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Lakhimpur Kheri News: बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट, मुर्गी फार्म की निगरानी शुरू
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लखीमपुर खीरी। गोरखपुर चिड़ियाघर में बाघिन में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुर्गी फार्मों की जांच शुरू करने के साथ ही गो-आश्रय स्थलों की साफ-सफाई व्यवस्था चाकचौबंद करने का काम शुरू हो गया है।
निगरानी के लिए सभी टीमों को सतर्क कर दिया गया है, ताकि अगर कहीं कोई संदिग्ध मामला सामने आता तो उसकी जांच कराई जा सके। हालांकि जिले में अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
जिले में 140 गो संरक्षण केंद्र हैं, जिसमें करीब 34,500 पशु संरक्षित हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मुर्गी फार्म हैं, जिनकी निगरानी शुरू कर दी गई है। पशु विभाग में तैनात 18 चिकित्सकों के साथ ही अन्य स्टाफ की टीमें लगाई गई हैं।
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यह टीमें सरकारी व प्राइवेट पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण करेंगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. दिनेश कुमार सचान बताया कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ ब्लाॅक स्तर पर निगरानी शुरू कर दी गई है।
बर्ड फ्लू की आशंका और पक्षियों के मरने की सूचना पर पशु चिकित्सक तत्काल पहुंचेगे। हालांकि अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है, फिर भी सतर्कता जरूरी है। पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को बर्ड फ्लू रोग के संबंध में अवगत कराया जा रहा है।
इंसानों तक पहुंचता है बर्ड फ्लू का खतराः मुर्गियों में यह वायरस तेजी से फैलता हैं। संक्रमित पक्षी अपने लार, बलगम और मल में बर्ड फ्लू वायरस छोड़ते हैं। इससे यह हवा में तेजी से फैलता है। पशु इन्फ्लुएंजा वायरस के संपर्क में आने से मनुष्यों में संक्रमण और बीमारी हो सकती है। इसमें फ्लू जैसे लक्षण या आंखों में सूजन से लेकर गंभीर, तीव्र श्वसन रोग या मृत्यु तक हो सकती है।
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निगरानी के लिए सभी टीमों को सतर्क कर दिया गया है, ताकि अगर कहीं कोई संदिग्ध मामला सामने आता तो उसकी जांच कराई जा सके। हालांकि जिले में अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
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जिले में 140 गो संरक्षण केंद्र हैं, जिसमें करीब 34,500 पशु संरक्षित हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मुर्गी फार्म हैं, जिनकी निगरानी शुरू कर दी गई है। पशु विभाग में तैनात 18 चिकित्सकों के साथ ही अन्य स्टाफ की टीमें लगाई गई हैं।
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यह टीमें सरकारी व प्राइवेट पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण करेंगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. दिनेश कुमार सचान बताया कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ ब्लाॅक स्तर पर निगरानी शुरू कर दी गई है।
बर्ड फ्लू की आशंका और पक्षियों के मरने की सूचना पर पशु चिकित्सक तत्काल पहुंचेगे। हालांकि अभी तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है, फिर भी सतर्कता जरूरी है। पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को बर्ड फ्लू रोग के संबंध में अवगत कराया जा रहा है।
इंसानों तक पहुंचता है बर्ड फ्लू का खतराः मुर्गियों में यह वायरस तेजी से फैलता हैं। संक्रमित पक्षी अपने लार, बलगम और मल में बर्ड फ्लू वायरस छोड़ते हैं। इससे यह हवा में तेजी से फैलता है। पशु इन्फ्लुएंजा वायरस के संपर्क में आने से मनुष्यों में संक्रमण और बीमारी हो सकती है। इसमें फ्लू जैसे लक्षण या आंखों में सूजन से लेकर गंभीर, तीव्र श्वसन रोग या मृत्यु तक हो सकती है।