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मानसिक रूप से बीमार युवती को छोड़ भागा एंबुलेंस स्टाफ
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी स्टाफ ने वार्ड में भर्ती कर शुरू कराया इलाज
लखीमपुर खीरी। एंबुलेंस स्टाफ के कंधों पर लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी है। मगर स्टाफ के कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों को भी ईमानदारी से निर्वहन न कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एक ऐसा ही मामला रविवार को जिला अस्पताल में उस समय देखने को मिला जब 108 एंबुलेंस स्टाफ एक मानसिक रूप से बीमार युवती को इमरजेंसी में भर्ती कराए बिना सीएमएस कार्यालय के सामने छोड़कर चला गया। हालांकि इमरजेंसी स्टाफ ने युवती को वार्ड में भरकर इलाज शुरू कराया।
रविवार की सुबह जिला अस्पताल में सीएमएस ऑफिस के सामने एक युवती पड़ी मिली, जिसे मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा था। अस्पताल स्टाफ ने बताया 108 एंबुलेंस इसे लेकर आया था, लेकिन भर्ती कराए बिना छोड़कर चला गया। अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने एक युवती को बेसुध पड़ा देखकर लोगों ने इसकी सूचना सीएमएस को दी। इसके बाद इमरजेंसी स्टाफ ने युवती को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।
जो मरीज एंबुलेंस से आता है, उसे भर्ती कराने की जिम्मेदारी उसके स्टाफ की ही होती है। यदि एंबुलेंस स्टाफ युवती को इस तरह छोड़कर चला गया है तो यह गैरजिम्मेदाराना रवैया है। इस मामले में एंबुलेंस कर्मियों से जवाब तलब होगा।
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- डॉ आरसी अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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लखीमपुर खीरी। एंबुलेंस स्टाफ के कंधों पर लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी है। मगर स्टाफ के कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों को भी ईमानदारी से निर्वहन न कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एक ऐसा ही मामला रविवार को जिला अस्पताल में उस समय देखने को मिला जब 108 एंबुलेंस स्टाफ एक मानसिक रूप से बीमार युवती को इमरजेंसी में भर्ती कराए बिना सीएमएस कार्यालय के सामने छोड़कर चला गया। हालांकि इमरजेंसी स्टाफ ने युवती को वार्ड में भरकर इलाज शुरू कराया।
रविवार की सुबह जिला अस्पताल में सीएमएस ऑफिस के सामने एक युवती पड़ी मिली, जिसे मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा था। अस्पताल स्टाफ ने बताया 108 एंबुलेंस इसे लेकर आया था, लेकिन भर्ती कराए बिना छोड़कर चला गया। अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने एक युवती को बेसुध पड़ा देखकर लोगों ने इसकी सूचना सीएमएस को दी। इसके बाद इमरजेंसी स्टाफ ने युवती को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।
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जो मरीज एंबुलेंस से आता है, उसे भर्ती कराने की जिम्मेदारी उसके स्टाफ की ही होती है। यदि एंबुलेंस स्टाफ युवती को इस तरह छोड़कर चला गया है तो यह गैरजिम्मेदाराना रवैया है। इस मामले में एंबुलेंस कर्मियों से जवाब तलब होगा।
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- डॉ आरसी अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल