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ब्लेड के तारों पर गिरकर बाइक सवार घायल
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बांकेगंज। कस्बा से सटे पसियापुर गांव की रोड पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया। इससे बाइक चालक रोड किनारे खेत में लगे ब्लेड के तारों की बाड़ पर गिर गया। जिससे उसके दाहिने पैर का आधे से अधिक हिस्सा कट गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया है।
रविवार दोपहर करीब तीन बजे मैलानी निवासी 27 वर्षीय युवक अजय कुमार बाइक पर सवार होकर बांकेगंज कस्बा से सटे पसियापुर गांव में रिश्तेदारी में आ रहा था। गांव से कुछ दूरी पर बाइक का संतुलन बिगड़ने से अजय लड़खड़ाकर रोड किनारे खेत में लगे ब्लेड के तारों पर गिर गया। जिससे उसके दाहिने पैर के घुटने का 70 फीसदी से अधिक कटने से वह लहूलुहान हो गया। सड़क पर जख्मी पड़े युवक को देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना 108 एंबुलेंस सहित उसके रिश्तेदारों को दी। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस और रिश्तेदारों ने उसे बांकेगंज सीएचसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसके प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
ब्लेड के तारों की बाड़ बन रही जानलेवा
जंगली और छुट्टा जानवरों से फसलों के बचाव को जंगल से सटे इलाके में खेतों के चारों ओर ब्लेड के तारों की बाड़ राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। रोड से सटे खेतों के किनारे गुजरने वाले बाइक और साइकिल सवार लोग संतुलन बिगड़ने से अक्सर तारों की बाड़ में उलझकर गिरने के बाद घायल हो रहे हैं। इससे फसलों का तो बचाव हो जाता है पर इंसानों की जान का खतरा बढ़ गया है।
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जानवरों से फसल बचाव के लिए लोग पहले कटीले तार लगाया करते थे। अब लोगों ने कटीले तारों की जगह ब्लेड वाले तार और बिजली चलित बाड़ लगाना शुरू कर दी है। जो जंगली और छुट्टा जानवरों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी जानलेवा बन रहे हैं। मैलानी से बांकेगंज रिश्तेदारी में आ रहा बाइक सवार युवक अजय कुमार भी इन्हीं ब्लेड के तारों की बाड़ में उलझकर बुरी तरह जख्मी हो गया।
खेतों की रखवाली के लिए ब्लेड तारों की बाड़ लगाने पर प्रतिबंध है। उच्च न्यायालय ने भी इसे संज्ञान में लिया है। इसके बावजूद ब्लेड वाले तारों की बाड़ लगाई जा रही है। जिले में जंगल किनारे के खेतों में लगी ब्लेड वायर बाड़ से कई दुर्घटनाएं होने के बाद भी अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई होने का कोई रिकार्ड नहीं है।
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रविवार दोपहर करीब तीन बजे मैलानी निवासी 27 वर्षीय युवक अजय कुमार बाइक पर सवार होकर बांकेगंज कस्बा से सटे पसियापुर गांव में रिश्तेदारी में आ रहा था। गांव से कुछ दूरी पर बाइक का संतुलन बिगड़ने से अजय लड़खड़ाकर रोड किनारे खेत में लगे ब्लेड के तारों पर गिर गया। जिससे उसके दाहिने पैर के घुटने का 70 फीसदी से अधिक कटने से वह लहूलुहान हो गया। सड़क पर जख्मी पड़े युवक को देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना 108 एंबुलेंस सहित उसके रिश्तेदारों को दी। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस और रिश्तेदारों ने उसे बांकेगंज सीएचसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसके प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
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ब्लेड के तारों की बाड़ बन रही जानलेवा
जंगली और छुट्टा जानवरों से फसलों के बचाव को जंगल से सटे इलाके में खेतों के चारों ओर ब्लेड के तारों की बाड़ राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। रोड से सटे खेतों के किनारे गुजरने वाले बाइक और साइकिल सवार लोग संतुलन बिगड़ने से अक्सर तारों की बाड़ में उलझकर गिरने के बाद घायल हो रहे हैं। इससे फसलों का तो बचाव हो जाता है पर इंसानों की जान का खतरा बढ़ गया है।
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जानवरों से फसल बचाव के लिए लोग पहले कटीले तार लगाया करते थे। अब लोगों ने कटीले तारों की जगह ब्लेड वाले तार और बिजली चलित बाड़ लगाना शुरू कर दी है। जो जंगली और छुट्टा जानवरों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी जानलेवा बन रहे हैं। मैलानी से बांकेगंज रिश्तेदारी में आ रहा बाइक सवार युवक अजय कुमार भी इन्हीं ब्लेड के तारों की बाड़ में उलझकर बुरी तरह जख्मी हो गया।
खेतों की रखवाली के लिए ब्लेड तारों की बाड़ लगाने पर प्रतिबंध है। उच्च न्यायालय ने भी इसे संज्ञान में लिया है। इसके बावजूद ब्लेड वाले तारों की बाड़ लगाई जा रही है। जिले में जंगल किनारे के खेतों में लगी ब्लेड वायर बाड़ से कई दुर्घटनाएं होने के बाद भी अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई होने का कोई रिकार्ड नहीं है।