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Lakhimpur Kheri News: पति की मौत के बाद मां और चार बच्चों के सामने रोटी का संकट
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मालती देवी अपने झोपड़ी वाले घर में चार बच्चों के साथ।स्रोत जागरूक ग्रामीण
लखीमपुर/बिजुआ। जीरो पावर्टी योजना का लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रहा है। गांव बेलवा मलूकापुर निवासी एक बेवा इसका उदाहरण। पति की मौत के बाद जहां उसे डेढ़ माह से राशन नहीं मिला है। वहीं पति के जीवनकाल में ही उसे आवास का लाभ नहीं मिल सका। महिला अपने चार छोटे बच्चों को लेकर झोंपड़ी में रह रही है।
बिजुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत पड़रिया तुला (बेलवा मलूकापुर) की मालती देवी के पति भगवानदीन की डेढ़ माह पहले मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद मालती पर चार बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई। मौजूदा हालात इतने खराब हैं कि दो वक्त की रोटी का संकट है। जब पति जिंदा थे तो उस दौरान राशन कार्ड पर सरकारी राशन मिल जाता था, लेकिन पति की मौत के बाद वह भी मिलना बंद हो गया है।
बताते हैं कि भगवानदीन गौतम के नाम एक यूनिट का अन्त्योदय कार्ड था, जिस पर 35 किलो राशन मिलता था। भगवानदीन की मौत होने पर वह राशन कार्ड कट गया। उधर, प्रधान विनीत कुमार और सचिव गोल्डी से कई बार महिला गुहार लगा चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
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पूर्ति निरीक्षक देवेश भारती ने कहा कि भगवानदीन के नाम यदि अंत्योदय कार्ड था तो उनकी मौत होने के बाद पत्नी को एक प्रार्थना देना होगा, जिससे राशन कार्ड इनके नाम कराया जा सके। यहां बता दें कि महिला के परिवार को आवास का भी लाभ नहीं मिल सका है। महिला अपने पुत्र मोहित (7), पुत्री रितु (10), ज्योति (9) एवं काजल (12) के साथ गत सालों से छप्पर और पन्नी डालकर गरीबी के दिन गुजार रही है।
इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो क्षेत्रीय लेखपाल को भेजकर मामले की जानकारी कराकर योजनाओं का लाभ दिलवाया जाएगा। -विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम गोला
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बिजुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत पड़रिया तुला (बेलवा मलूकापुर) की मालती देवी के पति भगवानदीन की डेढ़ माह पहले मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद मालती पर चार बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई। मौजूदा हालात इतने खराब हैं कि दो वक्त की रोटी का संकट है। जब पति जिंदा थे तो उस दौरान राशन कार्ड पर सरकारी राशन मिल जाता था, लेकिन पति की मौत के बाद वह भी मिलना बंद हो गया है।
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बताते हैं कि भगवानदीन गौतम के नाम एक यूनिट का अन्त्योदय कार्ड था, जिस पर 35 किलो राशन मिलता था। भगवानदीन की मौत होने पर वह राशन कार्ड कट गया। उधर, प्रधान विनीत कुमार और सचिव गोल्डी से कई बार महिला गुहार लगा चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
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पूर्ति निरीक्षक देवेश भारती ने कहा कि भगवानदीन के नाम यदि अंत्योदय कार्ड था तो उनकी मौत होने के बाद पत्नी को एक प्रार्थना देना होगा, जिससे राशन कार्ड इनके नाम कराया जा सके। यहां बता दें कि महिला के परिवार को आवास का भी लाभ नहीं मिल सका है। महिला अपने पुत्र मोहित (7), पुत्री रितु (10), ज्योति (9) एवं काजल (12) के साथ गत सालों से छप्पर और पन्नी डालकर गरीबी के दिन गुजार रही है।
इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो क्षेत्रीय लेखपाल को भेजकर मामले की जानकारी कराकर योजनाओं का लाभ दिलवाया जाएगा। -विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम गोला