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शराब से लगता है बाबा नरसिंह का भोग            

Fri, 28 Jul 2017 10:37 PM IST
कामता सिंह कुशवाहा।              गोला गोकर्णनाथ।
कामता सिंह कुशवाहा।              गोला गोकर्णनाथ। Updated Fri, 28 Jul 2017 10:37 PM IST
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Alcohol seems to benefit Baba Narasimha
सिद्ध स्थान - फोटो : अमर उजाला
पूजा के बाद प्रसाद में रूप में शराब पीते हैं भक्त            
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भगवान भोले के भक्तों को गांजा, भांग, शराब पीते तो सुना होगा लेकिन नगर से चार किमी दूर अहमदनगर में एक सिद्ध स्थान ऐसा है जहां मनौती पूर्ण होने पर शराब चढ़ाई जाती है और भक्त उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।             
गोला से चार किमी दूर गोला खुटार मार्ग पर ग्राम अहमदनगर में बाबा क्लेशहरण मंदिर से सटी नरसिंह बाबा की मठिया है, जहां पर उनकी पूजा में फल, फूल, दूध, मिठाई नहीं बल्कि दारू चढ़ाई जाती है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से मनौती मानता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। किंतु मनोकामना पूर्ण होने के बाद प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आई है।             
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गांव के कई बुजुर्ग बताते हैं कि बाबा क्लेशहरण मंदिर से सटी यह मठिया भी पौराणिक है जहां शराब से पूजा का चलन बना है। एक तरफ भोले भंडारी को भांग, गांजा, धतूरा, बेलपत्र, दूध, पुष्प और प्रसाद चढ़ाया जाता है तो दूसरी तरफ मंदिर से सटी नरसिंह बाबा को शराब अर्पित की जाती है।            
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ऐसा नहीं है कि इन्हें सिर्फ हिंदू ही मानते हैं मुस्लिम समाज के लोग भी इनके कायल है। गांव के पूर्व प्रधान हजरत अली मंसूरी ने आस्था से प्रभावित होकर मंदिर जाने वाले मार्ग पर विशाल गेट बनवाया, जिसकी काफी दिनों तक क्षेत्र में चर्चा होती रही।            

 
काफी पुरानी है मठिया            
 
बाबा क्लेशहरण मंदिर के पुजारी विश्नू गिरि का कहना है कि नरसिंह बाबा की मठिया उतनी ही पुरानी है जितना क्लेशहरण मंदिर। बताते हैं कि शराब चढ़ाने का सिलसिला कब शुरू हुआ यह उन्हें नहीं पता। हां इतना पता है कि जो भी यहां क्लेशहरण की पूजा करने आता है वह बाबा नरसिंह को शराब चढ़ाना नहीं भूलता। बताया कि दलेल गिरि बाबा नरसिंह के जमाने में यहां अखाड़ा चलता था, ब्रह्मचारी बाबा यहां कुटी बनाकर रहते थे। जहां दंगल में भाग लेने दूर दराज से पहलवान आते थे किंतु कोई बाबा से जीतकर नहीं गया। अषाढ़ी और नागपंचमी पर उनके विशेष पूजन में मदिरा चढ़ाई जाती है।
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