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Lakhimpur Kheri News: जच्चा-बच्चा की मौत के बाद अस्पताल संचालक फरार, अधीक्षक ने जड़ा ताला
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ईसानगर कस्बे के इसी मकान में चल रहा था बिना रजिस्ट्रेशन फर्जी अस्पताल। स्रोत संवाद
धौरहरा। ईसानगर कस्बे के एक मकान में संचालित फर्जी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इसके बाद संचालक अपने कर्मचारियों सहित फरार हो गया। परिजनों ने इसकी सूचना सीएमओ को दी। सीएमओ के आदेश पर पहुंचे सीएचसी अधीक्षक खमरिया ने अस्पताल सील कर दिया।
ईसानगर कस्बे के कटौली बाइपास पर एक मकान में फर्जी अस्पताल चल रहा था। बुधवार को दोपहर एक आशा बहू ने प्रसूता को लखीमपुर प्रसव कराने की सलाह दी। बताते हैं जब प्रसूता सावित्री देवी (25) पत्नी रामसहाय निवासी त्रिकोलिया थाना ईसानगर को परिजन लखीमपुर ले जा रहे थे। तभी ईसानगर कस्बे में संचालित एक फर्जी अस्पताल के संचालक ने उसे रोक लिया और सस्ते में प्रसव कराने का झांसा देकर भर्ती कर लिया।
भर्ती के कुछ देर बाद ही प्रसव पीड़ा से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इससे परिवार वाले हंगामा करने लगे और इसकी सूचना सीएमओ को दी। इधर संचालक अपने अस्पताल में बाहर से ताला डालकर कर्मचारियों सहित फरार हो गया। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक खमरिया डॉ. अमित कुमार सिंह को मौके पर भेजा। अधीक्षक ने मौके पर जाकर उस मकान में ताला लगाकर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी।
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जब मैं पहुंचा तो मकान के बाहर ताला लगा था। मकान में कोई अस्पताल का बोर्ड भी नहीं था। मौके पर कोई नहीं मिला। पड़ोसियों से पूछताछ के बाद मकान में ताला लगाकर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है।
डाॅ. अमित कुमार सिंह, सीएचसी अधीक्षक, खमरिया
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ईसानगर और धौरहरा कस्बे में फैला है फर्जी अस्पतालों का मकड़जाल
कस्बा सहित, ईसानगर व खमरिया में फर्जी अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली से यह फर्जी अस्पताल भोले-भाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे।
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कमीशन के लिए फर्जी अस्पतालों तक प्रसूता को लाती हैं आशा कार्यकर्ता
धौरहरा कस्बे सहित ईसानगर व खमरिया में संचालित कुछ चुनिंदा फर्जी अस्पतालों तक प्रसूता को पहुंचाने का काम क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता करती हैं। सूत्रों की मानें तो आशा कार्यकर्ताओं को सामान्य प्रसव पर दो हजार और ऑपरेशन पर पांच हजार रुपये तक का कमीशन संचालक द्वारा दिया जाता है।
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ईसानगर कस्बे के कटौली बाइपास पर एक मकान में फर्जी अस्पताल चल रहा था। बुधवार को दोपहर एक आशा बहू ने प्रसूता को लखीमपुर प्रसव कराने की सलाह दी। बताते हैं जब प्रसूता सावित्री देवी (25) पत्नी रामसहाय निवासी त्रिकोलिया थाना ईसानगर को परिजन लखीमपुर ले जा रहे थे। तभी ईसानगर कस्बे में संचालित एक फर्जी अस्पताल के संचालक ने उसे रोक लिया और सस्ते में प्रसव कराने का झांसा देकर भर्ती कर लिया।
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भर्ती के कुछ देर बाद ही प्रसव पीड़ा से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इससे परिवार वाले हंगामा करने लगे और इसकी सूचना सीएमओ को दी। इधर संचालक अपने अस्पताल में बाहर से ताला डालकर कर्मचारियों सहित फरार हो गया। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक खमरिया डॉ. अमित कुमार सिंह को मौके पर भेजा। अधीक्षक ने मौके पर जाकर उस मकान में ताला लगाकर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी।
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जब मैं पहुंचा तो मकान के बाहर ताला लगा था। मकान में कोई अस्पताल का बोर्ड भी नहीं था। मौके पर कोई नहीं मिला। पड़ोसियों से पूछताछ के बाद मकान में ताला लगाकर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है।
डाॅ. अमित कुमार सिंह, सीएचसी अधीक्षक, खमरिया
ईसानगर और धौरहरा कस्बे में फैला है फर्जी अस्पतालों का मकड़जाल
कस्बा सहित, ईसानगर व खमरिया में फर्जी अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली से यह फर्जी अस्पताल भोले-भाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे।
कमीशन के लिए फर्जी अस्पतालों तक प्रसूता को लाती हैं आशा कार्यकर्ता
धौरहरा कस्बे सहित ईसानगर व खमरिया में संचालित कुछ चुनिंदा फर्जी अस्पतालों तक प्रसूता को पहुंचाने का काम क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता करती हैं। सूत्रों की मानें तो आशा कार्यकर्ताओं को सामान्य प्रसव पर दो हजार और ऑपरेशन पर पांच हजार रुपये तक का कमीशन संचालक द्वारा दिया जाता है।