा चरण एक दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच चलाया गया। इन दो चरणों में एकमुश्त धनराशि जमा करने वालों को ब्याज में शतप्रतिशत छूट दी गई। वहीं तीसरा चरण 16 से 31 दिसंबर तक चला। इसमें 80 फीसदी ब्याज पर छूट दी गई।
तिथि बढ़ने पर मात्र 2.72 करोड़ हो पाया फायदा
ओटीएस योजना की तिथि 31 दिसंबर थी। अंतिम तिथि तक लखीमपुर सर्किल में 31.25 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इसके बाद शासन ने ओटीएस योजना की तिथि बढ़ाते हुए 16 जनवरी कर दी थी। इन 16 दिनों में मात्र दो करोड़ 72 लाख रुपये ही जमा हो सके।
लखीमपुर सर्किल में ओटीएस योजना के तहत 268 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें 34 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अब बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राम शब्द, अक्षीक्षण अभियंता
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लखीमपुर डिविजन की बात करें तो करीब 35 हजार उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ रुपये बकाया था। योजना के अंतिम दिन तक नौ हजार 228 उपभोक्ताओं ने मात्र 6.76 करोड़ रुपये ही जमा किए। मितौली डिविजन के 19828 उपभोक्ताओं ने 16.70 करोड़ रुपये जमा किया है, जबकि यहां एक अरब 43 करोड़ रुपये बकाया है। इसी तरह निघासन डिविजन में भी एक अरब से ज्यादा का बकाया है। यहां भी अंतिम दिन तक 15016 उपभोक्ताओं ने 10.50 करोड़ रुपये जमा किया।
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ओटीएस योजना के तहत बकाया भुगतान जमा कराने के लिए विभाग ने खूब प्रचार-प्रसार किया। टीमों को घर-घर भेजा। योजना की तिथि बढ़ाई गई, लेकिन उसका कोई खास फायदा नहीं देखने को मिला।
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तीन चरणों में चली ओटीएस योजना
एकमुश्त समाधान योजना तीन चरणों में चलाई गई। पहला चरण आठ से 30 नवंबर और दूसरा चरण एक दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच चलाया गया। इन दो चरणों में एकमुश्त धनराशि जमा करने वालों को ब्याज में शतप्रतिशत छूट दी गई। वहीं तीसरा चरण 16 से 31 दिसंबर तक चला। इसमें 80 फीसदी ब्याज पर छूट दी गई।
तिथि बढ़ने पर मात्र 2.72 करोड़ हो पाया फायदा
ओटीएस योजना की तिथि 31 दिसंबर थी। अंतिम तिथि तक लखीमपुर सर्किल में 31.25 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इसके बाद शासन ने ओटीएस योजना की तिथि बढ़ाते हुए 16 जनवरी कर दी थी। इन 16 दिनों में मात्र दो करोड़ 72 लाख रुपये ही जमा हो सके।
लखीमपुर सर्किल में ओटीएस योजना के तहत 268 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें 34 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अब बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राम शब्द, अक्षीक्षण अभियंता