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Lakhimpur Kheri News: मेड़बंदी गिराए जाने के बाद किया यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

Sat, 16 Nov 2024 12:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 12:35 AM IST
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After the embankment was demolished, an order was given to maintain the status quo
ग्राम बंजरिया में अपने खेत में गिरे हुए पिलर दिखाते पीड़ित विश्वेश्वर दयाल। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले के चर्चित भूमि पैमाइश के जिस मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय अधिकारी एक स्टे होने बात कहते हुए सफाई दे रहे हैं, उसमें भी पेंच है। पीड़ित विश्वेश्वर दयाल के वाद दायर करने के पांच साल बाद प्रशासन ने पैमाइश करके जो मेड़बंदी कराई थी, उसे गिराने के दो दिन बाद ही विपक्षी लखनऊ मंडल के अपर आयुक्त द्वितीय की कोर्ट में वाद दायर करते हैं। वाद को स्वीकार करते हुए कोर्ट 19 दिन बाद यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित कर देती है। ये सब तब हुआ, जब इस मामले में विश्वेश्वर ने मेड़बंदी तोड़े जाने के दो दिन बाद ही डीएम को भी प्रार्थनापत्र दिया था।
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बंजरिया गांव के निवासी विश्वेश्वर दयाल की भूमि पैमाइश के मामले में ये बात शुरुआत से ही देखी जा सकती है कि राजस्व संबंधी मामलों में किस कदर प्रशासनिक लापरवाही होती है। 10 दिसंबर 2019 को विश्वेश्वर दयाल धारा 24 के तहत भूमि पैमाइश का वाद दायर करते हैं, जिस पर तकरीबन एक साल के बाद दो नवंबर 2020 को दोनों पक्षों को सीमांकन कराए जाने की सूचना दी जाती है।
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इसके बाद 11 जनवरी 2021 को दोनों पक्षों की मौजूदगी में सीमांकन हुआ। उसी दिन राजस्व निरीक्षक ने अपनी आख्या तहसीलदार को भेज दी। तहसीलदार ने 12 जनवरी 2021 को उसे अग्रसारित कर दिया। इसके करीब ढाई साल बाद 11 अगस्त 2023 को अतिरिक्त एसडीएम ने मामले में पक्की मेड़बंदी के आदेश दिए।
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आदेश के सात माह बाद हो पाई मेड़बंदी

भले ही अतिरिक्त एसडीएम ने 11 अगस्त 2023 को मेड़बंदी का आदेश दे दिया था, पर उसके अनुपालन में प्रशासन को सात माह का समय लग गया। 14 अप्रैल 2014 को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मेड़बंदी की जा सकी।



विपक्षियों ने 13 अप्रैल को तोड़ी मेड़बंदी, 15 अप्रैल को लखनऊ में कर दी अपील

अपने प्रकरण के संबंध में बंजरिया गांव के विश्वेश्वर दयाल ने कई कागज शुक्रवार को दिखाए। उनमें सबसे अहम अपर आयुक्त न्यायिक द्वितीय लखनऊ मंडल द्वारा चार मई 2024 को पारित आदेश रहा। ये वही आदेश है जिसकी दुहाई देकर अब अफसर सफाई दे रहे हैं। दरअसल, जाे मेड़बंदी 14 मार्च 2024 को की गई थी, उसे विपक्षियों ने 13 अप्रैल 2024 को तोड़ने के बाद 15 अप्रैल 2024 को अपर आयुक्त की कोर्ट में लखीमपुर के अतिरिक्त एसडीएम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के आदेश के विरुद्ध अपील दायर की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने चार मई 2024 को स्थगन आदेश दे दिया। ये सारी कार्यवाही तब हुई, जब एक तरफ 16 अगस्त 2023 को विपक्षियों ने भी अतिरिक्त एसडीएम की कोर्ट में वाद दायर प्रार्थनापत्र दिया, जिसे कोर्ट ने एक अप्रैल 2024 को स्वीकार कर लिया। वहीं दूसरी ओर मेड़बंदी तोड़े जाने के बाद 15 अप्रैल को ही विश्वेश्वर दयाल ने इस संबंध में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था।
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