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एंटीपायरेटिक टेबलेट निकली अधोमानक, बिक्री प्रतिबंधित
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डीआई दर्ज कराएंगे सीजेएम कोर्ट में मुकदमा
दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को औषधि विभाग ने जारी किया नोटिस
लखीमपुर खीरी। एंटीपायरेटिक टेबलेट सूमो का जांच में नमूना फेल होने पर दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस जारी किया गया है। टेबलेट में पैरासिटामोल और निमेसुलाइड की मात्रा कम मिलने पर लैब जांच में इसको अधोमानक करार दिया गया है। नमूना फेल होने पर ड्रग इंस्पेक्टर (डीआई) सुनील रावत ने हरिद्वार की दवा निर्माता लाइफ फोर्ड हेल्थकेयर और विक्रेता कक्कड़ एंड कंपनी लखीमपुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा। वहीं डीआई ने इस दवा की बिक्री प्रतिबंधित कर दी है।
जिला अस्पताल रोड पर स्थित कक्कड़ एंड कंपनी से 22 अक्तूबर 2021 को ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बुखार में दी जाने वाली एंटीपायरेटिक दवा सूमो टेबलेट (बैच नंबर एलएफटी 210736) का नमूना भरा था। इसे जांच के लिए लैब भेजा गया, जहां वह अधोमानक पाया गया।
लैब विश्लेषक के मुताबिक, इस दवा में पैरासिटामोल की मात्रा 325 एमजी के सापेक्ष 280 एमजी मिली है और दूसरे घटक निमेसुलाइड की मात्रा 100 एमजी के सापेक्ष 81 एमजी मिली है। इससे मरीजों को लाभनहीं होगा। ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, एंटीपायरेटिक दवाएं शरीर में तापमान को कंट्रोल करके नार्मल करने का कार्य करती हैं। शरीर दर्द को कंट्रोल करने में निमेसुलाइड की भूमिका है। इसलिए बुखार व शरीर दर्द के रोगियों को यह दवा दी जाती है। दवा में निर्धारित मात्रा में संबंधित तत्व न होने से मरीजों को इसके सेवन से नुकसान भले न हो, लेकिन समय से फायदा भी नहीं होगा। लिहाजा ड्रग एक्ट के तहत दवा निर्माता लाइफ फोर्ड हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड हरिद्वार व कक्कड़ एंड कंपनी अस्पताल रोड लखीमपुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर निर्माता कंपनी व विक्रेता के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
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ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बताया कि सूमो टेबलेट में पैरासिटामोल और निमेसुलाइड की मात्रा निर्धारित मात्रा से कम पाई गई है, जिससे दवा को अधोमानक करार दिया गया है। नोटिस के माध्यम से इसकी बिक्री को रोकने के निर्देश दिए हैं और जवाब मांगा है। इसके बाद आयुक्त से अनुमति लेकर सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।
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दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को औषधि विभाग ने जारी किया नोटिस
लखीमपुर खीरी। एंटीपायरेटिक टेबलेट सूमो का जांच में नमूना फेल होने पर दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस जारी किया गया है। टेबलेट में पैरासिटामोल और निमेसुलाइड की मात्रा कम मिलने पर लैब जांच में इसको अधोमानक करार दिया गया है। नमूना फेल होने पर ड्रग इंस्पेक्टर (डीआई) सुनील रावत ने हरिद्वार की दवा निर्माता लाइफ फोर्ड हेल्थकेयर और विक्रेता कक्कड़ एंड कंपनी लखीमपुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा। वहीं डीआई ने इस दवा की बिक्री प्रतिबंधित कर दी है।
जिला अस्पताल रोड पर स्थित कक्कड़ एंड कंपनी से 22 अक्तूबर 2021 को ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बुखार में दी जाने वाली एंटीपायरेटिक दवा सूमो टेबलेट (बैच नंबर एलएफटी 210736) का नमूना भरा था। इसे जांच के लिए लैब भेजा गया, जहां वह अधोमानक पाया गया।
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लैब विश्लेषक के मुताबिक, इस दवा में पैरासिटामोल की मात्रा 325 एमजी के सापेक्ष 280 एमजी मिली है और दूसरे घटक निमेसुलाइड की मात्रा 100 एमजी के सापेक्ष 81 एमजी मिली है। इससे मरीजों को लाभनहीं होगा। ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, एंटीपायरेटिक दवाएं शरीर में तापमान को कंट्रोल करके नार्मल करने का कार्य करती हैं। शरीर दर्द को कंट्रोल करने में निमेसुलाइड की भूमिका है। इसलिए बुखार व शरीर दर्द के रोगियों को यह दवा दी जाती है। दवा में निर्धारित मात्रा में संबंधित तत्व न होने से मरीजों को इसके सेवन से नुकसान भले न हो, लेकिन समय से फायदा भी नहीं होगा। लिहाजा ड्रग एक्ट के तहत दवा निर्माता लाइफ फोर्ड हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड हरिद्वार व कक्कड़ एंड कंपनी अस्पताल रोड लखीमपुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर निर्माता कंपनी व विक्रेता के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
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ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बताया कि सूमो टेबलेट में पैरासिटामोल और निमेसुलाइड की मात्रा निर्धारित मात्रा से कम पाई गई है, जिससे दवा को अधोमानक करार दिया गया है। नोटिस के माध्यम से इसकी बिक्री को रोकने के निर्देश दिए हैं और जवाब मांगा है। इसके बाद आयुक्त से अनुमति लेकर सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।