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Lakhimpur Kheri News: असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़, नदी किनारे छप्पर में बन रहे थे तमंचे
Sun, 12 Apr 2026 10:59 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 12 Apr 2026 10:59 PM IST
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पकड़े गए आरोपीगण-संवाद
लखीमपुर खीरी। अवैध असलहों के निर्माण की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने खमरिया थाना क्षेत्र में नदी किनारे संचालित असलहा फैक्टरी का खुलासा किया है। संयुक्त टीम ने छप्पर में चल रही इस अवैध गतिविधि पर छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में तमंचे व निर्माण उपकरण बरामद किए।
सहायक पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और खमरिया पुलिस ने ग्राम लुधौनी से करीब एक किलोमीटर दूर नदी किनारे दबिश दी। वहां बने छप्पर में दो व्यक्ति अवैध असलहे तैयार करते मिले। पूछताछ में उनकी पहचान जमील उर्फ भुर्जी निवासी भदमरा थाना रेउसा (सीतापुर) और रोज अली निवासी गंगान थाना ईसानगर के रूप में हुई।
मौके से चार तमंचे 315 बोर, पांच तमंचे 12 बोर, चार तमंचा बाड़ी, नौ लोहे की नाल, नौ ट्रिगर समेत हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि जमील पर आर्म्स एक्ट के आठ मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रोज अली पर आर्म्स एक्ट, दहेज एक्ट व गौवध अधिनियम के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध असलहा निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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तमंचा व कारतूस के साथ एक गिरफ्तार
सदर कोतवाली पुलिस ने नहर पटरी बहद ग्राम मीरपुर से शिवनेंद्र त्रिवेदी निवासी पहाड़ापुर को तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर उसका चालान भेज दिया।
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कई सालों के बाद पकड़ी गई असलहा बनाने की फैक्टरी
जिले में इतनी बड़ी संख्या में असलहे खपाने का कार्य किया जा रहा है। बीते दिनों पुलिस के हाथ एक ऐसा गैंग लगा, जो असलहा सप्लाई के कार्य में संलिप्त था। यह बात संज्ञान में आते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दीं। सदर कोतवाली के अलावा पलिया, धौरहरा, ईसानगर, खमरिया, निघासन के इलाकों में चोरी-छिपे यह फैक्टरी संचालित होती हैं। तीन सालों से जिले में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा असलहा बनाने वालों के हौसले बुलंद हो गए। सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों ने पूछताछ के दौरान कुछ और लोगों के नाम कबूल किए हैं। जल्द ही पुलिस उन्हें भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।
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इन वर्षों में भी पकड़ी गई थीं असलहा फैक्टरी
जिले में पहले भी समय-समय पर अवैध शस्त्र निर्माण के मामले सामने आते रहे हैं। 16 जून 2020 को स्वॉट टीम और सदर कोतवाली पुलिस ने मदाराबेहड़ गांव के बुढ़िया नाला के पास झोपड़ी में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। मौके से रायफल, बंदूक, तमंचे और उपकरण बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
24 अप्रैल 2022 को पलिया कोतवाली पुलिस ने जंगल क्षेत्र में संचालित फैक्टरी पकड़ी थी। यहां से 14 निर्मित तमंचे-बंदूक, दो अर्धनिर्मित तमंचे, छह जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद हुए थे। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। साल 2024 में धौरहरा पुलिस ने अवैध शस्त्र फैक्टरी का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से बड़ी संख्या में बने और अधबने असलहे तथा निर्माण उपकरण बरामद किए गए थे।
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सहायक पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और खमरिया पुलिस ने ग्राम लुधौनी से करीब एक किलोमीटर दूर नदी किनारे दबिश दी। वहां बने छप्पर में दो व्यक्ति अवैध असलहे तैयार करते मिले। पूछताछ में उनकी पहचान जमील उर्फ भुर्जी निवासी भदमरा थाना रेउसा (सीतापुर) और रोज अली निवासी गंगान थाना ईसानगर के रूप में हुई।
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मौके से चार तमंचे 315 बोर, पांच तमंचे 12 बोर, चार तमंचा बाड़ी, नौ लोहे की नाल, नौ ट्रिगर समेत हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि जमील पर आर्म्स एक्ट के आठ मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रोज अली पर आर्म्स एक्ट, दहेज एक्ट व गौवध अधिनियम के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध असलहा निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
तमंचा व कारतूस के साथ एक गिरफ्तार
सदर कोतवाली पुलिस ने नहर पटरी बहद ग्राम मीरपुर से शिवनेंद्र त्रिवेदी निवासी पहाड़ापुर को तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर उसका चालान भेज दिया।
कई सालों के बाद पकड़ी गई असलहा बनाने की फैक्टरी
जिले में इतनी बड़ी संख्या में असलहे खपाने का कार्य किया जा रहा है। बीते दिनों पुलिस के हाथ एक ऐसा गैंग लगा, जो असलहा सप्लाई के कार्य में संलिप्त था। यह बात संज्ञान में आते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दीं। सदर कोतवाली के अलावा पलिया, धौरहरा, ईसानगर, खमरिया, निघासन के इलाकों में चोरी-छिपे यह फैक्टरी संचालित होती हैं। तीन सालों से जिले में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा असलहा बनाने वालों के हौसले बुलंद हो गए। सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों ने पूछताछ के दौरान कुछ और लोगों के नाम कबूल किए हैं। जल्द ही पुलिस उन्हें भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।
इन वर्षों में भी पकड़ी गई थीं असलहा फैक्टरी
जिले में पहले भी समय-समय पर अवैध शस्त्र निर्माण के मामले सामने आते रहे हैं। 16 जून 2020 को स्वॉट टीम और सदर कोतवाली पुलिस ने मदाराबेहड़ गांव के बुढ़िया नाला के पास झोपड़ी में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। मौके से रायफल, बंदूक, तमंचे और उपकरण बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
24 अप्रैल 2022 को पलिया कोतवाली पुलिस ने जंगल क्षेत्र में संचालित फैक्टरी पकड़ी थी। यहां से 14 निर्मित तमंचे-बंदूक, दो अर्धनिर्मित तमंचे, छह जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद हुए थे। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। साल 2024 में धौरहरा पुलिस ने अवैध शस्त्र फैक्टरी का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से बड़ी संख्या में बने और अधबने असलहे तथा निर्माण उपकरण बरामद किए गए थे।