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रसूखदारों को मिल रही खाद..छोटे किसान दो दिन से लाइन में
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गुलरिया। पड़रिया तुला सहकारी समिति पर यूरिया खाद आने की सूचना पर क्षेत्र के तमाम किसान एकत्र हो गए। पहले खाद लेने की मारामारी में गेट पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। समिति पर सैनिटाइजर की भी कोई व्यवस्था नहीं देखी गई। खाद लेने वाले परेशान होते रहे। रसूखदार किसानों को अधिक खाद दिए जाने से जहां छोटे किसान एक बोरी खाद के लिए दो दिन से लाइन में लगने के बाद भी वंचित रह गए।
यूरिया खाद की समूचे जिले में एक सप्ताह से कमी बनी है। किसान अपने क्षेत्र की सहकारी समिति की खाद पर विश्वास होने से समितियों से ही खाद खरीदते हैं। समिति पर खाद लेने आए छोटे और मझोले किसानों का कहना है कि वह लाइन में लगे रहते हैं और क्षेत्र के प्रभावशाली, पहुंच वाले किसानों को समिति कार्यालय के अंदर बुलाकर पर्याप्त यूरिया दे दी गई, जिससे गरीब किसान इस भीषण गर्मी में भूखा, प्यासा तड़फता रहा।
समिति पर भीड़ की अधिकता से लॉकडाउन की धज्जियां उड़ती रहीं। सैनिटाइजर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। समिति के सचिव रामसिंह यादव ने बताया कि कुछ बड़े काश्तकार पुराने लिए हुए ऋण का पैसा जमा कराने आए थे, जिसको उन लोगों ने समझ लिया यह लोग खाद लेने आए हैं।जबकि ऐसा नहीं है सभी लोगों को नियमानुसार वितरण किया जा रहा है।
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संचालक मंडल के अध्यक्ष संजय गिरि ने किसानों की समस्या पर समिति पहुंचकर आवश्यकता के अनुरूप किसानों को खाद वितरण की सूची बनवाई। उस हिसाब से खाद दी गई। उन्होंने किसानों से कहा कि पुराना ऋण जमा करो, नए ऋण में खाद ले जाओ। जब पुराना ऋण जमा नहीं होगा तो नया ऋण, खाद नहीं दे पाएंगे।
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यूरिया खाद की समूचे जिले में एक सप्ताह से कमी बनी है। किसान अपने क्षेत्र की सहकारी समिति की खाद पर विश्वास होने से समितियों से ही खाद खरीदते हैं। समिति पर खाद लेने आए छोटे और मझोले किसानों का कहना है कि वह लाइन में लगे रहते हैं और क्षेत्र के प्रभावशाली, पहुंच वाले किसानों को समिति कार्यालय के अंदर बुलाकर पर्याप्त यूरिया दे दी गई, जिससे गरीब किसान इस भीषण गर्मी में भूखा, प्यासा तड़फता रहा।
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समिति पर भीड़ की अधिकता से लॉकडाउन की धज्जियां उड़ती रहीं। सैनिटाइजर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। समिति के सचिव रामसिंह यादव ने बताया कि कुछ बड़े काश्तकार पुराने लिए हुए ऋण का पैसा जमा कराने आए थे, जिसको उन लोगों ने समझ लिया यह लोग खाद लेने आए हैं।जबकि ऐसा नहीं है सभी लोगों को नियमानुसार वितरण किया जा रहा है।
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संचालक मंडल के अध्यक्ष संजय गिरि ने किसानों की समस्या पर समिति पहुंचकर आवश्यकता के अनुरूप किसानों को खाद वितरण की सूची बनवाई। उस हिसाब से खाद दी गई। उन्होंने किसानों से कहा कि पुराना ऋण जमा करो, नए ऋण में खाद ले जाओ। जब पुराना ऋण जमा नहीं होगा तो नया ऋण, खाद नहीं दे पाएंगे।