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बारिश के बाद यूरिया की किल्लत निकालेगी आंसू
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लखीमपुर खीरी। इस महीने पहली बार रविवार को अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। अब यूरिया की मांग बढ़ेगी, जो कि समितियों के पास लंबे समय से नहीं है। ऐसे में प्राइवेट दुकानों पर महंगी यूरिया खरीदने का दबाव किसानों के आंसू निकाल सकता है। हालांकि एआर कोआपरेटिव का दावा है कि जल्द ही समितियों में यूरिया उपलब्ध होगी।
जुलाई में सूखे जैसे हालात बन रहे थे, लेकिन रविवार को हुई बारिश से खेतों में पानी लबालब भर गया। इससे धान की रोपाई में तेजी आएगी। साथ ही जिन खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है, उनमें किसान यूरिया डालेंगे। इसके अलावा गन्ने की फसल में भी यूरिया डाली जाएगी। पिछले महीने जून में भी यूरिया की किल्लत का सामना करना पड़ा था। इस बार भी वैसे ही हालात हैं, क्योंकि काफी समितियों में यूरिया उपलब्ध नहीं है तो वहीं प्राइवेट दुकानों पर निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये प्रति बोरी के बजाय 350 से 370 रुपये में यूरिया बेची जा रही है।
ओवररेटिंग की जिला कृषि अधिकारी की जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। इन्हीं आरोपों की पुष्टि के बाद महेवागंज स्थित दो थोक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। उधर, एआर कोआपरेटिव सूर्य नरायण मिश्रा ने बताया कि पांच रैक यूरिया मिलने वाली है, जिससे समितियों में यूरिया का किल्लत नहीं होगी।
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जनपद में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। ओवररेटिंग की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जा चुकी है। यदि कोई दुकानदार ओवररेटिंग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- योगेश प्रताप सिंह, उप कृषि निदेशक
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जुलाई में सूखे जैसे हालात बन रहे थे, लेकिन रविवार को हुई बारिश से खेतों में पानी लबालब भर गया। इससे धान की रोपाई में तेजी आएगी। साथ ही जिन खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है, उनमें किसान यूरिया डालेंगे। इसके अलावा गन्ने की फसल में भी यूरिया डाली जाएगी। पिछले महीने जून में भी यूरिया की किल्लत का सामना करना पड़ा था। इस बार भी वैसे ही हालात हैं, क्योंकि काफी समितियों में यूरिया उपलब्ध नहीं है तो वहीं प्राइवेट दुकानों पर निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये प्रति बोरी के बजाय 350 से 370 रुपये में यूरिया बेची जा रही है।
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ओवररेटिंग की जिला कृषि अधिकारी की जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। इन्हीं आरोपों की पुष्टि के बाद महेवागंज स्थित दो थोक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। उधर, एआर कोआपरेटिव सूर्य नरायण मिश्रा ने बताया कि पांच रैक यूरिया मिलने वाली है, जिससे समितियों में यूरिया का किल्लत नहीं होगी।
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जनपद में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। ओवररेटिंग की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जा चुकी है। यदि कोई दुकानदार ओवररेटिंग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- योगेश प्रताप सिंह, उप कृषि निदेशक