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Lakhimpur Kheri News: 49 हजार कम हुए प्रवेश...पुराने लक्ष्य तक भी पहुंचना मुश्किल
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शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा परिषद में स्कूल चलो अभियान चलाने के बावजूद प्रवेश का आंकड़ा पुराने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका है। गत वर्ष पंजीकृत छात्रों में 49 हजार प्रवेश छात्र संख्या कम रह गई। बीएसए का दावा है कि अवकाश के बाद स्कूल खुलने पर फिर से अभियान चलाकर छह से 14 वर्ष तक के बच्चों का दाखिला कराया जाएगा।
वर्ष 2024 में तीन लाख 30 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित थे। बच्चों की परीक्षा के बाद नया सत्र शुरू किया गया। इसमें बच्चाें को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया गया। बीएसए से लेकर शिक्षक तक गांवों में जाकर अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल भेजने और प्रवेश कराने की कवायद में जुटे।
इसके बावजूद पुराने लक्ष्य तक नामांकन की संख्या नहीं पहुंच सकी हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्कूलों में 37 हजार नए प्रवेश हुए हैं। विभाग अभी तक दो लाख 71 हजार ही प्रवेश कर पाया है। बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में स्कूलों में अवकाश चल रहा है। स्कूल खुलने पर फिर से अभियान चलाकर प्रवेश कराए जाएंगे। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा छूट नहीं पाए।
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बच्चों के प्रवेश नहीं होने के यह भी कारण
-परिषदीय स्कूलों में प्रवेश कम होने के दो कारण सामने आए हैं। शिक्षकों की मानें तो स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं कक्षा पांच के बाद निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए चले जाते हैं। इसी तरह कक्षा एक में प्रवेश के लिए छह साल की उम्र भी कम प्रवेश में प्रमुख बाधा बनकर सामने आई है।
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माध्यमिक में 30 हजार नए प्रवेश
बेसिक स्कूलों में जहां 37 हजार नए प्रवेश हुए हैं। वहीं, माध्यमिक स्कूलों में 30534 नए प्रवेश किए गए हैं। शिक्षक लगातार अभिभावकों से संपर्क में रहकर सरकारी योजनाओं को गिनाकर बच्चाें को प्रवेश कराने का प्रयास भी कर रहे हैं।
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वर्ष 2024 में तीन लाख 30 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित थे। बच्चों की परीक्षा के बाद नया सत्र शुरू किया गया। इसमें बच्चाें को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया गया। बीएसए से लेकर शिक्षक तक गांवों में जाकर अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल भेजने और प्रवेश कराने की कवायद में जुटे।
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इसके बावजूद पुराने लक्ष्य तक नामांकन की संख्या नहीं पहुंच सकी हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्कूलों में 37 हजार नए प्रवेश हुए हैं। विभाग अभी तक दो लाख 71 हजार ही प्रवेश कर पाया है। बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में स्कूलों में अवकाश चल रहा है। स्कूल खुलने पर फिर से अभियान चलाकर प्रवेश कराए जाएंगे। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा छूट नहीं पाए।
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बच्चों के प्रवेश नहीं होने के यह भी कारण
-परिषदीय स्कूलों में प्रवेश कम होने के दो कारण सामने आए हैं। शिक्षकों की मानें तो स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं कक्षा पांच के बाद निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए चले जाते हैं। इसी तरह कक्षा एक में प्रवेश के लिए छह साल की उम्र भी कम प्रवेश में प्रमुख बाधा बनकर सामने आई है।
माध्यमिक में 30 हजार नए प्रवेश
बेसिक स्कूलों में जहां 37 हजार नए प्रवेश हुए हैं। वहीं, माध्यमिक स्कूलों में 30534 नए प्रवेश किए गए हैं। शिक्षक लगातार अभिभावकों से संपर्क में रहकर सरकारी योजनाओं को गिनाकर बच्चाें को प्रवेश कराने का प्रयास भी कर रहे हैं।