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महिलाएं आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनें

Fri, 24 Jan 2020 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 02:36 AM IST
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अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत एब्लॉन पब्लिक स्कूल में महिला सशक्तीकरण पर हुआ कार्यक्रम
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। अमर उजाला की अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत गुरुवार को एब्लॉन पब्लिक स्कूल में आयोजित महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण पर गोष्ठी हुई। इसमें तहसीलदार डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बने, उन्हें दूसरे के भरोसे नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा महिला सुरक्षा के लिए 1090,112,181 नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना दें, पुलिस मदद के लिए पहुंचेगी।
तहसीलदार ने कहा कि छात्राएं अपने पैरों पर खड़े होकर एक नए समाज का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बेटी होने पर ससुराल पक्ष के लोग ताने मारकर परेशान करते हैं। ऐसे दूषित समाज को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लेना चाहिए। स्कूल की एमडी मीनाक्षी कश्यप ने कहा कि छात्राएं किसी से भी अपने को कमजोर न समझें। प्रधानाचार्य अनुराग दत्त ने कहा कि छात्राओं को विषम परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए।
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आत्मविश्वास से बढ़ सकती हैं आगे
कक्षा 10 की सारिका मौर्या कहतीं हैं कि महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है। आत्मविश्वास जागने के बाद वह आगे बढ़ सकती हैं। बेटियां ही समाज की रक्षा करती हैं। बेटियों का सम्मान होना बेहद जरूरी है।
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आसमान में सुराग करने का दम रखती हैं बेटियां
कक्षा 11 की आरुषि कहतीं हैं कि बेटियां जहां दो घरों को रोशन करती हैं वहीं बेटियां यदि हिम्मत जुटा लेें तो वह नामुमकिन को मुमकिन बना सकतीं हैं। बेटियां असंभव कार्य को भी संभव बना सकतीं हैं। बेटियां आसमान में सुराग करने का हौसला रखती हैं।

सख्त कानून बनाकर जल्दी करेें सुनवाई
कक्षा 12 की छात्रा मानसी कहतीं हैं कि महिलाओं पर अत्याचार करने वाले अपराधियों के लिए सख्त कानून बने और उनकी जल्द सुनवाई भी हो जिससे अपराधी बच न सकें। अपराधियों को संरक्षण देने वाले लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।


घरेलू हिंसा पर बनें सख्त कानून
कक्षा 12 की छात्रा सुमनदीप कौर कहतीं हैं कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं या आत्महत्या कर लेती हैं या फिर उनको मौत के घाट उतार दिया जाता है। ऐसी स्थिति में घरेलू हिंसा पर सख्त कानून बनना चाहिए।
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