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अनजानों से आज खून का रिश्ता जोड़ेगा अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। विश्व रक्तदाता दिवस पर अनजानों से खून का रिश्ता अमर उजाला जोड़ेगा। आज के दिन कोई भी एक यूनिट रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचाकर उसके परिवारवालों की चेहरों पर खुशियां लाने का काम कर सकता है। एक यूनिट रक्त का दान कर चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। एक यूनिट यानी 200 मिलीलीटर रक्त देने से रक्तदाता के शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना है। ऐसा करके शरीर को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। इसलिए 14 जून को अमर उजाला फाउंडेशन भारत विकास परिषद और जिला प्रशासन के सहयोग से जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। इसमें कोई भी आकर रक्तदान करके जरूरतमंद की जान बचाने की पुण्य का साथी बन सकता है।
विश्व रक्तदान दिवस पर युवाओं से आह्वान है कि आगे आकर रक्तदान कर जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में सहयोग करें।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
रक्तदान सबसे बड़ा दान है। एक यूनिट रक्त देकर किसी के परिवार में खुशियां लाई जा सकती है। इसलिए सभी लोग जागरूक होकर रक्तदान अवश्य करें।
- पूनम, पुलिस अधीक्षक
मैं निरंतर रक्तदान करता आ रहा हूं। इससे शरीर में कोई कमी नहीं आती है। जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए सभी को हर तीन माह के अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
यदि हमारे एक यूनिट खून देने से किसी की जान बच सकती है तो इससे बेहतर कोई पुण्य नहीं है। संस्था इस नेककाम में सहयोग करती आई है और सदैव करती रहेगी।
मानवेंद्र सिंह
अध्यक्ष, भारत विकास परिषद
संस्था का उद्देश्य समाज की सेवा करना है। किसी जरूरतमंद की जान बचाकर उसके परिवार वालों के चेहरे पर खुशियां लानो से बेहतर कोई समाज सेवा हो ही नहीं सकती।
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- अनिल शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष भारत विकास परिषद
नियमित रक्तदान बीमारियों से करता है बचाव
ब्लडबैंक काउंसलर रति वर्मा बताती हैं कि एक यूनिट रक्तदान करने के 24 घंटे के भीतर ही इसकी कमी पूरी हो जाती है। 18 से 60 साल की उम्र के लोग हर तीन माह के अंतराल कर रक्तदान कर सकते हैं। इसके लिए शरीर का वजन 45 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए। रक्तदान करने के बाद होने वाली जांच से शरीर की स्थिति का पता लग जाता है। हार्ट अटैक, कैंसर आदि बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।
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विश्व रक्तदान दिवस पर युवाओं से आह्वान है कि आगे आकर रक्तदान कर जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में सहयोग करें।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
रक्तदान सबसे बड़ा दान है। एक यूनिट रक्त देकर किसी के परिवार में खुशियां लाई जा सकती है। इसलिए सभी लोग जागरूक होकर रक्तदान अवश्य करें।
- पूनम, पुलिस अधीक्षक
मैं निरंतर रक्तदान करता आ रहा हूं। इससे शरीर में कोई कमी नहीं आती है। जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए सभी को हर तीन माह के अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए।
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- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
यदि हमारे एक यूनिट खून देने से किसी की जान बच सकती है तो इससे बेहतर कोई पुण्य नहीं है। संस्था इस नेककाम में सहयोग करती आई है और सदैव करती रहेगी।
मानवेंद्र सिंह
अध्यक्ष, भारत विकास परिषद
संस्था का उद्देश्य समाज की सेवा करना है। किसी जरूरतमंद की जान बचाकर उसके परिवार वालों के चेहरे पर खुशियां लानो से बेहतर कोई समाज सेवा हो ही नहीं सकती।
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- अनिल शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष भारत विकास परिषद
नियमित रक्तदान बीमारियों से करता है बचाव
ब्लडबैंक काउंसलर रति वर्मा बताती हैं कि एक यूनिट रक्तदान करने के 24 घंटे के भीतर ही इसकी कमी पूरी हो जाती है। 18 से 60 साल की उम्र के लोग हर तीन माह के अंतराल कर रक्तदान कर सकते हैं। इसके लिए शरीर का वजन 45 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए। रक्तदान करने के बाद होने वाली जांच से शरीर की स्थिति का पता लग जाता है। हार्ट अटैक, कैंसर आदि बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।