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Lakhimpur Kheri News: कम मिली छात्रों की उपस्थिति, 71 शिक्षकों को वेतन रोका
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लखीमपुर खीरी। जिले के अलग-अलग ब्लाकों के परिषदीय स्कूलों में छात्रों की कम उपस्थिति को लेकर बीएसए ने कड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने वाले 71 शिक्षकों का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया गया है। बीएसए की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है।
मध्याह्न भोजन के समय 30 प्रतिशत से कम छात्र संख्या मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरे, इसको लेकर तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बच्चों को ड्रेस, जूता मोजे के लिए धनराशि दी जा रही है। इसके बाद भी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने के बजाय कम होती जा रही है। हाल यह होता है कि पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 60 से लेकर 30 प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित होते रहे हैं।
कम उपस्थिति को लेकर कहीं न कहीं शिक्षक जिम्मेदार हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने मंगलवार को ऐसे 71 शिक्षकों का वेतन रोक दिया, जहां पर बच्चों की उपस्थित 30 प्रतिशत से कम मिली है। कुछ ब्लॉकों में ऐसे भी स्कूल हैं, जहां 10 प्रतिशत से भी कम बच्चे उपस्थित मिले। बीएसए ने बताया कि एक और दो अगस्त को एमडीएम के दौरान बच्चों की उपस्थित की समीक्षा की गई है।
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लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापक एवं इंचार्ज प्रधानाध्यापक का वेतन रोका गया है। साथ ही उनके दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।
इन ब्लॉकों के इतने स्कूलों में हुई कार्रवाई
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि बांकेगंज के छह, बेहजम के चार, बिजुआ के तीन, धौरहरा के तीन, ईसानगर के पांच, कुंभी का एक, लखीमपुर के 11, मितौली के सात, मोहम्मदी के तीन, सदर के दो, नकहा के पांच, निघासन का एक, पलिया का एक, पसगंवा के चार, फूलबेहड़ के छह, रमियाबेहड़ के नौ स्कूल शामिल हैं।
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मध्याह्न भोजन के समय 30 प्रतिशत से कम छात्र संख्या मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरे, इसको लेकर तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बच्चों को ड्रेस, जूता मोजे के लिए धनराशि दी जा रही है। इसके बाद भी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने के बजाय कम होती जा रही है। हाल यह होता है कि पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 60 से लेकर 30 प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित होते रहे हैं।
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कम उपस्थिति को लेकर कहीं न कहीं शिक्षक जिम्मेदार हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने मंगलवार को ऐसे 71 शिक्षकों का वेतन रोक दिया, जहां पर बच्चों की उपस्थित 30 प्रतिशत से कम मिली है। कुछ ब्लॉकों में ऐसे भी स्कूल हैं, जहां 10 प्रतिशत से भी कम बच्चे उपस्थित मिले। बीएसए ने बताया कि एक और दो अगस्त को एमडीएम के दौरान बच्चों की उपस्थित की समीक्षा की गई है।
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लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापक एवं इंचार्ज प्रधानाध्यापक का वेतन रोका गया है। साथ ही उनके दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।
इन ब्लॉकों के इतने स्कूलों में हुई कार्रवाई
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि बांकेगंज के छह, बेहजम के चार, बिजुआ के तीन, धौरहरा के तीन, ईसानगर के पांच, कुंभी का एक, लखीमपुर के 11, मितौली के सात, मोहम्मदी के तीन, सदर के दो, नकहा के पांच, निघासन का एक, पलिया का एक, पसगंवा के चार, फूलबेहड़ के छह, रमियाबेहड़ के नौ स्कूल शामिल हैं।